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पीडब्ल्यूडी कार्यालय पर ठेकेदारों का हंगामा
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:19 AM IST
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ठेकेदारों ने हंगामा किया
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पीडब्ल्यूडी विभाग के करोड़ों के टेंडर खरीदने को सोमवार को ठेकेदार भटकते रहे। प्रांतीय खंड और निर्माण खंड में कोई अधिकारी नहीं मिला। ठेकेदार एकजुट होकर सपा कार्यालय पहुंचे और जिलाध्यक्ष अमोल यादव से टेंडर नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने अफसरों से बात कर हल निकालने का भरोसा दिलाया। हालांकि देर शाम तक ठेकेदारों को टेंडर नहीं मिल सके। आरोप है कि इटावा के ठेकेदारों ने टेंडर हथिया लिए हैं।
पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से 80 करोड़ से अधिक रुपये से सड़कों का निर्माण कराया जाना है। 35 करोड़ के प्रांतीय खंड में करीब 150 टेंडर और निर्माण खंड में 250 टेंडरों की बिक्री होनी थी। करोड़ों रुपये के टेंडरों को हथियाने की जोर अजमाइश सत्ताधारी दल से जुड़े ठेकेदारों के बीच चल रही है। सोमवार को टेंडरों की बिक्री होनी थी। ठेकेदार सुबह दस बजे निर्माण और प्रांतीय खंड कार्यालयों पर पहुंच गए लेकिन अधिकारी सुबह से ही गायब रहे। निर्माण खंड के कर्मचारी संतोष ने कहा कि एक्सईएन संजीव सक्सेना प्रतिदिन आते हैं। आज फील्ड में गए होंगे। एई कक्ष में ताला लटका था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद ठेकेदार नारेबाजी करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इटावा के ठेकेदारों को अधिकांश टेंडर दे दिए गए। कमीशन लेकर काम दिया जा रहा है। ठेकेदारों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की। इनमें अनिल यादव, भीषमपाल, अवधेश यादव, उमेश यादव, सत्यभान यादव, प्रेमवीर सिंह, ब्रजेश यादव, अशोक यादव, रामकिशन, उपेंद्र यादव, महेश यादव, अमर पाल यादव, हरिओम यादव, रवीश यादव, केपी सिंह, कृष्ण मुरारी सिंह, जुगेश यादव, राधेश्याम,वीरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, पिंकी यादव, विपिन आदि प्रमुख रहे।
चार बार कैंसल हो चुके हैं टेंडर
करोड़ों के टेंडर हथियाने की जोर अजमाइश काफी दिनों से चल रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो चार बार तो टेंडर कैंसल हो चुके हैं। अधिकांश ठेकेदारों के सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण वरिष्ठ अधिकारी कुछ बोलने से कतराते हैं। सोमवार को एक्सईएन से बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी।
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पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से 80 करोड़ से अधिक रुपये से सड़कों का निर्माण कराया जाना है। 35 करोड़ के प्रांतीय खंड में करीब 150 टेंडर और निर्माण खंड में 250 टेंडरों की बिक्री होनी थी। करोड़ों रुपये के टेंडरों को हथियाने की जोर अजमाइश सत्ताधारी दल से जुड़े ठेकेदारों के बीच चल रही है। सोमवार को टेंडरों की बिक्री होनी थी। ठेकेदार सुबह दस बजे निर्माण और प्रांतीय खंड कार्यालयों पर पहुंच गए लेकिन अधिकारी सुबह से ही गायब रहे। निर्माण खंड के कर्मचारी संतोष ने कहा कि एक्सईएन संजीव सक्सेना प्रतिदिन आते हैं। आज फील्ड में गए होंगे। एई कक्ष में ताला लटका था। काफी देर तक इंतजार करने के बाद ठेकेदार नारेबाजी करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि इटावा के ठेकेदारों को अधिकांश टेंडर दे दिए गए। कमीशन लेकर काम दिया जा रहा है। ठेकेदारों ने डीएम को शिकायती पत्र सौंपकर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की। इनमें अनिल यादव, भीषमपाल, अवधेश यादव, उमेश यादव, सत्यभान यादव, प्रेमवीर सिंह, ब्रजेश यादव, अशोक यादव, रामकिशन, उपेंद्र यादव, महेश यादव, अमर पाल यादव, हरिओम यादव, रवीश यादव, केपी सिंह, कृष्ण मुरारी सिंह, जुगेश यादव, राधेश्याम,वीरेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, पिंकी यादव, विपिन आदि प्रमुख रहे।
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चार बार कैंसल हो चुके हैं टेंडर
करोड़ों के टेंडर हथियाने की जोर अजमाइश काफी दिनों से चल रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो चार बार तो टेंडर कैंसल हो चुके हैं। अधिकांश ठेकेदारों के सत्ताधारी दल से जुड़े होने के कारण वरिष्ठ अधिकारी कुछ बोलने से कतराते हैं। सोमवार को एक्सईएन से बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी।
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