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घाटमपुर रजबहा की पटरी फटने की जांच
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Sat, 21 Jan 2017 02:06 AM IST
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रजबहे की पटरी का जायजा लेते अधिकारी।
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मालवर गांव के पास से निकले घाटमपुर रजबहे की पटरी फटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न होने के मामले में शुक्रवार को उपकृषि निदेशक, एक्सईएन नलकूप सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों की टीम जांच के लिए गांव पहुंची। इस दौरान टीम ने रजबहे की फटी पटरी वाले स्थान व जलमग्न फसलों को जायजा लिया। साथ ही किसानों व सिंचाई विभाग के जेई का बयान दर्ज किया गया।
मंगलवार को घाटमपुर से बन्नाजाखा जाने वाले रजबहे की पटरी मालवर गांव के समीप फट गई थी। इससे किसानों की करीब 300 बीघा गेहूं, आलू, राई सहित अन्य फसलें जलमग्न हो गई थी। पानी गांव के घरों तक पहुंच गया था। इससे फसल सड़ने का खतरा मंडराने लगा था। किसानों की सूचना पर सिंचाई विभाग के जेई ने मौके पर पहुंच अस्थायी तौर पर पटरी को बंधवा दिया था।
शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ कृष्ण कुमार गुप्त ने उपकृषि निदेशक आरके तिवारी व एक्सईएन नलकूप डीके आर्या की जांच टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा। इस दौरान टीम के साथ पहुंचे जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन, भूमि संरक्षण अधिकारी शशिकेश सिंह ने भी पटरी फटने वाली जगह का जायजा लिया। किसानों ने जांच टीम को सिंचाई विभाग की ओर से खानापूरी कर बांधी गई पटरी व जलमग्न फसलें दिखाकर रोष जताया। जांच टीम ने वहीं मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई दिनेश चंद्र सहित पानी भरने से जलमग्न फसलों के खेत मालिकों व बटाईदारों के लिखित बयान दर्ज किए।
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वहीं, शुक्रवार को भी खेतों में लबालब पानी भरा रहा। इससे किसान पंपिंगसेट लगाकर पानी निकालते रहे। जबकि, रजबहा किनारे स्थित खेतों में पानी के साथ आई सिल्ट व बालू का ढेर अभी फसलों के ऊपर जमा हैं। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं।
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मंगलवार को घाटमपुर से बन्नाजाखा जाने वाले रजबहे की पटरी मालवर गांव के समीप फट गई थी। इससे किसानों की करीब 300 बीघा गेहूं, आलू, राई सहित अन्य फसलें जलमग्न हो गई थी। पानी गांव के घरों तक पहुंच गया था। इससे फसल सड़ने का खतरा मंडराने लगा था। किसानों की सूचना पर सिंचाई विभाग के जेई ने मौके पर पहुंच अस्थायी तौर पर पटरी को बंधवा दिया था।
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शुक्रवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ कृष्ण कुमार गुप्त ने उपकृषि निदेशक आरके तिवारी व एक्सईएन नलकूप डीके आर्या की जांच टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा। इस दौरान टीम के साथ पहुंचे जिला कृषि अधिकारी रामसजीवन, भूमि संरक्षण अधिकारी शशिकेश सिंह ने भी पटरी फटने वाली जगह का जायजा लिया। किसानों ने जांच टीम को सिंचाई विभाग की ओर से खानापूरी कर बांधी गई पटरी व जलमग्न फसलें दिखाकर रोष जताया। जांच टीम ने वहीं मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई दिनेश चंद्र सहित पानी भरने से जलमग्न फसलों के खेत मालिकों व बटाईदारों के लिखित बयान दर्ज किए।
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वहीं, शुक्रवार को भी खेतों में लबालब पानी भरा रहा। इससे किसान पंपिंगसेट लगाकर पानी निकालते रहे। जबकि, रजबहा किनारे स्थित खेतों में पानी के साथ आई सिल्ट व बालू का ढेर अभी फसलों के ऊपर जमा हैं। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं।