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गर्मी में दम तोड़ गया औनहां का 40 बीघे का तालाब
अमर उजाला ब्यूूराो
Updated Sun, 17 Apr 2016 01:17 AM IST
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मैथा तहसील के तालाबों से गर्मी के दिनों में पानी खत्म हो गया है। कुछ तालाबों की तलहटी में पानी बचा है। औनहां में पुराना मघई तालाब है जो राजस्व के कागजों में 40 बीघा सोलह बिस्वा दर्ज है। तालाब के नाम से दर्ज इसको ग्रामीण मघई झील के नाम से जानते हैं। इस समय पड़ रही प्रचंड गर्मी में इस बड़े तालाब का पानी सूखकर कुछ गड्ढों तक सीमित रह गया है।
पीने के लिए मवेशियों तक को यहां पानी नहीं बचा है। इसी से जल संकट का अंदाजा लगाया जा सकता है। औनहां गांव के किनारे पर दो ग्राम पंचायतों नुनारी बहादुरपुर व बड़ागांव के बीच यह तालाब फैला है। इसी तालाब में सर्दी के समय में साइबेरियन पक्षी भी आते हैं, जिनको देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। जब तालाब पूरा लबालब भरा होता है। तब नदी जैसा यहां प्राकृतिक नजारा दिखता है।
वर्तमान समय में यह तालाब पूरी तरह से सूख गया है। कुछ गड्ढ़ों में बचे पानी में शनिवार की दोपहर सुअर गर्मी से बचने के लिए लोट रहे थे। कानूनगो सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तालाब में रकबा दर्ज है। मानव सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित त्रिवेदी ने कहा कि इतने बड़े तालाब का पानी सूखना जल संकट की ओर संकेत करता है। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि दूसरे कामों के लिए तालाब का पानी उपयोग कर लिया जाता है। इस तालाब पर मत्स्य पालन का पट्टा भी है।
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पीने के लिए मवेशियों तक को यहां पानी नहीं बचा है। इसी से जल संकट का अंदाजा लगाया जा सकता है। औनहां गांव के किनारे पर दो ग्राम पंचायतों नुनारी बहादुरपुर व बड़ागांव के बीच यह तालाब फैला है। इसी तालाब में सर्दी के समय में साइबेरियन पक्षी भी आते हैं, जिनको देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं। जब तालाब पूरा लबालब भरा होता है। तब नदी जैसा यहां प्राकृतिक नजारा दिखता है।
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वर्तमान समय में यह तालाब पूरी तरह से सूख गया है। कुछ गड्ढ़ों में बचे पानी में शनिवार की दोपहर सुअर गर्मी से बचने के लिए लोट रहे थे। कानूनगो सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तालाब में रकबा दर्ज है। मानव सेवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहित त्रिवेदी ने कहा कि इतने बड़े तालाब का पानी सूखना जल संकट की ओर संकेत करता है। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि दूसरे कामों के लिए तालाब का पानी उपयोग कर लिया जाता है। इस तालाब पर मत्स्य पालन का पट्टा भी है।
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