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सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए एसटीपी की कवायद तेज
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 29 Feb 2016 10:15 PM IST
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शहर की सीवरेज व्यवस्था में सुधार के लिए मोहम्मदपुर बिहारीपुर में करीब 10 एकड़ जमीन पर लाखों की धनराशि से एसटीपी का निर्माण कार्य कराने की तैयारी तेज हो गई है। नोएडा की त्रिवेणी कंपनी द्वारा 72 लाख की धनराशि से एसटीपी का निर्माण किया जाएगा। एसटीपी का कार्य प्रारंभ करने के लिए जमीन का समतलीकरण कराया जा रहा है।
सुहागनगरी में वर्ष 2008 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की योजना को मंजूरी मिली थी। जेनर्म योजना के तहत जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने का काम प्रारंभ से कछुआ गति से कराया गया। इसका परिणाम रहा कि करीब 100 करोड़ की धनराशि सीवर लाइन बिछाने और पंपिग स्टेशन पर ही खर्च हो गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मुख्य एसटीपी का निर्माण अधूरा रह गया। जलनिगम अस्थाई खंड द्वारा एसटीपी का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। यह प्रस्ताव दो साल तक शासन स्तर पर लंबित रहा। नगर विधायक मनीष असीजा द्वारा मामला विधानसभा में उठाया गया। इसके बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई अफसरों को निलंबित कर दिया। साथ ही एसटीपी निर्माण के लिए लाखों की धनराशि जारी कर दी थी। शासन से धनराशि मिलने के बाद जल निगम ने एसटीपी निर्माण की कवायद तेज कर दी है। जलनिगम ने नोएडा की त्रिवेणी कंपनी को एसटीपी स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। त्रिवेणी कंपनी ने एसटीपी का ले-आउट तैयार कर जलनिगम को उपलब्ध कराया था, जिसे जलनिगम ने पास कराने के लिए आईआईटी रुड़की को भेजा था। उस ले-आउट को आईआईटी रुड़की से हरी झंडी मिल गई है। साथ ही कंपनी द्वारा दो यूनिटों की डिजाइन तैयार कराई गई है, उन डिजाइनों को भी जांच के लिए भेजा दिया है। इधर, मोहम्मदपुर बिहारीपुर में एसटीपी निर्माण के लिए जमीन का समतीकरण कार्य तेजी से कराया है। साथ ही त्रिवेणी कंपनी ने अस्थाई कार्यालय बनाने की कवायद शुरू कर दी है।
एसटीपी निर्माण के लिए मोहम्मदपुर बिहारीपुर में जमीन के समतलीकरण का कार्य चल रहा हे। आईआईटी रुड़की से डिजाइन स्वीकृत हो गई है। दो यूनिटों की डिजाइन भी जांच के लिए भेजी गई हैं। हमारा प्रयास है कि कंपनी द्वारा जल्द एसटीपी का कार्य प्रारंभ किया जाए।
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राकेश कुमार
एक्सईएन-जलनिगम अस्थाई निर्माण खंड
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सुहागनगरी में वर्ष 2008 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की योजना को मंजूरी मिली थी। जेनर्म योजना के तहत जल निगम द्वारा सीवर लाइन बिछाने का काम प्रारंभ से कछुआ गति से कराया गया। इसका परिणाम रहा कि करीब 100 करोड़ की धनराशि सीवर लाइन बिछाने और पंपिग स्टेशन पर ही खर्च हो गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मुख्य एसटीपी का निर्माण अधूरा रह गया। जलनिगम अस्थाई खंड द्वारा एसटीपी का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया। यह प्रस्ताव दो साल तक शासन स्तर पर लंबित रहा। नगर विधायक मनीष असीजा द्वारा मामला विधानसभा में उठाया गया। इसके बाद शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई अफसरों को निलंबित कर दिया। साथ ही एसटीपी निर्माण के लिए लाखों की धनराशि जारी कर दी थी। शासन से धनराशि मिलने के बाद जल निगम ने एसटीपी निर्माण की कवायद तेज कर दी है। जलनिगम ने नोएडा की त्रिवेणी कंपनी को एसटीपी स्थापित करने की जिम्मेदारी सौंपी है। त्रिवेणी कंपनी ने एसटीपी का ले-आउट तैयार कर जलनिगम को उपलब्ध कराया था, जिसे जलनिगम ने पास कराने के लिए आईआईटी रुड़की को भेजा था। उस ले-आउट को आईआईटी रुड़की से हरी झंडी मिल गई है। साथ ही कंपनी द्वारा दो यूनिटों की डिजाइन तैयार कराई गई है, उन डिजाइनों को भी जांच के लिए भेजा दिया है। इधर, मोहम्मदपुर बिहारीपुर में एसटीपी निर्माण के लिए जमीन का समतीकरण कार्य तेजी से कराया है। साथ ही त्रिवेणी कंपनी ने अस्थाई कार्यालय बनाने की कवायद शुरू कर दी है।
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एसटीपी निर्माण के लिए मोहम्मदपुर बिहारीपुर में जमीन के समतलीकरण का कार्य चल रहा हे। आईआईटी रुड़की से डिजाइन स्वीकृत हो गई है। दो यूनिटों की डिजाइन भी जांच के लिए भेजी गई हैं। हमारा प्रयास है कि कंपनी द्वारा जल्द एसटीपी का कार्य प्रारंभ किया जाए।
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राकेश कुमार
एक्सईएन-जलनिगम अस्थाई निर्माण खंड