{"_id":"66c62d38bb2bf91bb80c22f9","slug":"the-air-of-suhaagnagari-improved-by-30-percent-in-two-years-firozabad-news-c-169-1-sagr1021-131740-2024-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: दो साल में 30 फीसदी सुधरी सुहागनगरी की हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: दो साल में 30 फीसदी सुधरी सुहागनगरी की हवा
Wed, 21 Aug 2024 11:39 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 21 Aug 2024 11:39 PM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सुहागनगरी की आबोहवा में निगम का प्रयास रंग लाया है। टीटीजेड एरिया में प्रदूषण पर नियंत्रण के प्रयास हुए तो शहर की हवा स्वस्थ होने लगी है। शहर की वायु में 30 से 40 फीसदी तक सुधार है। पिछले साल अगस्त 2023 की तुलना करें तो उसमें 40 फीसदी वायु गुणवत्ता में सुधार दिखा है।पिछले साल अगस्त के पहले सप्ताह में वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुहागनगरी रेड जोन में नजर आ रही थी। लेकिन इस बार एक से 19 अगस्त 2024 में ग्रीन जोन में है। इसका मतलब यह है कि वायु प्रदूषण की स्थिति गुड (अच्छी) है। पहले शहर में तीन जगहों पर एयर क्वालिटी मानिटरिंग की जांच मैनुअल होती थी। लेकिन वर्ष 2022 के शुरुआत में नगला भाऊ और फिरोजाबाद क्लब चौराहे पर ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इन दोनों केंद्रों के जरिए हर पल सुहागनगरी की आबोहवा की जानकारी अपडेट होती है। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार जिन शहरों की वायु गुणवत्ता 30 से 40 प्रतिशत तक सुधरी है, उन शहरों में फिरोजाबाद भी शामिल है।
मंगलवार को फिरोजाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 60 रहा। इसमें पीएम 2.5 की मात्रा 60.8 और पीएम 10 की मात्रा 51.7 रही। सबसे खास बात यह है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर कार्बन तत्वों की मात्रा घटकर 2.5 माइक्रो मिलीग्राम रह गई है।
ये उपाय हुए कारगर
-रोड स्वीपिंग मशीन से सड़क की धूल साफ होने से वाहनों से उड़ने वाली धूल में कमी आई।
-हॉट स्पॉट एरिया के चौराहे पर ट्रैफिक लाइट सिस्टम सुचारू होने के कारण जाम की समस्या से मिली निजात, जिससे कार्बनिक तत्वों की मात्रा में कमी आई।
-चनौरा पर कूड़े निस्तारण केंद्र बन जाने से प्रदूषण में कमी आई।
-सड़कों पर कच्चे डलाब घरों में कमी आई और इनकी जगह अब कांपेक्टर लगाए जाने लगे हैं।
-पहले की अपेक्षा अब और अधिक पानी का छिड़काव भी शहर में होने लगा है।
-निगम क्षेत्र में 20 से अधिक स्थानों पर कच्ची सड़कों को पक्का व एनकैप के साथ सड़कों की पटरियों पर पौधरोपण किया गया।
शहर में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आधुनिक तरीके कूड़ा निस्तारण, पहले से अधिक पौधरोपण व सड़कों पर रोड स्वीपिंग मशीन से सफाई कराई जा रही है। जगह-जगह कूड़ा जो डाला जाता था उसे समाप्त किया गया गए हैं।
विज्ञापन
कामिनी राठौर, महापौर
विज्ञापन
मंगलवार को फिरोजाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 60 रहा। इसमें पीएम 2.5 की मात्रा 60.8 और पीएम 10 की मात्रा 51.7 रही। सबसे खास बात यह है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर कार्बन तत्वों की मात्रा घटकर 2.5 माइक्रो मिलीग्राम रह गई है।
विज्ञापन
ये उपाय हुए कारगर
-रोड स्वीपिंग मशीन से सड़क की धूल साफ होने से वाहनों से उड़ने वाली धूल में कमी आई।
-हॉट स्पॉट एरिया के चौराहे पर ट्रैफिक लाइट सिस्टम सुचारू होने के कारण जाम की समस्या से मिली निजात, जिससे कार्बनिक तत्वों की मात्रा में कमी आई।
-चनौरा पर कूड़े निस्तारण केंद्र बन जाने से प्रदूषण में कमी आई।
-सड़कों पर कच्चे डलाब घरों में कमी आई और इनकी जगह अब कांपेक्टर लगाए जाने लगे हैं।
-पहले की अपेक्षा अब और अधिक पानी का छिड़काव भी शहर में होने लगा है।
-निगम क्षेत्र में 20 से अधिक स्थानों पर कच्ची सड़कों को पक्का व एनकैप के साथ सड़कों की पटरियों पर पौधरोपण किया गया।
शहर में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आधुनिक तरीके कूड़ा निस्तारण, पहले से अधिक पौधरोपण व सड़कों पर रोड स्वीपिंग मशीन से सफाई कराई जा रही है। जगह-जगह कूड़ा जो डाला जाता था उसे समाप्त किया गया गए हैं।
विज्ञापन
कामिनी राठौर, महापौर