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इलाज के लिए एम्स जा रहे वृद्ध की ट्रेन में मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jan 2017 02:22 AM IST
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रूरा में हंगामा करते रेल यात्री।
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली में श्वांस संबंधी बीमारी का इलाज कराने जा रहे मधुवनी (बिहार) निवासी वृद्ध की ट्रेन में इलाज के अभाव में मौत हो गई। इस पर बोगी में अफरातफरी मच गई। टीटीई की सूचना पर ट्रेन को रूरा रेलवे स्टेशन पर रोककर शव को आरपीएफ की मदद से उतारा गया। यात्रियों का आरोप है कि कानपुर के बाद वृद्ध की हालत बिगड़ने लगी थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
खोई गांव, जिला मधुबनी (बिहार) निवासी 66 वर्षीय नीलांबर झा के पुत्र सुभाष चंद्र झा ने बताया कि वह और मां पूर्णिमा झा व पिता को लेकर दिल्ली एम्स में इलाज के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस से जा रहे थे।
कानपुर स्टेशन के बाद उसके पिता की हालत बिगड़ने लगी। उन्होने रेल कर्मियों से अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद उनके पिता कानपुर में नहंी उतारा गया और नही चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई।
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परिणामस्वरूप पनकी स्टेशन के बाद पिता ने दम तोड़ दिया । रूरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोककर शव उतारा गया। वहीं, रूरा में ट्रेन के पहुंचते ही यात्रियों ने रेलवे की लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया। अधिकारियों के समझाने पर यात्री किसी तरह शांत हुए।
आरपीएफ प्रभारी केके पांडेय ने बताया कि ट्रेन को छह बजकर 20 मिनट पर रोककर सात बजे रवाना किया गया । शव को परिजनों समेत कानपुर भेजने की व्यवस्था की गई ।
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खोई गांव, जिला मधुबनी (बिहार) निवासी 66 वर्षीय नीलांबर झा के पुत्र सुभाष चंद्र झा ने बताया कि वह और मां पूर्णिमा झा व पिता को लेकर दिल्ली एम्स में इलाज के लिए गरीब रथ एक्सप्रेस से जा रहे थे।
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कानपुर स्टेशन के बाद उसके पिता की हालत बिगड़ने लगी। उन्होने रेल कर्मियों से अवगत कराया, लेकिन इसके बावजूद उनके पिता कानपुर में नहंी उतारा गया और नही चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई गई।
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परिणामस्वरूप पनकी स्टेशन के बाद पिता ने दम तोड़ दिया । रूरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोककर शव उतारा गया। वहीं, रूरा में ट्रेन के पहुंचते ही यात्रियों ने रेलवे की लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया। अधिकारियों के समझाने पर यात्री किसी तरह शांत हुए।
आरपीएफ प्रभारी केके पांडेय ने बताया कि ट्रेन को छह बजकर 20 मिनट पर रोककर सात बजे रवाना किया गया । शव को परिजनों समेत कानपुर भेजने की व्यवस्था की गई ।