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आग लगने से 70 बीघा फसल राख
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:31 AM IST
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आग बुझाते दमकल कर्मी।
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भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के चौरा बकरी बाजार के पास अरहर खेतों में आग लगने 67 बीघे अरहर की फसल जल गई। वहीं, अंडवा गांव के पास खेतों आग लगने से तीन बीघा गेहूं की फसल जल गई। वहीं चार दमकल गाड़ियां और फ्लूट पंप की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। किसान खेत में बिलख पड़े। अग्निशमन अधिकारी ने उन्हें ढांढस बंधाया।
चौरा निवासी ईशामुद्दीन ने बताया कि मंगलवार को बकरी की बाजार लगती है। बाजार के पास ही उनकी और उनके परिवार की खेती पड़ती है। सभी खेतों में अरहर की फसल खड़ी थी। दोपहर बाद अचानक खेतों से आग की लपटें उठने लगी। इससे बाजार में अफरातफरी मच गई।
स्थानीय लोगों ने आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया पर आग ने और विकराल रूप ले लिया। भोगनीपुर फायर स्टेशन से दमकल कर्मी अग्निशमन वाहन लेकर पहुंचे। आग का रूप विकराल होता देख अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद तीन और दमकल की गाड़ियां, फ्लूटपंप लेकर पहुंच गए। पानी का अतिरिक्त इंतजाम कराया गया। तब कहीं चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक ईसामुद्दीन, नवाब मुस्तकीम, गयासुद्दीन, नफी अख्तर की 6-6 बीघे, कल्लू पाल, किशन, रामबिलास की डेढ-डेढ बीघा, सोनेलाल की तीन बीघा, आशा बेगम की पांच बीघा, रामलखन की चार बीघा, राकेश पाल की ढाई बीघा, बंशलाल की तीन बीघा, बाबू की चार बीघा, शबाबी की सात बीघा, जयराम की चार बीघा, प्रताप भान पाल, रामकेश पाल, चंद्रभान पाल की साढ़े सात बीघा, रिंकूपाल और जीतेंद्र पाल की ढाई बीघा अरहर की फसल राख हो गई। वहीं आग लगने की जानकारी मिलते ही किसान दौड़ते हुए खेत पर पहुंच गए।
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अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया आग लगने का कारण लापरवाही है। किसी ने बीड़ी, सिगरेट पीकर डाली है। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे। वहीं मंगलवार की शाम बरौर थाना क्षेत्र के अंडवा गांव के समीप गेहूं के खेतों में आग लग गई। जहां पूर्व प्रधान दशरथ ने अपना नलकूप चालू कर आग पर नियंत्रण करने का प्रयास किया। सूचना पर दमकल की दों गाड़ियों ने आग को नियंत्रित किया। अंडवा के किसान गोविंद और सुरेंद्र दोनों भाइयों की ढाई बीघा, फूल कुमारी की 10 विस्वा और भूरीदेवी की पांच विस्वा गेहूं की फसल जली है, जिसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। एमकल कर्मी राजेश बाबू, सुनील कुमार, अमूल सिंह, मेवाराम, रामसजीवन आदि आग को नियंत्रित किया।
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चौरा निवासी ईशामुद्दीन ने बताया कि मंगलवार को बकरी की बाजार लगती है। बाजार के पास ही उनकी और उनके परिवार की खेती पड़ती है। सभी खेतों में अरहर की फसल खड़ी थी। दोपहर बाद अचानक खेतों से आग की लपटें उठने लगी। इससे बाजार में अफरातफरी मच गई।
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स्थानीय लोगों ने आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया पर आग ने और विकराल रूप ले लिया। भोगनीपुर फायर स्टेशन से दमकल कर्मी अग्निशमन वाहन लेकर पहुंचे। आग का रूप विकराल होता देख अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद तीन और दमकल की गाड़ियां, फ्लूटपंप लेकर पहुंच गए। पानी का अतिरिक्त इंतजाम कराया गया। तब कहीं चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक ईसामुद्दीन, नवाब मुस्तकीम, गयासुद्दीन, नफी अख्तर की 6-6 बीघे, कल्लू पाल, किशन, रामबिलास की डेढ-डेढ बीघा, सोनेलाल की तीन बीघा, आशा बेगम की पांच बीघा, रामलखन की चार बीघा, राकेश पाल की ढाई बीघा, बंशलाल की तीन बीघा, बाबू की चार बीघा, शबाबी की सात बीघा, जयराम की चार बीघा, प्रताप भान पाल, रामकेश पाल, चंद्रभान पाल की साढ़े सात बीघा, रिंकूपाल और जीतेंद्र पाल की ढाई बीघा अरहर की फसल राख हो गई। वहीं आग लगने की जानकारी मिलते ही किसान दौड़ते हुए खेत पर पहुंच गए।
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अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद ने बताया आग लगने का कारण लापरवाही है। किसी ने बीड़ी, सिगरेट पीकर डाली है। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे। वहीं मंगलवार की शाम बरौर थाना क्षेत्र के अंडवा गांव के समीप गेहूं के खेतों में आग लग गई। जहां पूर्व प्रधान दशरथ ने अपना नलकूप चालू कर आग पर नियंत्रण करने का प्रयास किया। सूचना पर दमकल की दों गाड़ियों ने आग को नियंत्रित किया। अंडवा के किसान गोविंद और सुरेंद्र दोनों भाइयों की ढाई बीघा, फूल कुमारी की 10 विस्वा और भूरीदेवी की पांच विस्वा गेहूं की फसल जली है, जिसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी। एमकल कर्मी राजेश बाबू, सुनील कुमार, अमूल सिंह, मेवाराम, रामसजीवन आदि आग को नियंत्रित किया।