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दहेज हत्या में चार लोगों को सात साल की जेल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Mar 2017 01:44 AM IST
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सजा
- फोटो : अमर उजाला
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जिला एवं सत्र न्यायालय, माती में एडीजे पंचम की अदालत में चल रहे दहेज हत्या मामले में चार आरोपियों को सात-सात साल की सजा सुनाई गई। आरोपियों पर चार-चार हजार रुपये का जुर्माना ठोंका गया। जुर्माना न देने पर दोषियों को चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एडीजे पंचम के एडीजीसी विशंभर सिंह ने बताया कि घटना की वादिनी तारा देवी पत्नी स्व. रघुनाथ निवासी लखनपुर थाना कल्याणपुर, कानपुर ने बिल्हौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी पुत्री मालती की शादी 30 अप्रैल 2012 को नंदलाल पुत्र राजाराम निवासी बिरहाना थाना बिल्हौर, कानपुर से की थी। विवाह में हैसियत के अनुरूप दान-दहेज भी दिया था। शादी के बाद से पति नंदलाल, ससुर राजाराम, जेठ पंकज व जेठानी पूनम उसकी पुत्री को मायके से अतिरिक्त दहेज में बाइक, सोने की चेन अथवा एक लाख रुपये नगद की मांग पर प्रताड़ित करने लगे। ससुरालीजन उसकी पुत्री को मानसिक व शारीरिक रुप से प्रताड़ित करते रहे। दहेज की मांग पूरी न होने पर उक्त लोगों ने 15 अप्रैल 2013 को पुत्री को जहर पिलाकर कमरे में बंद कर दिया।
हालत बिगड़ने की सूचना पर पुत्र राकेश के साथ पुत्री की ससुराल पहुंची। ग्रामीणों से पुत्री के हैलट अस्पताल में होने की जानकारी मिली। 17 अप्रैल 2013 को पुत्री की मौत हो गई। वादिनी ने 18 अप्रैल को 2013 को उक्त मामले की रिपोर्ट बिल्हौर थाना में धारा 498 ए, 304 बी, आईपीसी व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज कराई थी। चार्जशीट 19 जून 2013 को दाखिल की गई। इसी मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को एडीजे पंचम बाबू प्रसाद ने चारों आरोपियों को तथ्यों के आधार पर दोषी करार देते हुए धारा 498 ए में तीन तीन वर्ष व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 304 बी में सात-सात वर्ष व धारा 3/4 में एक-एक वर्ष व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर प्रत्येक अभियुक्त को चार माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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एडीजे पंचम के एडीजीसी विशंभर सिंह ने बताया कि घटना की वादिनी तारा देवी पत्नी स्व. रघुनाथ निवासी लखनपुर थाना कल्याणपुर, कानपुर ने बिल्हौर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अपनी पुत्री मालती की शादी 30 अप्रैल 2012 को नंदलाल पुत्र राजाराम निवासी बिरहाना थाना बिल्हौर, कानपुर से की थी। विवाह में हैसियत के अनुरूप दान-दहेज भी दिया था। शादी के बाद से पति नंदलाल, ससुर राजाराम, जेठ पंकज व जेठानी पूनम उसकी पुत्री को मायके से अतिरिक्त दहेज में बाइक, सोने की चेन अथवा एक लाख रुपये नगद की मांग पर प्रताड़ित करने लगे। ससुरालीजन उसकी पुत्री को मानसिक व शारीरिक रुप से प्रताड़ित करते रहे। दहेज की मांग पूरी न होने पर उक्त लोगों ने 15 अप्रैल 2013 को पुत्री को जहर पिलाकर कमरे में बंद कर दिया।
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हालत बिगड़ने की सूचना पर पुत्र राकेश के साथ पुत्री की ससुराल पहुंची। ग्रामीणों से पुत्री के हैलट अस्पताल में होने की जानकारी मिली। 17 अप्रैल 2013 को पुत्री की मौत हो गई। वादिनी ने 18 अप्रैल को 2013 को उक्त मामले की रिपोर्ट बिल्हौर थाना में धारा 498 ए, 304 बी, आईपीसी व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज कराई थी। चार्जशीट 19 जून 2013 को दाखिल की गई। इसी मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को एडीजे पंचम बाबू प्रसाद ने चारों आरोपियों को तथ्यों के आधार पर दोषी करार देते हुए धारा 498 ए में तीन तीन वर्ष व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना, धारा 304 बी में सात-सात वर्ष व धारा 3/4 में एक-एक वर्ष व एक-एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न अदा करने पर प्रत्येक अभियुक्त को चार माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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