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मिलीभगत में फंसे डीसी, सेवा समाप्ति नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Feb 2017 01:34 AM IST
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राज्यपाल के हाथों डिग्री लेकर नियमित नौकरी और पढ़ाई साथ-साथ करने में फंसी मैथा की ब्लाक समन्वयक मामले में जिला समन्वयक की भी मिलीभगत सामने आई है। मुख्य विकास अधिकारी ने इसे साजिश माना है। मामले में बीएसए ने जिला समन्वयक को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस पर सीडीओ ने अपनी मुहर लगाई है।
बताते चलें कि गत पांच अक्तूबर 2016 में बैरी असई स्थित श्रीराम जानकी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक के हाथों एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाली लोक शिक्षा समिति अंतर्गत मैथा ब्लाक समन्वयक मोहिनी त्रिपाठी के खिलाफ रेगुलर नौकरी के दौरान एलएलबी की नियमित पढ़ाई करने की शिकायत हुई थी। मामले में तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने जांच की थी, जिसमें ब्लाक समन्वयक, एक बीईओ व महाविद्यालय के प्राचार्य को दोषी माना गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ ने ब्लाक समन्वयक से मानदेय वसूली और सरकारी सेवाओं के लिए काली सूची में डालने सहित दोषी मैथा ब्लाक के तत्कालीन बीईओ के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की थी।
इस मामले में लोक शिक्षा समिति सचिव बीएसए शाहीन ने मैथा ब्लाक समन्वयक की अनियमितता में जिला समन्वयक करुणा शंकर शुक्ला के शामिल होने की रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार जिला समन्वयक पर तथ्य छिपाने, उच्चाधिकारियों को उक्त ब्लाक समन्वयक की ओर से किए गए कृत्य की जानकारी न देने, मिलीभगत का आरोप लगाया है। बीएसए ने प्रकरण में दोषी मानते हुए अनुबंधोल्लंघन का संज्ञान लेकर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। जिसे सीडीओ ने स्वीकृति दे दी है।
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खास खबर-
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मिलीभगत में फंसे डीसी, सेवा समाप्ति नोटिस जारी
- राज्यपाल के हाथों डिग्री लेकर नौकरी व पढ़ाई में फंस चुकी हैं मैथा ब्लाक समन्वयक
- बीएसए की जांच में मिलीभगत की हुई थी पुष्टि, सीडीओ ने दी कार्रवाई की स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। राज्यपाल के हाथों डिग्री लेकर नियमित नौकरी और पढ़ाई साथ-साथ करने में फंसी मैथा की ब्लाक समन्वयक मामले में जिला समन्वयक की भी मिलीभगत सामने आई है। मुख्य विकास अधिकारी ने इसे साजिश माना है। मामले में बीएसए ने जिला समन्वयक को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस पर सीडीओ ने अपनी मुहर लगाई है।
बताते चलें कि गत पांच अक्तूबर 2016 में बैरी असई स्थित श्रीराम जानकी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक के हाथों एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाली लोक शिक्षा समिति अंतर्गत मैथा ब्लाक समन्वयक मोहिनी त्रिपाठी के खिलाफ रेगुलर नौकरी के दौरान एलएलबी की नियमित पढ़ाई करने की शिकायत हुई थी। मामले में तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने जांच की थी, जिसमें ब्लाक समन्वयक, एक बीईओ व महाविद्यालय के प्राचार्य को दोषी माना गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ ने ब्लाक समन्वयक से मानदेय वसूली और सरकारी सेवाओं के लिए काली सूची में डालने सहित दोषी मैथा ब्लाक के तत्कालीन बीईओ के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की थी।
इस मामले में लोक शिक्षा समिति सचिव बीएसए शाहीन ने मैथा ब्लाक समन्वयक की अनियमितता में जिला समन्वयक करुणा शंकर शुक्ला के शामिल होने की रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार जिला समन्वयक पर तथ्य छिपाने, उच्चाधिकारियों को उक्त ब्लाक समन्वयक की ओर से किए गए कृत्य की जानकारी न देने, मिलीभगत का आरोप लगाया है। बीएसए ने प्रकरण में दोषी मानते हुए अनुबंधोल्लंघन का संज्ञान लेकर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। जिसे सीडीओ ने स्वीकृति दे दी है।
बताते चलें कि गत पांच अक्तूबर 2016 में बैरी असई स्थित श्रीराम जानकी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक के हाथों एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाली लोक शिक्षा समिति अंतर्गत मैथा ब्लाक समन्वयक मोहिनी त्रिपाठी के खिलाफ रेगुलर नौकरी के दौरान एलएलबी की नियमित पढ़ाई करने की शिकायत हुई थी। मामले में तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने जांच की थी, जिसमें ब्लाक समन्वयक, एक बीईओ व महाविद्यालय के प्राचार्य को दोषी माना गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ ने ब्लाक समन्वयक से मानदेय वसूली और सरकारी सेवाओं के लिए काली सूची में डालने सहित दोषी मैथा ब्लाक के तत्कालीन बीईओ के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की थी।
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इस मामले में लोक शिक्षा समिति सचिव बीएसए शाहीन ने मैथा ब्लाक समन्वयक की अनियमितता में जिला समन्वयक करुणा शंकर शुक्ला के शामिल होने की रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार जिला समन्वयक पर तथ्य छिपाने, उच्चाधिकारियों को उक्त ब्लाक समन्वयक की ओर से किए गए कृत्य की जानकारी न देने, मिलीभगत का आरोप लगाया है। बीएसए ने प्रकरण में दोषी मानते हुए अनुबंधोल्लंघन का संज्ञान लेकर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। जिसे सीडीओ ने स्वीकृति दे दी है।
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मिलीभगत में फंसे डीसी, सेवा समाप्ति नोटिस जारी
- राज्यपाल के हाथों डिग्री लेकर नौकरी व पढ़ाई में फंस चुकी हैं मैथा ब्लाक समन्वयक
- बीएसए की जांच में मिलीभगत की हुई थी पुष्टि, सीडीओ ने दी कार्रवाई की स्वीकृति
अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। राज्यपाल के हाथों डिग्री लेकर नियमित नौकरी और पढ़ाई साथ-साथ करने में फंसी मैथा की ब्लाक समन्वयक मामले में जिला समन्वयक की भी मिलीभगत सामने आई है। मुख्य विकास अधिकारी ने इसे साजिश माना है। मामले में बीएसए ने जिला समन्वयक को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस पर सीडीओ ने अपनी मुहर लगाई है।
बताते चलें कि गत पांच अक्तूबर 2016 में बैरी असई स्थित श्रीराम जानकी ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल राम नाईक के हाथों एलएलबी की डिग्री हासिल करने वाली लोक शिक्षा समिति अंतर्गत मैथा ब्लाक समन्वयक मोहिनी त्रिपाठी के खिलाफ रेगुलर नौकरी के दौरान एलएलबी की नियमित पढ़ाई करने की शिकायत हुई थी। मामले में तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम ने जांच की थी, जिसमें ब्लाक समन्वयक, एक बीईओ व महाविद्यालय के प्राचार्य को दोषी माना गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ ने ब्लाक समन्वयक से मानदेय वसूली और सरकारी सेवाओं के लिए काली सूची में डालने सहित दोषी मैथा ब्लाक के तत्कालीन बीईओ के खिलाफ निलंबन की संस्तुति की थी।
इस मामले में लोक शिक्षा समिति सचिव बीएसए शाहीन ने मैथा ब्लाक समन्वयक की अनियमितता में जिला समन्वयक करुणा शंकर शुक्ला के शामिल होने की रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है। रिपोर्ट के अनुसार जिला समन्वयक पर तथ्य छिपाने, उच्चाधिकारियों को उक्त ब्लाक समन्वयक की ओर से किए गए कृत्य की जानकारी न देने, मिलीभगत का आरोप लगाया है। बीएसए ने प्रकरण में दोषी मानते हुए अनुबंधोल्लंघन का संज्ञान लेकर सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया है। जिसे सीडीओ ने स्वीकृति दे दी है।