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Firozabad News: वर्ष 2025 तक नेचुरल गैस की दरें रहेंगी स्थिर
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फिरोजाबाद। जिले की कांच व चूड़ी इकाई संचालकों को नेचुरल गैस की दरों में आए दिन होने वाले उतार-चढ़ाव की टेंशन से मुक्ति मिलेगी। केंद्र सरकार ने कीरीट पारखी कमेटी की सिफारिशों को दो साल तक लागू करने के लिये अपनी स्वीकृति दे दी है। ऐसे में कांच इकाईयों में फुंकने वाली नेचुरल गैस के दाम 31 मार्च 2025 तक स्थिर रहेंगे। नेचुरस गैस की दरें स्थिर होने से फिरोजाबाद की कांच एवं चूड़ी इकाइयों को खासी राहत की उम्मीद है।
मार्च 2023 से पूर्व तक फिरोजाबाद की कांच और इकाइयों को मंहगी गैस और कच्चे माल की दरों में हो चुकी बेहतहाशा बढ़ोत्तरी के कारण तमाम तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मार्च से पूर्व देश की कंपनियों द्वारा नैचुरल गैस की दर निर्धारण को लेकर एक बैठक की जानी थी। इसमें नेचुरल गैस की दरों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की आशंका जताई जा रही थी। इससे पूर्व नेचुरल गैस की दर निर्धारण को लेकर कीरीट पारीख कमेटी ने गत 30 नवंबर 2022 को केंद्र सरकार से नेचुरल गैस की दरों को आगामी 2027 तक यथावत रखने की सिफारिश की गई थी।
सात अप्रैल 2023 को हुई गैस एवं तेल उत्पादक कंपनियों के साथ हुई बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने कीरीट कमेटी की सिफारिशों को मार्च 2025 तक लागू करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। ऐसे में फिरोजाबाद की कांच एवं चूड़ी इकाइयों में लगने वाली नेचुरल गैस (एपीएम) की दरों में हर पखवाड़ा में होने वाले परिर्वतन पर विराम लग गया है। यानि वर्ष 2025 तक नेचुरल गैस की दर स्थिर रहने की उम्मीद हैं।
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- कांच इकाइयों में प्रतिमाह फुंकने वाली एडमिनिस्ट्रेटिव प्राइस मैकेनेजिस्म यानि एपीएम का कोटा-- -- -- 11 लाख घनमीटर
-खुले बाजार की कीमत वाली आरएलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) गैस की अनुमानित खपत-- -- 2.5 लाख घनमीटर
- जिले में के विभिन्न हिस्सों में संचालित कांच एवं चूड़ी इकाइयों की संख्या-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- 325
गैस के दाम स्थिर होने से कांच व चूड़ी उद्योग को मिलेेेगी राहत
कांच इकाइयों में ईधन के रूप में फुंकने वाली नैचुरल गैस की दरें स्थित रहने से जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय कांच बाजार में अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा आसान होगी। वही दूसरी ओर घरेलू बाजार में कांच आयटम की डिमांड भी बढ़ने की उम्मीदें हैं।
कीरीट कमेटी की रिपोर्ट के बाद घटे गैस के दाम-
फरवरी 2023 में-- -- 41.73 रुपये प्रति घनमीटर (लगभग)
मार्च 2023 में-- -- -- 41.50 रुपये प्रति घनमीटर (लगभग )
अप्रैल 2023 में-- -- - 34.90 रुपये प्रति घनमीटर ( लगभग)
मई 2023 में-- -- -- - 35.00 रुपये प्रति घनमीटर (लगभग)
-नेचुरल गैस के दाम को लेकर कीरीट कमेटी की सिफारिशों को केंद्र की सैद्वातिक मंजूरी मिलने की जानकारी सुखद है। इससे आये दिन कांच की दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव से निजात मिलेगी। वहीं अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजारों में भी कांच आयटम की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है।
हेमंत अग्रवाल चॉयस ग्लास
- नई नीति से कांच आयटम सप्लायर्स व एक्सपोर्टरों को कारखानों से माम खरीदना आसान होगा। पहले आये दिन कारखानेदारों व सप्लायरों के बीच कांच आयटम की लागत और दर निर्धारण में दिक्कतें होती थीं। - राजेश शर्मा कांच आयटम के सप्लायर
- मुझे अभी इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। गेल के विपणन व विक्रय विभाग से जानकारी कर कुछ कह पाऊंगी। - शिल्पी टंडन, जन संपर्क अधिकारी गेल इंडिया
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मार्च 2023 से पूर्व तक फिरोजाबाद की कांच और इकाइयों को मंहगी गैस और कच्चे माल की दरों में हो चुकी बेहतहाशा बढ़ोत्तरी के कारण तमाम तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मार्च से पूर्व देश की कंपनियों द्वारा नैचुरल गैस की दर निर्धारण को लेकर एक बैठक की जानी थी। इसमें नेचुरल गैस की दरों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की आशंका जताई जा रही थी। इससे पूर्व नेचुरल गैस की दर निर्धारण को लेकर कीरीट पारीख कमेटी ने गत 30 नवंबर 2022 को केंद्र सरकार से नेचुरल गैस की दरों को आगामी 2027 तक यथावत रखने की सिफारिश की गई थी।
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सात अप्रैल 2023 को हुई गैस एवं तेल उत्पादक कंपनियों के साथ हुई बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने कीरीट कमेटी की सिफारिशों को मार्च 2025 तक लागू करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। ऐसे में फिरोजाबाद की कांच एवं चूड़ी इकाइयों में लगने वाली नेचुरल गैस (एपीएम) की दरों में हर पखवाड़ा में होने वाले परिर्वतन पर विराम लग गया है। यानि वर्ष 2025 तक नेचुरल गैस की दर स्थिर रहने की उम्मीद हैं।
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- कांच इकाइयों में प्रतिमाह फुंकने वाली एडमिनिस्ट्रेटिव प्राइस मैकेनेजिस्म यानि एपीएम का कोटा
-खुले बाजार की कीमत वाली आरएलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) गैस की अनुमानित खपत
- जिले में के विभिन्न हिस्सों में संचालित कांच एवं चूड़ी इकाइयों की संख्या
गैस के दाम स्थिर होने से कांच व चूड़ी उद्योग को मिलेेेगी राहत
कांच इकाइयों में ईधन के रूप में फुंकने वाली नैचुरल गैस की दरें स्थित रहने से जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय कांच बाजार में अन्य देशों से प्रतिस्पर्धा आसान होगी। वही दूसरी ओर घरेलू बाजार में कांच आयटम की डिमांड भी बढ़ने की उम्मीदें हैं।
कीरीट कमेटी की रिपोर्ट के बाद घटे गैस के दाम-
फरवरी 2023 में
मार्च 2023 में
अप्रैल 2023 में
मई 2023 में
-नेचुरल गैस के दाम को लेकर कीरीट कमेटी की सिफारिशों को केंद्र की सैद्वातिक मंजूरी मिलने की जानकारी सुखद है। इससे आये दिन कांच की दरों में होने वाले उतार-चढ़ाव से निजात मिलेगी। वहीं अंतरराष्ट्रीय व घरेलू बाजारों में भी कांच आयटम की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है।
हेमंत अग्रवाल चॉयस ग्लास
- नई नीति से कांच आयटम सप्लायर्स व एक्सपोर्टरों को कारखानों से माम खरीदना आसान होगा। पहले आये दिन कारखानेदारों व सप्लायरों के बीच कांच आयटम की लागत और दर निर्धारण में दिक्कतें होती थीं। - राजेश शर्मा कांच आयटम के सप्लायर
- मुझे अभी इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। गेल के विपणन व विक्रय विभाग से जानकारी कर कुछ कह पाऊंगी। - शिल्पी टंडन, जन संपर्क अधिकारी गेल इंडिया