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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   In-laws had a lock, missing relatives

ससुराल में पड़ा ताला, रिश्तेदार भी गायब

Sun, 07 Dec 2014 12:17 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sun, 07 Dec 2014 12:17 AM IST
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यादव सिंह की करोड़पति पत्नी और कई कंपनियों की मालिक कुसुमलता फीरोजाबाद के मोहल्ला दुली की रहने वाली हैं। लोग बताते हैं कि कुसुमलता बमुश्किल कक्षा आठ पास होगी। शादी के बाद पढ़ाई और कर ली तो कह नहीं सकते। यादव सिंह की हनक और सत्ता तक पहुंच का ही नतीजा था कि बसपा सरकार में यहां के नेता तो नेता अफसर तक यादव सिंह की ससुराल और उनके नोएडा स्थित आवास पर हाजिरी लगाने जाते थे। हालांकि अब मामले का खुलासा होने पर यहां सन्नाटा पसरा हुआ है।
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मोहल्ला दुली की रहने वाली यादव सिंह की पत्नी कुसमलता की भी हनक कम नहीं थी। बताया जाता है कि जब कुसुम यहां लग्जरी गाड़ी में आती थी, तब मिलने वालों का तांता लग जाता था। यहां के तमाम लोगों का उनसे सीधा जुड़ाव था। लोग बताते हैं जब भी शहर से कोई यादव सिंह के नोएडा स्थित आवास पर जाता था उसकी बहुत खातिरदारी की जाती थी।   
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घर से विदा के समय उसे एक मिठाई का डिब्बा और पांच सौ से हजार रुपये तक दिए जाते थे। शहर के कई लोगों की यादव सिंह ने अपने प्रभाव पर प्राइवेट सेक्टर में नौकरी लगवाई थी। तत्कालीन बसपा सरकार में यादव सिंह की इतनी तूती बोलती थी कि स्थानीय बसपा नेता और अधिकारी सिफारिश कराने में यादव सिंह की पत्नी की मदद लेते थे। अभी तो यादव सिंह की ससुराल वाले मकान पर ताला पडा है।
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 कुसुम की भाभी के नाम से राशन की जो दुकान भी बंद है। आसपास रहने वाले रिश्तेदार भी गायब हैं। जांच टीम की दस्तक के भय से मोहल्ले में भी खामोशी है। लेकिन दबी जुबान चर्चाएं बहुत हैं। लोग कहते हैं कि यादव सिंह जब कभी आते थे। 1980-81 में यादव सिंह की शादी हुई थी। कुसुमलता के पिता चौधरी रामप्रसाद परिवार और रिश्तेदारों के साथ आगरा ही शादी करने गए थे।

सबसे छोटी है कुसुमलता
कुसुमलता के पिता चौधरी रामप्रसाद के चार बेटे और तीन बेटियां है। सबसे छोटी बेटी कुसुमलता का विवाह आगरा के नंदपुरा निवासी यादव सिंह के साथ 1980 में हुआ था।

कांग्रेस से जुड़े रहे थे चौधरी रामप्रसाद
यादव सिंह के श्वसुर चौधरी रामप्रसाद कांग्रेस से जुड़े थे। राशन की दुकान भी उन्हें तभी आवंटित की गई थी। समाज की पंचायतों में उन्हें बुलाया जाता था। इस कारण उन्हें चौधरी साहब के नाम से बुलाया जाता था।


रातों-रात करोड़पति बना चेहरा चर्चा में
यादव सिंह के मामले में परत दर परत जो खुलासे हुए हैं, उनमे कुछ कथित कंपनियों के खुलासे भी हुए हैं। इनमें एक कंपनी शहर के ही एक ऐसे शख्स की बताई गई है, जो रातों-रात करोड़पति बन गया। बसपा सरकार में एक कबीना मंत्री के साथ मिलकर जमीन की कुछ बड़ी डील हुई थी।
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