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कचहरी में कार्य बहिष्कार, प्रतिभा को दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2016 02:15 AM IST
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judicial magistrate.
- फोटो : अमर उजाला
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बीते दिनों कानपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा गौतम की हत्या के विरोध में जिला एवं सत्र न्यायालय माती में गुरुवार को अधिवक्ता संगठन हड़ताल पर रहे। कार्य बहिष्कार करने के बाद अधिवक्ताओं ने न्यायिक अफसरों के साथ संयुक्त रूप से शोकसभा की।
एकीकृत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय, महामंत्री महेंद्र मोहन, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत सिंह यादव, महामंत्री अवधेश शुक्ला, पूर्व महामंत्री शैलेंद्र तिवारी आदि अधिवक्ताओं ने न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप रखा।
दोपहर 3 बजे जिला जज शशिकांत शुक्ला के चेंबर में अपर जिला जज प्रथम नवीन श्रीवास्तव, स्पेशल जज डकैती वृजेंद्र सिंह, सीजेएम विवेकानंद विश्वकर्मा, सिविल जज सीनियर डिवीजन अनिल कुमार समेत सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ ही दोनों अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारी व अधिवक्ता एकत्रित हुए।
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ॉइसके बाद शोकसभा में दो मिनट का मौन रखकर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा गौतम को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री अवधेश शुक्ला ने बताया कि महिला जज के शव को टेंपो में अपमानजनक तरीके से ले जाने के विरोध में मुख्यमंत्री व मुख्य न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय को ज्ञापन भेजा जाएगा।
14 व 15 अक्तूबर को भी इस घटना को लेकर न्यायिक कार्य से समस्त अधिवक्ता विरत रहेंगे और विरोध प्रदर्शित करेंगे। दोनों संगठनों के अध्यक्ष व महामंत्री शुक्रवार को प्रतिभा गौतम के पैतृक घर उरई जाकर उनके परिवारीजनों से मुलाकात करेंगे।
वहीं 15 अक्तूबर को अधिवक्ताओं का जर्नल हाउस बुलाकर इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
उधर इस मुद्दे पर कानपुर देहात बार एसोसिएशन ने भी नाराजगी जताई है। संस्थापक महामंत्री जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि उनके नेतृत्व में न्यायालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा की गई।
संजय सिंह सिसौदिया ने कहा कि एफआईआर में नामजद होने के बावजूद ससुर व सास की गिरफ्तारी न करना गलत है। एकीकृत बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम देव सिंह ने कहा कि मामले की विवेचना राजपत्रित पुलिस अधिकारी से करानी चाहिए।
इस मौके पर अभिजीत साहू, मनोज कुमार यादव, शशिभूषण सिंह चौहान, माधव कटियार, शैलेंद्र सिंह गौर, संदीप पांडेय, रवींद्र राठौर, राजकुमार पाल, इंद्रेश तिवारी, अभिषेक सिंह गौर, विनोद दिवाकर, महेंद्र सचान, उमेश सिंह राजावत, रीना कटियार, श्याम सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
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एकीकृत बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र पांडेय, महामंत्री महेंद्र मोहन, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत सिंह यादव, महामंत्री अवधेश शुक्ला, पूर्व महामंत्री शैलेंद्र तिवारी आदि अधिवक्ताओं ने न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप रखा।
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दोपहर 3 बजे जिला जज शशिकांत शुक्ला के चेंबर में अपर जिला जज प्रथम नवीन श्रीवास्तव, स्पेशल जज डकैती वृजेंद्र सिंह, सीजेएम विवेकानंद विश्वकर्मा, सिविल जज सीनियर डिवीजन अनिल कुमार समेत सभी न्यायिक अधिकारियों के साथ ही दोनों अधिवक्ता संगठनों के पदाधिकारी व अधिवक्ता एकत्रित हुए।
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ॉइसके बाद शोकसभा में दो मिनट का मौन रखकर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा गौतम को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री अवधेश शुक्ला ने बताया कि महिला जज के शव को टेंपो में अपमानजनक तरीके से ले जाने के विरोध में मुख्यमंत्री व मुख्य न्यायमूर्ति इलाहाबाद उच्च न्यायालय को ज्ञापन भेजा जाएगा।
14 व 15 अक्तूबर को भी इस घटना को लेकर न्यायिक कार्य से समस्त अधिवक्ता विरत रहेंगे और विरोध प्रदर्शित करेंगे। दोनों संगठनों के अध्यक्ष व महामंत्री शुक्रवार को प्रतिभा गौतम के पैतृक घर उरई जाकर उनके परिवारीजनों से मुलाकात करेंगे।
वहीं 15 अक्तूबर को अधिवक्ताओं का जर्नल हाउस बुलाकर इस मुद्दे पर कार्रवाई के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
उधर इस मुद्दे पर कानपुर देहात बार एसोसिएशन ने भी नाराजगी जताई है। संस्थापक महामंत्री जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि उनके नेतृत्व में न्यायालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा की गई।
संजय सिंह सिसौदिया ने कहा कि एफआईआर में नामजद होने के बावजूद ससुर व सास की गिरफ्तारी न करना गलत है। एकीकृत बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम देव सिंह ने कहा कि मामले की विवेचना राजपत्रित पुलिस अधिकारी से करानी चाहिए।
इस मौके पर अभिजीत साहू, मनोज कुमार यादव, शशिभूषण सिंह चौहान, माधव कटियार, शैलेंद्र सिंह गौर, संदीप पांडेय, रवींद्र राठौर, राजकुमार पाल, इंद्रेश तिवारी, अभिषेक सिंह गौर, विनोद दिवाकर, महेंद्र सचान, उमेश सिंह राजावत, रीना कटियार, श्याम सिंह यादव आदि मौजूद रहे।