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गरीबों का राशन डकार रहे शिक्षक, प्रॉपटी डीलर, टेंट एवं स्कूल संचालक

Fri, 13 May 2022 11:27 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 11:27 PM IST
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Teachers, property dealers, tents and school operators who are rationing the poor
फिरोजाबाद। गरीबों के हक का राशन धनाढ्य ले रहे हैं। ऐसे तमाम लोग हैं जिनके घर में कार है, लाइसेंसी हथियार हैं। हर तरह से सुविधा संपन्न हैं फिर भी पात्र गृहस्थी राशन कार्ड से राशन ले रहे हैं। जबकि गरीब पात्र गृहस्थी का राशनकार्ड बनवाने के लिए दरदर भटकने को मजबूर हैं। टेंट संचालक, प्रॉपटी डीलर, सरकारी शिक्षक से लेकर स्कूल संचालक तक पत्नियों के नाम से राशनकार्ड बनवाकर गरीबों का राशन लेने से नहीं चूक रहे हैं। शासन की सख्ती के बाद राशन डीलरों ने अपने स्तर से नाम खोजने शुरू कर दिए हैं। प्रशासन की टीमों ने यदि जांच की तो राशन डीलरों एवं कार्डधारकों की चल रही मिलीभगत का खेल भी सामने आएगा। राशन डीलरों ने कुछ कार्डों को खुद ही निरस्त कराने की पहल शुरू कर दी है।
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जिले में पात्र गृहस्थी के साथ ही अंत्योदय राशनकार्ड अपात्रों के बनें हैं तो जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने 31 मई तक सरेंडर करने की तिथि तय कर दी है। प्रशासन एवं शासन की सख्ती के बाद राशन डीलरों से लेकर अपात्र राशनकार्ड धारकों तक में खलबली मच गई है। अपात्र राशनकार्ड धारक भले ही राशन की दुकानों पर राशन सामग्री को लेने नहीं जाते हों लेकिन राशन की दुकान संचालक एवं अपात्र राशनकार्ड धारकों की जुगलबंदी से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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कई राशन दुकानदार ऐसे हैं जो सुविधा संपन्न वालों के राशनकार्ड बनाकर एक दो माह का राशन दे देते हैं बाकी के खुद अंगूठा लगवाकर उसको ब्लैक में बिक्री किए जाने का खेल खेल रहे हैं। इस तरह के मामले विभागीय अफसरों के संज्ञान में होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है। लेकिन प्रशासन की सख्ती के बाद खुद राशन डीलरों ने कुछ कार्डों को अपात्र मानते हुए सरेंडर कराए जाने की तैयारी करनी शुरू कर दी है।
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केस एक
बोधाश्रम रोड पर टेंट का संचालन करने वाले व्यापारी की पत्नी के नाम राशनकार्ड बना है। वह खुद राशन लेने हर माह जाते हैं। सुविधा संपन्न होने के बाद भी गरीबों का राशन लेने से नहीं हिचक रहे हैं। कुछ लोगों ने राशन सामग्री लेने जाने के दौरान टोका भी।
केस दो
बोधाश्रम रोड पर तीन मंजिला भवन होने के साथ ही स्कूल संचालक है। लेकिन पत्नी के नाम से राशनकार्ड बनवा लिया। सूत्रों की मानें तो इनके पास लाइसेंसी हथियार होने के साथ चार पहिया गाड़ी भी है। लेकिन फिर भी गरीबों को मिलने वाला पात्र गृहस्थी का राशनकार्ड बना हुआ है।
केस तीन
सदर बाजार घंटाघर के समीप मेडिकल स्टोर संचालक का पात्र गृहस्थी का राशन कार्ड बना है। सूत्रों की माने तो राशन लेने वह राशन की दुकान पर नहीं जाते हैं। बल्कि राशन डीलर हर माह घर पर अंगूठा लगवाने आ जाते हैं। कभी कभार राशन पहुंचा भी देते हैं।
केस चार
कमला नेहरू स्कूल के पास एक परिवार के पास बीपीएल कार्ड बना है। वह भी हर माह राशन उठाते हैं। उनके पास चार पहिया वाहन के साथ लाइसेंसी रायफल भी है। इसके साथ ही वह प्रॉपटी डीलर का काम करते हैं। वह भी हर माह राशन उठाते हैं।

कई लोग पात्र होने के बाद भी राशन ले रहे हैं। इसकी शिकायतें अब विभाग के पास आने लगी हैं। जिले में अपात्र राशनकार्ड धारकों के लिए 31 मई तक का मौका दिया है। वह खुद ही अपने राशनकार्डों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में जाकर सरेंडर कर दें। इसके बाद टीमों का गठन करके जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान अपात्र मिलने वालों से गेहूं, चावल के पैसे की वसूली की होगी। इसके लिए अपात्र कार्डधारक खुद जिम्मेदार होंगे।
सतीश कुमार, क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी
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