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Firozabad News: जिम्मेदार जागरूक नहीं, धरातल पर साकार नहीं सरकारी कार्ययोजना

Mon, 05 Jun 2023 12:34 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Mon, 05 Jun 2023 12:34 AM IST
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Responsible not aware, government action plan not realized on the ground
फिरोजाबाद। टीटीजेड एरिया फिरोजाबाद में पर्यावरण संरक्षण को लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं। एक दर्जन विभागों की कार्य योजना भी बनी हुई है। लेकिन कार्ययोजना अभी भी धरातल पर नहीं है। टीटीजेड में प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम में फंसे वाहन कार्बन उगल रहे हैं। निगम एरिया में पॉलीथिन की भरमार है। वहीं हरियाली के लिए चिहिंत अधिकांश भूमि अभी भी बंजर हालत में पड़ी है। पांच साल में सवा करोड़ से ज्यादा पौधारोपण के आंकड़ों में भी बड़ा झोल है। रोपे गये पौधे धरातल पर कहां है। इसका जवाब जिम्मेदार विभागों के पास नहीं है। वहीं घनी आबादी में संचालित कांच, चूड़ी पॉलिस प्लांट प्रयुक्त होने वाले खतरनाक केमिकल और कारखानों में उड़ रहे लस्टर के गुबार भी जिम्मेदार विभागों की नजरें से दूर हैं। खास बात है कि निजी हित के लिए पर्यावरण के साथ खिलवाड़ कर रहे रसूखदार पूरी तरह से बेपरवाह हैं। वहीं विभागीय अफसर की चुप्पी भी आमजन के मध्य सवालों के घेरे में हैं।
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पॉलिथीन स्टॉकिस्ट कार्रवाई से कोसों दूर
पर्यावरण के लिये गंभीर खतरा बन चुकी सिंगल यूज पॉलिथीन पर रोक लग चुकी है। लेकिन फिर भी इसका चलन बदस्तूर जारी है। पॉलिथीन के चलन पर अंकुश को नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अभियान चला रहा है। अभियान ठेल-खोमचा संचालक, छोटे दुकानदारों पर जुर्माने तक ही सीमित है। पॉलिथीन के स्टॉकिस्ट और सप्लायर्स अभियान से मीलों दूर हैं।
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नहीं बदली जाम की तस्वीर, वायु प्रदूषण कर रहा सेहत पर वार
- टीटीजेड एरिया में वायु प्रदूषण के कारकों पर अंकुश के लिये प्रमुख चौराहों जाम नहीं लगे इसके लिये करोड़ों की लागत से आईटीएमएस सिस्टम स्थापित किया। लेकिन गांधी पार्क, सुभाष तिराहा, कोटला चुंगी, दीपा चौराहा टूंडला,स्टेशन रोड़ तिकुनिया, सदर बाजार के अलावा बंबा चौराहा पर लगने वाले जाम की तस्वीर अभी बदली नहीं है। वायु प्रदूषण का ग्राफ 250 एक्यूआई के आस पास ही चल रहा है। हाल में ही यह बरिश के कारण तापमान के साथ एक्यूआई का स्तर कम हुआ है। लेकिन यह परेशानी लगातार बनी हुई है।
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12 हॉट स्पॉट इलाकों में कच्ची पटरी पर उड़ रही धूल
- वहीं नव निर्माण के नाम पर करोडों रुपये की धनराशि फुंकने के बाद भी अत्याधिक धूल के कारण चिहिंत 12 हॉट स्पॉट इलाकों ककरऊ कोठी, स्टेशन रोड, आसफाबाद, राजा का ताल और नगला भाऊ और नगला बरी के अलावा नये बाईपास मार्ग पर कच्ची सड़क की पटरियों पर आज भी धूल के गुबार आसानी से देखे जा सकते हैं।
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औद्योगिक आस्थानों से हरित पट्टिका गायब
वर्ष 2018 से लेकर वर्ष 2022 के बीच सघन पौधरोपण अभियान के दौरान जिले में लगभग एक करोड़,32 लाख पौधे रोपे जाने के आंकड़े हैं। इस अवधि में रोपे गए पौधों की वर्तमान हालत क्या हैं। इसकी पुख्ता जानकारी विभागीय अफसर देना नहीं चाहते। यही कारण है कि पौधरोपण अभियान की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि वन विभाग की माने तो हर साल करीब 15 प्रतिशत पौधे प्राकृतिक आपदा, जानवरों द्वारा नष्ट कर दिये जाते हैं।जबकि सच्चाई है कि औद्योगिक आस्थान नगला भाऊ फिरोजाबाद और शिकोहाबाद, यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान जलेसर रोड पर हरित पट्टिका वाली जगहों पर उद्यमियों ने मलबा,कबाड अथवा साईिकल-वाहन पॉकिंग बना कर कब्जा किया हुआ है। उद्योग विभाग को ये अवैध कब्जे नजर नहीं आते।


यमुना नदी की अविरल धारा को मैला कर रहा केमिकल युक्त पानी
गंगा-यमुना शुद्धिकरण अभियान के तहत जिले के पंचायती राज विभाग और वन विभाग ने मिल कर वृहद कार्ययोजना बनाई। यमुना की तलहटी वाले 34 ग्राम व पंचायतों में नदी के किनारे शौच क्रिया पर पूर्ण प्रतिबंध, अंत्येष्टि पर रोक, मंदिरों का जीर्णोद्धार, गंगा आरती आदि कार्ययोजना का हिस्सा थीं। सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया गया। बाद में दोनों विभाग की पूरी कार्य योजना धरी की धरी रह गई। सामाजिक संगठन भी विभागों की लचर कार्य प्रणाली की वजह से किनारा कर गये। वहीं नगर निगम से निकलने वाला गंदा व केमिकल युक्त पानी झाग के रूप में यमुना की धारा में प्रवाहित होते दिखता है।
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मास्टर प्लान एरिया में विकसित होती रहीं अवैध कॉलोनी,कटते रहे पेड़- टूंडला से लेकर सिरसागंज तहसील क्षेत्र तक मास्टर प्लान एरिया में गत वर्षों में 100 से अधिक अवैध कॉलोनी विकसित हो गईं। जिले के समुचित और सुनियोजित विकास को जिम्मेदार विभाग विकास प्राधिकरण द्वारा गत वर्ष 50 से अधिक अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर भी चलाया। लेकिन कॉलोनी आज भी यथावत हैं। इन कॉलोनियों की जद वाले एरिया में हजारों हरे पेड़ों को सुनियोजित तरीके से नेस्तनाबूद कर दिया गया। लेकिन विभागों को इसकी कानों कान खबर नहीं हुई।


विभागों की कार्यशैली पर सवाल, लोगों की जागरूकता से दिखेगा बदलाव
फिरोजाबाद। जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर किये जा रहे कार्यों पर पर्यावरण प्रेमियों ने विभागों की कार्य शैली पर सवाल खड़े किये हैं। खास तौर पर एआरटीओ,नगर निगम, वन विभाग और यातायात पुलिस के अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्यशैली को लेकर पर्यावरण प्रेमियों ने निराशा जताई है। पर्यावरण प्रेमियों की माने तो विभागीय अधिकारी महज कोरम पूरा करने के लिये ही सामाजिक संगठनों का सहारा लेते हैं। बाकी कार्य योजना तैयार और उस पर क्रियान्वयन के दौरान उनकी अनदेखी की जाती है।

पर्यावरण प्रेमियों व प्रहरियों की बात- अलहादपुर में वन विभाग की भूमि पर शीशम और विलायती बबूल के सैंकड़ों पेड़ थे। लेकिन अधिकांश पेड़ों को माफिया किस्म के लोग काट कर ले गये। अलहादपुर में पेड़ों को बचाने के लिये वन विभाग को सूचित किया। सुनवाई नहीं हुई तो एनजीटी में रिट संख्या 2461023 सत्यनरायन बनाम वन विभाग भी दायर की। लेकिन इसके बाद भी वन विभाग के अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी। अब जसराना-घिरोर मार्ग पर नगला हरिया के समीप बंजर भूमि पर 100 से अधिक हिरण विचरण करते हैं। सैंकड़ो बबूल के पेड़ों से इन हिरणों का संरक्षण मिलता है। लेकिन माफिया की नजरें इन बबूल के पेड़ों पर है। कटान शुरू हो गया है। अधिकारी बेखबर हैं। - सत्यनरायण सिंह, पर्यावरण प्रहरी


हमने निजी संसाधनों से अब तक करीब 5000 से अधिक पेड़-पौधे अलग-अलग जगहों पर लगाये हैं। जहां तक पर्यावरण संरक्षण की बात है। तो टीटीजेड एरिया में प्लास्टिक के चलन पर अंकुश के लिये विभागों की कार्य शैली लचर है। सिंगल प्लास्टिक और प्लास्टिक पैकिंग वाले ट्रेटा पैक जलवायु संरक्षण के लिए गंभीर खतरा हैं। हरियाली से ही फिरोजाबाद की आबोहवा में सुुधार हो सकता है। - मुकेश बंसल टोनी, उद्यमी एवं पर्यावरण प्रेमी


पर्यावरण संरक्षण के विषय पर आम जन की लापरवाही भी बड़ा सवाल है। लोग सिंगल यूज प्लास्टिक कैरीबैग का मोह नहीं छोड़ रहे। प्लास्टिक जनित कचरा से तमाम कलात्मक चीजें बनाई जा सकती हैं। निगम ने इस तरह के कई प्रयोग भी करके दिखाये है। यह अच्छी बात है। लेकिन सडकों पर उड़ने वाली धूल पर रोक लगाने के लिये निगम के प्रयास अधूरे हैं। वहीं एसटीपी प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे। यही कारण है कि हमारी यमुना आज भी मैैली है। - प्रवीन अग्रवाल पर्यावरण प्रहरी

हम जागरूक कर सकते हैंं। लेकिन जब तक लोग पर्यावरण संरक्षण से जुड़े पहलुओं को अपने जीवन में उतारेंगे तब तक परिर्वतन नहीं दिखेगा। लोगों को यह समझना चाहिये कि वे पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता गंभीर विषय हैं। अभी सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में अपने पैरों पर ही कुल्हाडी मारने जैसे परिणाम सामने आयेंगे। - सीमा निमेष, शिक्षिका, ब्रांड एंबेसडर स्वच्छ भारत मिशन



टीटीजेड एरिया में वायु गुणवत्ता सुधार के लिये नगर निगम द्वारा 12 नए पार्कों का निर्माण कराया गया। कूड़ा-कचरा निस्तारण के लिये दो एमआरएफ सेंटर संचालित हैं। गंदे पानी के शोधन के लिये दो एसटीपी प्लांट संचालित हैं। एक एसटीपी का प्रस्तावित है। हम ्रप्लास्टिक जनित कचरा प्रबंधन और सिंगल यूज प्लास्टिक पर अंकुश लगाने को निरंतर काम कर रहे हैं। - घनश्याम मीणा नगर आयुक्त


- यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए आईटीएमएस सिस्टम संचालित है। चौराहों पर लगने वाला जाम कार्बन उर्त्सजन का प्रमुख कारण है। चौराहों पर जाम नहीं लगने तथा वाहनों का आवागमन सुचारू रहे इसके लिये लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। प्रमुख चौराहों पर यातायात प्रबंधन के लिये पर्याप्त पुलिस कर्मी तैनात हैं। - गगन गौड़ यातायात प्रभारी


- पांच साल तक चले वृहद पौधारोपण अभियान के जिले में यमुना की तलहटी वाले इलाकों में लगभग आठ किलोमीटर वन क्षेत्र की बढोत्तरी हुई है। पेड़-पौधों के अवैध कटान को टास्क फोर्स गठित किया गया है। दूसरे विभागों से गत वर्षों में हुये वृक्षारोपण की रिपोर्ट मांगी हैं। जहां पर खाली भूमि है,उन जगहों पर सघन पौधारोपण की कार्य योजना बनाई है। - विकास नायक प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी


- कारखानों में खतरनाक कैमीकल के प्रयोग पर अंकुश लगाने को निरंतर भ्रमण करते हैं। ईट भट्ठों को जिग जैग प्रणाली के जरिये संचालित कराने की कोशिश की जा रही है। वायु गुणवत्ता की मॉनीटरिंग रोज कराई जाती है। - इंजीनियर बीके दुबे क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड




- औद्योगिक आस्थानों में सड़क सहारे खाली पटरी पर हरित पट्टिका बनाने का सुझाव है। इसके अलावा यूपीसीडा,नगला भाऊ और शिकोहाबाद,उसायनी के अलावा टूंडला स्थित आस्थान में पौधारोपण की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इकाईयों में अगर हानिकारक कैमीकल का प्रयोग होते मिला तो कार्रवाई करेंगे। - संदीप यादव, सहायक प्रबंधक जिला उद्योग केंद्र
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