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कांच उद्योग को मंदी से उबारने के लिए कांच उत्पादों की ब्राडिंग कराएगा उद्योग विभाग
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फिरोजाबाद। कोविड-19 क ा प्रकोप कम होने के साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। शासन के निर्देशों के बाद जिले का कांच उद्योग विभाग उत्पादों और चूड़ी की ब्रांडिंग कराने की कवायद में जुटा है। एक जिला-एक उत्पाद योजनांतर्गत सार्वजनिक स्थलों, बस एवं रेलवे स्टेशनों पर ओडीओपी सेंटर खोले जाएंगे। इन सेंटरों पर कांच उत्पादों और चूड़ी आदि के स्टॉल लगाए जाएंगे।
मंदी से जूझ रहे कांच उद्योग को ओडीओपी योजना के जरिए पटरी पर लाने की कोशिश कांच उद्योग विभाग द्वारा की जा रही है। शासन द्वारा कांच उत्पादों की मांग बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थलों खास तौर पर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी भवन, गेस्ट हाउस और गांधी आश्रम आदि पर कांच उत्पादों की ब्रांडिंग कराने के साथ ही स्टॉल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से भी नगर के प्रमुख स्थानों पर कांच उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्टॉल चिह्नित लोगों को अनुबंध के आधार पर दिए जाएंगे। स्टॉल लगाने अथवा संचालन पर होने वाले खर्च की आधी राशि अनुदान के रूप में स्टॉल संचालक को दी जाएगी । इसके लिए बजट उद्योग विभाग के माध्यम से जारी किया जाएगा।
स्टॉल के लिए यह रहेंगे नियम-
- स्टॉल संचालक के पास बस अथवा रेलवे स्टेशन पर खुद की 100 वर्गफीट की दुकान अथवा कम से कम दो वर्ष के लिए अनुबंधित स्टॉल होना चाहिए। -ओडीओपी स्टॉल का प्रयोग केवल एक जनपद-एक उत्पाद योजना के तहत उत्पादों की बिक्री और डिस्प्ले के लिए ही किया जाएगा।
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- एक जीएसटी नंबर पर एक ही स्टॉल संचालित किया जाएगा।
- स्टॉल संचालक जनपद का ही निवासी होना चाहिए।
कांच उद्योग को मंदी से उबारने के लिए प्रत्येक संभव प्रयास किया जाएगा। ओडीओपी स्टॉल लगने से कांच उत्पादों और चूड़ी की ब्रांडिंग होने से मांग बढ़ने की उम्मीद है। इससे रोजगार के अवसर पर भी बढेंगे। शासनादेश के अनुरूप जरूरी बजट की मांग शासन को भेजी जा रही है। -अमरेश पांडे, उपायुक्त उद्योग ।
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मंदी से जूझ रहे कांच उद्योग को ओडीओपी योजना के जरिए पटरी पर लाने की कोशिश कांच उद्योग विभाग द्वारा की जा रही है। शासन द्वारा कांच उत्पादों की मांग बढ़ाने के लिए सार्वजनिक स्थलों खास तौर पर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी भवन, गेस्ट हाउस और गांधी आश्रम आदि पर कांच उत्पादों की ब्रांडिंग कराने के साथ ही स्टॉल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा एलईडी डिस्प्ले के माध्यम से भी नगर के प्रमुख स्थानों पर कांच उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। स्टॉल चिह्नित लोगों को अनुबंध के आधार पर दिए जाएंगे। स्टॉल लगाने अथवा संचालन पर होने वाले खर्च की आधी राशि अनुदान के रूप में स्टॉल संचालक को दी जाएगी । इसके लिए बजट उद्योग विभाग के माध्यम से जारी किया जाएगा।
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स्टॉल के लिए यह रहेंगे नियम-
- स्टॉल संचालक के पास बस अथवा रेलवे स्टेशन पर खुद की 100 वर्गफीट की दुकान अथवा कम से कम दो वर्ष के लिए अनुबंधित स्टॉल होना चाहिए। -ओडीओपी स्टॉल का प्रयोग केवल एक जनपद-एक उत्पाद योजना के तहत उत्पादों की बिक्री और डिस्प्ले के लिए ही किया जाएगा।
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- एक जीएसटी नंबर पर एक ही स्टॉल संचालित किया जाएगा।
- स्टॉल संचालक जनपद का ही निवासी होना चाहिए।
कांच उद्योग को मंदी से उबारने के लिए प्रत्येक संभव प्रयास किया जाएगा। ओडीओपी स्टॉल लगने से कांच उत्पादों और चूड़ी की ब्रांडिंग होने से मांग बढ़ने की उम्मीद है। इससे रोजगार के अवसर पर भी बढेंगे। शासनादेश के अनुरूप जरूरी बजट की मांग शासन को भेजी जा रही है। -अमरेश पांडे, उपायुक्त उद्योग ।