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जिंदगी हार गई नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता: सात दिन तक अस्पताल में माैत से लड़ी, हैवानियत भी बयां न कर सकी
Fri, 06 Nov 2026 10:53 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 06 Nov 2026 10:53 PM IST
सार
फिरोजाबाद में दरिंदगी की शिकार हुई नाबालिग की उपचार के दाैरान माैत हो गई। शुक्रवार को शव गांव पहुंचा तो हर किसी की आंख नम हो गई। घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
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death demo
- फोटो : iStock
विस्तार
रोशनी और खुशियों के पर्व के बीच थाना खैरगढ़ क्षेत्र से एक बेहद झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। 31 अक्तूबर की रात दरिंदगी का शिकार बनी 16 वर्षीय अनुसूचित जाति की किशोरी ने लगभग एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच कड़ा संघर्ष करने के बाद शुक्रवार सुबह एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में दम तोड़ दिया। अचेत अवस्था में रहने के कारण वह अंतिम सांस तक अपने साथ हुई हैवानियत की दास्तां बयां नहीं कर सकी। उसकी अनकही चीखें हमेशा के लिए खामोश हो गईं।
किशोरी की मौत की सूचना पर थाना खैरगढ़ पुलिस आगरा पहुंची और एसएन मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराया। शाम 4 बजे शव गांव लाया गया। इस अमानवीय घटना से आहत ग्रामीणों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले और हर आंख नम नजर आई। ग्रामीणों और परिजन ने एक सुर में तीनों दरिंदों को फांसी की सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की।
शव गांव पहुंचते ही भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 20 लाख रुपये मुआवजा, 5 बीघा जमीन, परिवार को सुरक्षा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से पहले विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एसडीएम शिकोहाबाद राजेश शुक्ला और सीओ शिकोहाबाद जयबिंद कुमार गुप्ता थाना खैरगढ़, शिकोहाबाद और मक्खनपुर पुलिस के साथ तुरंत पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शासन स्तर से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।
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किशोरी की मौत की सूचना पर थाना खैरगढ़ पुलिस आगरा पहुंची और एसएन मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराया। शाम 4 बजे शव गांव लाया गया। इस अमानवीय घटना से आहत ग्रामीणों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले और हर आंख नम नजर आई। ग्रामीणों और परिजन ने एक सुर में तीनों दरिंदों को फांसी की सजा दिए जाने की पुरजोर मांग की।
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शव गांव पहुंचते ही भीम आर्मी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए 20 लाख रुपये मुआवजा, 5 बीघा जमीन, परिवार को सुरक्षा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार से पहले विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर एसडीएम शिकोहाबाद राजेश शुक्ला और सीओ शिकोहाबाद जयबिंद कुमार गुप्ता थाना खैरगढ़, शिकोहाबाद और मक्खनपुर पुलिस के साथ तुरंत पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शासन स्तर से हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिया।
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अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस पहले ही तीनों आरोपियों को जेल भेज चुकी है। अब मुकदमे में हत्या की धाराएं और बढ़ाई जा रही हैं। इस पूरे प्रकरण का फास्ट ट्रैक कोर्ट में त्वरित ट्रायल कराकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की कड़ी निगरानी में गमगीन माहौल के बीच 6 बजे करीब किशोरी का अंतिम संस्कार हुआ।
यह हुई थी वारदात, तीनों आरोपी सलाखों के पीछे
बीते एक नवंबर को थाना खैरगढ़ क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी खेत में मरणासन्न हालत में मिली थी। 31 अक्तूबर की रात वह अपनी दादी के साथ खेत पर शौच को गई थी। शौच के लिए दादी से कुछ दूर जाकर शौच को बैठी थी। दादी तो घर वापस लौट गईं। किशोरी घर नहीं पहुंची थी। परिवार वालों ने रात में तलाश की। एक नवंबर को सुबह गांव के ही एक खेत में वह मरणासन्न हालत में मिली थी। उसकी गर्दन और सीने पर गहरे निशान थे तथा कपड़े अस्त-व्यस्त थे।
शुरुआती दौर में पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने खुलासा किया था कि ऋषि निवासी सकटू, थाना खैरगढ़ किशोरी से बात करता था और उसने ही उसे शौच के बहाने बुलाया था और खेत में दुष्कर्म किया था। इसके बाद उसके दोस्त शिवांश उर्फ आशिक निवासी ग्राम नावली ने दुष्कर्म किया था। इस दौरान ऋषि का भाई जगत पहरेदारी कर रहा था। पुलिस ने एक नवंबर की रात को ही ऋषि और जगत को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। शिवांश उर्फ आशिक को 2 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया था कि उन्होंने दुष्कर्म का विरोध करने पर किशोरी का गला दबाया था। इससे वह अचेत हो गई थी और उसे मरा हुआ समझकर भाग गए थे।
यह हुई थी वारदात, तीनों आरोपी सलाखों के पीछे
बीते एक नवंबर को थाना खैरगढ़ क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी खेत में मरणासन्न हालत में मिली थी। 31 अक्तूबर की रात वह अपनी दादी के साथ खेत पर शौच को गई थी। शौच के लिए दादी से कुछ दूर जाकर शौच को बैठी थी। दादी तो घर वापस लौट गईं। किशोरी घर नहीं पहुंची थी। परिवार वालों ने रात में तलाश की। एक नवंबर को सुबह गांव के ही एक खेत में वह मरणासन्न हालत में मिली थी। उसकी गर्दन और सीने पर गहरे निशान थे तथा कपड़े अस्त-व्यस्त थे।
शुरुआती दौर में पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पुलिस ने खुलासा किया था कि ऋषि निवासी सकटू, थाना खैरगढ़ किशोरी से बात करता था और उसने ही उसे शौच के बहाने बुलाया था और खेत में दुष्कर्म किया था। इसके बाद उसके दोस्त शिवांश उर्फ आशिक निवासी ग्राम नावली ने दुष्कर्म किया था। इस दौरान ऋषि का भाई जगत पहरेदारी कर रहा था। पुलिस ने एक नवंबर की रात को ही ऋषि और जगत को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। शिवांश उर्फ आशिक को 2 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया था कि उन्होंने दुष्कर्म का विरोध करने पर किशोरी का गला दबाया था। इससे वह अचेत हो गई थी और उसे मरा हुआ समझकर भाग गए थे।
बयान भी दर्ज नहीं करा सकी पीड़िता
किशोरी अपने साथ हुई हैवानियत के बारे में एक शब्द भी नहीं बोल पाई। पहले दिन से वेंटिलेटर पर भर्ती किशोरी के परिजन पुलिस और डॉक्टर लगातार उसकी सेहत में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे थे। गले की अंदरूनी गंभीर चोटों और सदमे के कारण उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। पुलिस व मजिस्ट्रेट उसके होश में आने और बयान दर्ज होने का इंतजार कर रहे थे ताकि मुकदमे में और पुख्ता कानूनी कार्रवाई के लिए उसके बयान दर्ज किए जा सके। वह सात भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। पिता मजदूरी करते हैं।
पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाई जाएगी। एससी-एसटी एक्ट के तहत उनको कानूनी रूप से दिए जाने वाले मुआवजे भी दिलाया जाएगा। -राजेश शुक्ला, एसडीएम शिकोहाबाद
मैं खुद इस वारदात की विवेचना कर रहा हूं। पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। परिजन ने बिना किसी हंगामे के शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार किया। -जयबिंद कुमार गुप्ता, सीओ
किशोरी अपने साथ हुई हैवानियत के बारे में एक शब्द भी नहीं बोल पाई। पहले दिन से वेंटिलेटर पर भर्ती किशोरी के परिजन पुलिस और डॉक्टर लगातार उसकी सेहत में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे थे। गले की अंदरूनी गंभीर चोटों और सदमे के कारण उसकी स्थिति लगातार नाजुक बनी रही। पुलिस व मजिस्ट्रेट उसके होश में आने और बयान दर्ज होने का इंतजार कर रहे थे ताकि मुकदमे में और पुख्ता कानूनी कार्रवाई के लिए उसके बयान दर्ज किए जा सके। वह सात भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। पिता मजदूरी करते हैं।
पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाई जाएगी। एससी-एसटी एक्ट के तहत उनको कानूनी रूप से दिए जाने वाले मुआवजे भी दिलाया जाएगा। -राजेश शुक्ला, एसडीएम शिकोहाबाद
मैं खुद इस वारदात की विवेचना कर रहा हूं। पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। परिजन ने बिना किसी हंगामे के शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार किया। -जयबिंद कुमार गुप्ता, सीओ