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जेड़ाझाल नहर में किसानों ने डाले पाइप, अफसर पहुंचे तो किसानों ने किया विरोध
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शहर को पानी मुहैया कराने के लिए नंदपुर पर बनाई गई झील पर काम करते श्रमिक
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। सिंचाई के लिए किसानों ने एक बार फिर जेड़ाझाल नहर में पाइप डाल दिए। रविवार को किसानों द्वारा नहर में पाइप डालने के कारण सोमवार को शहर में पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। जानकारी पर जलनिगम एवं सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो नंदपुर के समीप किसानों ने विरोध जताया। किसानों ने रजबहों को चालू करने की शर्त पर नहर में पाइप नहीं डालने की बात कही। अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर किसानों के पाइप नहर से बाहर निकलवाए।
जेड़ाझाल नहर से शहर को गंगाजल की आपूर्ति मिलती है। वहीं नहर से किसानों की सिंचाई के लिए निकाले गए रजबहों में पानी जाता है लेकिन इन दिनों पानी की आपूर्ति कम होने के कारण रजबहाें में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए नहर में पाइप डाल देते हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण किसानों ने पाइप डालकर फसलों की सिंचाई कर दी। ऐसे में सोमवार सुबह नहर का पानी साढ़े तीन फीट से घटकर दो फीट रह गया और शहर को मिलने वाली गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित हुई।
जलस्तर घटने की जानकारी पर जलनिगम के एक्सईएन राकेश कुमार ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की। दोनों विभागों के अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो नहर में किसानों के पाइप पड़े थे। अफसरों ने पाइपों को निकलवाना शुरू किया तो किसान एकत्रित हो गए और अधिकारियों का घेराव करते हुए नारेबाजी कर दी। किसानों ने अधिकारियों से रजबहों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग की। मामला बढ़ता देखकर अधिकारियों ने किसानों को दो दिन समस्या का निदान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने नहर से पाइप निकाले।
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नहर में बढ़वाया गया 50 क्यूसेक पानी
रजबहों में पानी छोड़ने की किसानों की मांग के मद्देनजर जेड़ाझाल नहर में 50 क्यूसेक पानी और बढ़ाया गया है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रवींद्र कुमार ने कहा कि जेड़ाझाल नहर दो सौ क्यूसेक पानी पर चलती थी लेकिन रजबहों में पानी नहीं जा रहा था। ऐसे में नहर की सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। एक दो दिन में नहर में पर्याप्त पानी आने के साथ रजबहा चालू हो जाएंगे।
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जेड़ाझाल नहर से शहर को गंगाजल की आपूर्ति मिलती है। वहीं नहर से किसानों की सिंचाई के लिए निकाले गए रजबहों में पानी जाता है लेकिन इन दिनों पानी की आपूर्ति कम होने के कारण रजबहाें में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में क्षेत्र के किसान सिंचाई के लिए नहर में पाइप डाल देते हैं। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण किसानों ने पाइप डालकर फसलों की सिंचाई कर दी। ऐसे में सोमवार सुबह नहर का पानी साढ़े तीन फीट से घटकर दो फीट रह गया और शहर को मिलने वाली गंगाजल की आपूर्ति प्रभावित हुई।
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जलस्तर घटने की जानकारी पर जलनिगम के एक्सईएन राकेश कुमार ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की। दोनों विभागों के अधिकारियों ने निरीक्षण किया तो नहर में किसानों के पाइप पड़े थे। अफसरों ने पाइपों को निकलवाना शुरू किया तो किसान एकत्रित हो गए और अधिकारियों का घेराव करते हुए नारेबाजी कर दी। किसानों ने अधिकारियों से रजबहों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग की। मामला बढ़ता देखकर अधिकारियों ने किसानों को दो दिन समस्या का निदान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने नहर से पाइप निकाले।
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नहर में बढ़वाया गया 50 क्यूसेक पानी
रजबहों में पानी छोड़ने की किसानों की मांग के मद्देनजर जेड़ाझाल नहर में 50 क्यूसेक पानी और बढ़ाया गया है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता रवींद्र कुमार ने कहा कि जेड़ाझाल नहर दो सौ क्यूसेक पानी पर चलती थी लेकिन रजबहों में पानी नहीं जा रहा था। ऐसे में नहर की सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। एक दो दिन में नहर में पर्याप्त पानी आने के साथ रजबहा चालू हो जाएंगे।