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तारकोल के ड्रमों से घिरा जिला पंचायत कार्यालय
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फिरोजाबाद। विकास कार्य कराने के लिए जिला पंचायत ने कई टन तारकोल मंगा लिया लेकिन बजट नहीं होने के कारण तारकोल के ड्रम कार्यालय परिसर में ही पड़े हैं। अब बजट के अभाव में जिला पंचायत कार्यालय तारकोल का गोदाम बन गया है।
सड़कों की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए जिला पंचायत ने तारकोल ठेकेदारों को मुहैया करने का निर्णय लिया था। ऐसे में लॉकडाउन से पूर्व ही जिला पंचायत ने कई टन तारकोल मंगा लिया। हालांकि लॉकडाउन लगने के बाद विकास कार्य भी रुक गए और विकास कार्यों के लिए जिला पंचायत के पास बजट भी नहीं आया। अब पहले से मंगाया तारकोल ड्रमों में जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ही पड़ा है।
इस संबंध में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत देशराज सिंह ने बताया कि जिला पंचायत के पास अभी विकास कार्य कराने को बजट नहीं है। राज्य वित्त एवं पंद्रहवें वित्त से भी कोई धनराशि नहीं मिली है। पहले से जमा धनराशि से ही डामर (तारकोल) मंगा लिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन के बजट के मिलने के साथ जिला पंचायत के द्वारा विकास कार्य को कराया जाएगा।
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सड़कों की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए जिला पंचायत ने तारकोल ठेकेदारों को मुहैया करने का निर्णय लिया था। ऐसे में लॉकडाउन से पूर्व ही जिला पंचायत ने कई टन तारकोल मंगा लिया। हालांकि लॉकडाउन लगने के बाद विकास कार्य भी रुक गए और विकास कार्यों के लिए जिला पंचायत के पास बजट भी नहीं आया। अब पहले से मंगाया तारकोल ड्रमों में जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ही पड़ा है।
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इस संबंध में अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत देशराज सिंह ने बताया कि जिला पंचायत के पास अभी विकास कार्य कराने को बजट नहीं है। राज्य वित्त एवं पंद्रहवें वित्त से भी कोई धनराशि नहीं मिली है। पहले से जमा धनराशि से ही डामर (तारकोल) मंगा लिया गया है। उन्होंने कहा कि शासन के बजट के मिलने के साथ जिला पंचायत के द्वारा विकास कार्य को कराया जाएगा।
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