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आंगनबाड़ी सहायिका की गला दबाकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Wed, 20 Jul 2016 11:04 PM IST
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आंगनबाड़ी सहायिका की गला दबाकर हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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तीन दिन पूर्व आगरा दवा लेने गईं ग्राम भांडरी निवासी आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत महिला का शव बुधवार को गांव के निकट नहर की पटरी के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। इससे परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस पहुंच गई।
भांडरी निवासी चंद्रकला (35) पत्नी जगत सिंह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत थीं। चंद्रकला सोमवार को दवा लेने और बुआ से मिलने आगरा गई थीं। शाम तक वापस नहीं आने पर उनके पुत्र शिवम ने फोन किया तो वह बंद था। उनकी तलाश की गई लेकिन कहीं पता नहीं चला। बुधवार की सुबह गांव के लोग शौच के लिए नहर किनारे गए तो वहां उन्हें चंद्रकला का शिव दिखा। शव क्षतविक्षत था। सूचना पर पुलिस और परिवारीजन पहुंच गए। चंद्रकला के चेहरे पर खून के छींटे थे और चोट के निशान थे। कपड़े अस्तव्यस्त थे। शव के पास ही शराब की खाली बोतल, प्लास्टिक के तीन गिलास, पानी के खाली पाउच मिले हैं। महिला की साड़ी से ही गला दबाकर हत्या की गई थी। चंद्रकला का बैग भी पास में ही मिल गया। उसमें एक हजार रुपये, दवा और कुछ खुले पैसे रखे हुए थे। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। महिला के साथ अनहोनी हुई है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी पुष्टि होगी। चंद्रकाल केे पति जगत सिंह की 14 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। वह पति की मौत के बाद गांव में ही अपने दो बच्चों पुत्र शिवम (16) व पुत्री अंजली (12) के साथ रहती थी। महिला की हत्या किसने और क्यों की पुलिस इसका पता लगाने में जुट गई है। चंद्रकला का मायका थाना शिकोहाबाद के ग्राम शाहपुर में है। सूचना देने पर मृतका के भाई जगमोहन पुत्र वीरेश्वर ने थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मां की हत्या की गई है
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। चंद्रकला की हत्या की जानकारी मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। पुत्र शिवम व पुत्री अंजली मां की हत्या किए जाने पर बिलख-बिलख कर रो रहे थे। शिवम का कहना था कि उसकी मां की किसी ने हत्या की है। पुलिस ने भी चंद्रकला के बच्चों से पूछताछ की ।
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भांडरी निवासी चंद्रकला (35) पत्नी जगत सिंह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत थीं। चंद्रकला सोमवार को दवा लेने और बुआ से मिलने आगरा गई थीं। शाम तक वापस नहीं आने पर उनके पुत्र शिवम ने फोन किया तो वह बंद था। उनकी तलाश की गई लेकिन कहीं पता नहीं चला। बुधवार की सुबह गांव के लोग शौच के लिए नहर किनारे गए तो वहां उन्हें चंद्रकला का शिव दिखा। शव क्षतविक्षत था। सूचना पर पुलिस और परिवारीजन पहुंच गए। चंद्रकला के चेहरे पर खून के छींटे थे और चोट के निशान थे। कपड़े अस्तव्यस्त थे। शव के पास ही शराब की खाली बोतल, प्लास्टिक के तीन गिलास, पानी के खाली पाउच मिले हैं। महिला की साड़ी से ही गला दबाकर हत्या की गई थी। चंद्रकला का बैग भी पास में ही मिल गया। उसमें एक हजार रुपये, दवा और कुछ खुले पैसे रखे हुए थे। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। महिला के साथ अनहोनी हुई है तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी पुष्टि होगी। चंद्रकाल केे पति जगत सिंह की 14 वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। वह पति की मौत के बाद गांव में ही अपने दो बच्चों पुत्र शिवम (16) व पुत्री अंजली (12) के साथ रहती थी। महिला की हत्या किसने और क्यों की पुलिस इसका पता लगाने में जुट गई है। चंद्रकला का मायका थाना शिकोहाबाद के ग्राम शाहपुर में है। सूचना देने पर मृतका के भाई जगमोहन पुत्र वीरेश्वर ने थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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मां की हत्या की गई है
शिकोहाबाद (ब्यूरो)। चंद्रकला की हत्या की जानकारी मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। पुत्र शिवम व पुत्री अंजली मां की हत्या किए जाने पर बिलख-बिलख कर रो रहे थे। शिवम का कहना था कि उसकी मां की किसी ने हत्या की है। पुलिस ने भी चंद्रकला के बच्चों से पूछताछ की ।
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