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आंदोलन को जबरन खत्म कराने पहुंची पुलिस, बैरंग लौटी

Wed, 04 May 2016 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद Updated Wed, 04 May 2016 11:00 PM IST
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The movement to end the police force, returned Beating
आंदोलन को जबरन खत्म कराने पहुंची पुलिस, बैरंग लौटी - फोटो : अमर उजाला
भाई के कातिलों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए मां और पिता के साथ भूख हड़ताल पर बैठी सैन्य कर्मी महिला (ममता) को पुलिस ने जबरन उठाने का प्रयास किया। पुलिस के तानाशाही रवैये को देखकर अधिवक्ता भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। अधिवक्ताओं के विरोध के बाद पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा।
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आलोक हत्याकांड को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को खैरगढ़ पुलिस पिछले दो माह से गिरफ्तार नहीं कर रही। इसके विरोध में पीड़ित परिवार मंगलवार को फिर से जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठ गया। उन्होंने मुख्यमंत्री के आने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया। आंदोलन को समाप्त कराने के लिए सीओ शिकोहाबाद श्याम कांत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन खत्म करने का दबाव बनाने के साथ ही पुलिस कप्तान से मिलने की बात कही। लेकिन पीड़ित परिवार ने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया। बढ़ते दबाव को देखते हुए बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया तो सीओ शिकोहाबाद फोर्स से साथ वहां से चले गए। कुछ देर बाद वह एसडीएम मुख्यालय को साथ लेकर पुन: मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने पीड़ित परिवार की बात सुनी और बिना आश्वासन दिए वहां से चले गए। मृतक की बहन ममता का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है आंदोलन खत्म नहीं करेगी। इधर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्म सिंह यादव एडवोकेट ने कहा कि आलोक के हत्यारोपियों को पुलिस को गिरफ्तार करके जेल भेजना चाहिए। आलोक ने देश सेवा का संकल्प लिया था। पुलिस को पीड़ित परिवार की बात सुननी चाहिए। बता दे कि मृतक की बहन ममता ने 25 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने दो मई तक गिरफ्तारी करने का आश्वासन देकर आंदोलन को खत्म करा दिया था। आश्वासन के सात दिन बीत जाने के बाद भी जब गिरफ्तारी नहीं हुई, तो मंगलवार को फिर से घरने पर बैठ गए।
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