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अविनाशी के अभिषेक को उमड़े श्रद्धालु
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 24 Aug 2015 10:59 PM IST
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फीरोजाबाद। शिव के पावन माह के आखिरी सोमवार को शहर के मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। भोले की जयजयकार और शिव मंत्रों से शिवालय गुंजायमान हो उठे। भोर से ही शहर के विख्यात मंदिरों पर भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह भगवान शिव की आराधना की गई। कई जगह पर भक्तों ने विशेष पूजा अर्चना का आयोजन भी किया है। शिव मंदिरों में जल चढ़ाने के लिए भक्त कतार में लगे दिखे।
ज्योतिषाचार्य भी मानते हैं कि सावन के आखिरी सोमवार का विशेष महत्व होता है। सावन माह में की जाने वाली शिव की उपासना और वो भी सावन के आखिरी सोमवार को की जाने वाली शिव भक्ति हर भक्त के जीवन में सुख लाती है। शिव शंकर की पूजा के साथ ही पुष्प, दुग्ध, शहद, घी, चंदन से रुद्राभिषेक भी किया जा रहा है। ओम नम: शिवाय जप के साथ शिवजी की पूजा में पुष्प, बेलपत्र, भांग, धतूरा व चंदन चढ़ाया गया। भोर की पहली किरण के साथ ही जलाभिषेक शुरू हो गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रसाद की व्यवस्था की गई। शिव मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया। दिन भर श्रद्धालुओं का शिव मंदिरों में जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। इसके कारण सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम हैं। गोपाल आश्रम प्रांगण में भगवान शिव की काफी बड़ी पिंडी के दर्शन करके हर कोई खुद को धन्य मान रहा था। गल्ला मंडी के प्रांगण में स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर, पुरानी तहसील के प्रांगण में पंचमुखी महादेव मंदिर, कोटला रोड पर स्थित श्री रमणेश्वर महादेव मंदिर पर पूजा आरती के साथ भव्य फूल बंगला सजाया गया था।
सांती में चढ़ाई कांवड़
सावन के अंतिम सोमवार को नगर से आठ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सांती में स्थित भगवान शिव के प्राचीन मंदिर पर कांवड़ियों ने कांवड़ को चढ़ाया। शाम को आरती के साथ प्रसाद बांटा गया।
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बटेश्वर भी पहुंचे श्रद्धालु
आगरा के बटेश्वर में प्रत्येक सोमवार को कांवड़ों के चढ़ाए जाने एवं मेला लगने के कारण काफी श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने मेले का आनंद लिया और शिव के दर्शन किए।
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ज्योतिषाचार्य भी मानते हैं कि सावन के आखिरी सोमवार का विशेष महत्व होता है। सावन माह में की जाने वाली शिव की उपासना और वो भी सावन के आखिरी सोमवार को की जाने वाली शिव भक्ति हर भक्त के जीवन में सुख लाती है। शिव शंकर की पूजा के साथ ही पुष्प, दुग्ध, शहद, घी, चंदन से रुद्राभिषेक भी किया जा रहा है। ओम नम: शिवाय जप के साथ शिवजी की पूजा में पुष्प, बेलपत्र, भांग, धतूरा व चंदन चढ़ाया गया। भोर की पहली किरण के साथ ही जलाभिषेक शुरू हो गया। मंदिरों में श्रद्धालुओं के प्रसाद की व्यवस्था की गई। शिव मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया। दिन भर श्रद्धालुओं का शिव मंदिरों में जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा। इसके कारण सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम हैं। गोपाल आश्रम प्रांगण में भगवान शिव की काफी बड़ी पिंडी के दर्शन करके हर कोई खुद को धन्य मान रहा था। गल्ला मंडी के प्रांगण में स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर, पुरानी तहसील के प्रांगण में पंचमुखी महादेव मंदिर, कोटला रोड पर स्थित श्री रमणेश्वर महादेव मंदिर पर पूजा आरती के साथ भव्य फूल बंगला सजाया गया था।
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सांती में चढ़ाई कांवड़
सावन के अंतिम सोमवार को नगर से आठ किलोमीटर दूर स्थित ग्राम सांती में स्थित भगवान शिव के प्राचीन मंदिर पर कांवड़ियों ने कांवड़ को चढ़ाया। शाम को आरती के साथ प्रसाद बांटा गया।
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बटेश्वर भी पहुंचे श्रद्धालु
आगरा के बटेश्वर में प्रत्येक सोमवार को कांवड़ों के चढ़ाए जाने एवं मेला लगने के कारण काफी श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने मेले का आनंद लिया और शिव के दर्शन किए।