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भूगर्भ जलस्तर ऊंचा उठाने के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च, नहीं मिली सफलता

Thu, 08 Jul 2021 11:31 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jul 2021 11:31 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में भूगर्भ जलस्तर को ऊंचा उठाने के लिए करोड़ों की कार्ययोजनाएं बनीं। किसी ने तालाबों के सुदृढ़ीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए तो किसी ने चेकडैम के साथ तालाब सुधार पर खर्च दिखा दिया। हालांकि हकीकत में भूगर्भ जलस्तर किसी ब्लॉक में नहीं बढ़ सका।
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तेजी से घटते जलस्तर का परिणाम है कि शासन ने भूगर्भ जलस्तर ऊंचा उठाने के अनेकों प्रयास किए। बड़े भवनों वाले विभागों से कहा गया कि बारिश का पानी जमीन में पहुंचाने के लिए रूफ टफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित करें लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ विभागों ने किया तो ज्यादा चल नहीं सका। विकास भवन में जरूर बना सिस्टम एक दशक बीतने के बावजूद कामयाब है। बात अन्य विभागों की करें तो लघु सिंचाई विभाग जलस्तर ऊंचा उठाने की प्लानिंग प्रतिवर्ष करता है।
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डेढ़ से दो करोड़ रुपये चेकडैम बनाने के साथ एक करोड़ रुपये तालाबों की हालत सुधारने के लिए प्रतिवर्ष खर्च की कार्ययोजना बनती है लेकिन कागजी घोड़ा अधिक नहीं दौड़ता है। हजरतपुर नाले पर बना चेकडैम गायब हो चुका है। अब सेंगर नदी पर चेकडैम बनाने की प्लानिंग है। जलनिगम के साथ-साथ नहर विभाग भी भूगर्भ जलस्तर बढ़ाने की कवायद करते हैं। हालांकि नजीता ढाक के तीन पात ही रहता है।
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अधिकांश कोल्ड स्टोरेज में नहीं वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
भूगर्भ जलस्तर ऊंचा उठाने के लिए उद्यान विभाग की ओर से पहल की जाती है। प्रतिवर्ष कोल्ड स्टोरेज संचालकों को बारिश का पानी जमीन में पहुंचाने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए जाते हैं। हालांकि जिले में 180 कोल्ड स्टोरेज संचालक कई एमएलडी पानी बर्बाद करते हैं लेकिन जलस्तर ऊंचा उठाने की दिशा में पहल नहीं करते। हकीकत में दस प्रतिशत कोल्ड स्टोरेज में ही वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम चालू है।
विप्रा भी नियमों का नहीं करा पाता पालन
शहरी क्षेत्र के लिए नियम है कि प्रत्येक बड़े मकान का मानचित्र तभी पास होना चाहिए जब मकान में बारिश का पानी जमीन में पहुंचाने के लिए रूफ टफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवा गया। हालांकि विप्रा के अधिकारी ध्यान नहीं देते। सवाल पूछने पर राजनीतिक दबाव होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। विप्रा अधिकारियों का कहना है कि हम इसे लागू कराते हैं। हालांकि किसी बड़े स्कूल, भवन और प्रमुख बाजार में यह सिस्टम नहीं मिलेगा।
--आमजन की बातचीत----
- भूगर्भ जलस्तर ऊंचा उठाने के लिए संयुक्त प्रयास की आवश्यकता है। शहर से लेकर गांव तक हर व्यक्ति को जागरूक होना पड़ेगा। इसके बाद ही डार्क ब्लॉक सुरक्षित श्रेणी में आ सकेंगे।
अनुराग उपाध्याय आर्किटेक्ट
-जल बचाना बहुत जरूरी है। खासतौर से युवाओं को इस दिशा में पहल करनी चाहिए। भवन बनवाते समय वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूर बनाया जाना चाहिए। इस नियम को अनिवार्य करने से लाभ मिलेगा।

प्रवीन अग्रवाल पर्यावरणविद एवं समाजसेवी
भूगर्भ जलस्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में काफी काम किया जा रहा है। हम इसे और प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में प्रयास करेंगे। खासतौर से ग्रामीण अंचल में ध्यान दिया जाएगा।
पीएन गौतम एक्सईएन लघु सिंचाई विभाग फिरोजाबाद
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