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ग्रामीणों ने किया एका नगर पंचायत बनाने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Sun, 26 Jun 2016 10:56 PM IST
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ग्रामीणों ने किया एका नगर पंचायत बनाने का विरोध
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार कसबा एका को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने के लिए पहल कर रही है लेकिन एका ग्राम पंचायत में शामिल करीब एक दर्जन मजरों के ग्रामीण नगर पंचायत में शामिल नहीं होना चाहते। आछेलाल इंटर कालेज जेडाझाल में ग्राम पंचायत की खुली बैठक में ग्रामीणों ने इसका विरोध किया।
जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार एका ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन को प्रस्ताव जाने के साथ इस पंचायत से जुड़े करीब एक दर्जन से अधिक मजरों के बाशिंदों ने विरोध शुरू कर दिया था। अभी तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव आने से पूर्व शासन ने एका को नगर पंचायत का दर्जा देते हुए अधिसूचना जारी करने का निर्णय लिया है। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करने के बजाय विरोध शुरू कर दिया। आछेलाल इंटर कालेज जेडा झाल में प्रधान संरक्षक उदयवीर सिंह यादव की अध्यक्षता में खुली बैठक हुई। विकास कार्यों की समीक्षा के साथ मुख्य मुद्दा एका को नगर पंचायत का दर्जा देने का विरोध किया। ग्रामीण जनता ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद गांव के छोटे किसानों को टैक्स देना पड़ेगा। सरबपुर के शमशान स्थल की भूमि जेड़ाझाल परियोजना में जाने पर प्रधान ने कहा कि शमशान स्थल को भूमि दी जाएगी। चिमरारी में नाली की समस्या, नगला श्वेटा में अतिक्रमण का मामला रखा गया। बाहनपुर, मोहनपुर, बाबनवारी के साथ अन्य गांवों को करीब 200 से अधिक ग्रामीणों ने नगर पंचायत बनाने का विरोध किया। प्रधान संरक्षक उदयवीर सिंह ने कहा कि राजनीति के चलते हुए कुछ लोग गलत ढंग से प्रस्ताव भेज रहे हैं। ग्रामीणों के विरोध से जिला प्रशासन एवं शासन को अवगत कराया जाएगा। बैठक में ललिता देवी, दलवीर सिंह, लेखराज, धर्मवीर, दोनादेवी, रीनू देवी, देवेंद्र कुमार, ओमप्रकाश आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में शुमार एका ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। शासन को प्रस्ताव जाने के साथ इस पंचायत से जुड़े करीब एक दर्जन से अधिक मजरों के बाशिंदों ने विरोध शुरू कर दिया था। अभी तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव आने से पूर्व शासन ने एका को नगर पंचायत का दर्जा देते हुए अधिसूचना जारी करने का निर्णय लिया है। इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करने के बजाय विरोध शुरू कर दिया। आछेलाल इंटर कालेज जेडा झाल में प्रधान संरक्षक उदयवीर सिंह यादव की अध्यक्षता में खुली बैठक हुई। विकास कार्यों की समीक्षा के साथ मुख्य मुद्दा एका को नगर पंचायत का दर्जा देने का विरोध किया। ग्रामीण जनता ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद गांव के छोटे किसानों को टैक्स देना पड़ेगा। सरबपुर के शमशान स्थल की भूमि जेड़ाझाल परियोजना में जाने पर प्रधान ने कहा कि शमशान स्थल को भूमि दी जाएगी। चिमरारी में नाली की समस्या, नगला श्वेटा में अतिक्रमण का मामला रखा गया। बाहनपुर, मोहनपुर, बाबनवारी के साथ अन्य गांवों को करीब 200 से अधिक ग्रामीणों ने नगर पंचायत बनाने का विरोध किया। प्रधान संरक्षक उदयवीर सिंह ने कहा कि राजनीति के चलते हुए कुछ लोग गलत ढंग से प्रस्ताव भेज रहे हैं। ग्रामीणों के विरोध से जिला प्रशासन एवं शासन को अवगत कराया जाएगा। बैठक में ललिता देवी, दलवीर सिंह, लेखराज, धर्मवीर, दोनादेवी, रीनू देवी, देवेंद्र कुमार, ओमप्रकाश आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
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