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कैफे में अपने दोस्तों को इफ्तार पार्टी देने गई थी तारिषी

Tue, 05 Jul 2016 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद Updated Tue, 05 Jul 2016 11:22 PM IST
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Iftar party was at the cafe to friends Tarisi
कैफे में अपने दोस्तों को इफ्तार पार्टी देने गई थी तारिषी - फोटो : अमर उजाला
 ढाका में आतंकवाद का शिकार तारिषी कट्टरपंथ इस्लाम का शिकार हो गई। हालांकि घटना के दिन वह अपने मुस्लिम दोस्तों को कैफे में इफ्तार पार्टी देने गई थी। उसकेदोनों मुस्लिम दोस्तों ने दोस्ती का फर्ज निभाया और तारिषी को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। घटना ने तारिषी के पूरे परिवार को झकझोर दिया है और अब परिवार में दहशत के साथ भविष्य की चिंता है। परिवार के बुजुर्ग सोच में है कि तारिषी के परिवार को ढाका में रहना चाहिए अथवा नहीं।
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ढाका के होली आर्टिजन कैफे को शुक्रवार को आतंकवादियों ने अपना निशाना बनाया था। उस दौरान तारिषी अपने मुस्लिम मित्रों को इफ्तार पार्टी देने गई थी। फराज अयाज हुसैन और अविंदा कबीर तारिषी के अच्छे मित्र थे। उन्होंने तारिषी से इफ्तार पार्टी मांगी थी। कैफे में आंतकवादियों द्वारा तारिषी को निशाना बनाने पर उसके दोनों दोस्तों ने तारिषी को बचाने की कोशिश की। इस पर आतंकवादियों ने उन दोनों को भी मार डाला। फराज और अविंदा दोनों ढाका के ही निवासी हैं। फराज ढाका के प्रतिष्ठित समाचार पत्र के मालिक का बेटा है और अविंदा ढाका के प्रमुख डिपार्टमेंटल स्टोर के मालिक की बेटी है। गुड़गांव से तारिषी का अंतिम संस्कार कर लौटे तारिषी के चाचा अजीत जैन ने ‘अमर उजाला’ को यह बातें बताते हुए कहा कि जिस कट्टरपंथ के नाम पर तारिषी की हत्या कर दी गई वह तो उसी समाज से जुड़े मित्रों को इफ्तार पार्टी देने गई थी। उसके मुस्लिम दोस्तों ने भी तारिषी को बचाने में अपनी जान दे दी। अब बताएं आतंकवाद का क्या कोई मजहब है? तारिषी के बाबा और शहर के प्रमुख अधिवक्ता विमल चंद्र जैन ने वेदना के साथ कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं लेकिन ढाका के कैफे में आतंकवादियों ने धर्म के नाम पर संहार किया। वहां चुन-चुन कर गैर मुस्लिमों से कुरान की आयतें सुनाने को कहा गया बंगला बोलने को बाध्य किया गया। दर्द के साथ उन्होंने कहा कि यही हाल रहा तो वहां रह रहे दस प्रतिशत गैर मुस्लिम भी अपने वतन लौट आएंगे। तारिषी के बाबा का दर्द बहुत कुछ बयां कर रहा था। चिंता तारिषी के परिवार को लेकर थी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तारिषी के पिता संजीव जैन अब क्या निर्णय लेते हैं? यह बाद की बात है। वहां इतना बड़ा कारोबार फैला है उसे तुरंत समेट लेना आसान नहीं है। ढाका में रह रहे संजीव जैन दूसरों पर होने वाले आतंकी हमलों से आहत और परेशान थे। इसलिए वह काफी समय से ढाका छोड़ने का मन बना रहे थे। इसका जिक्र उन्होंने गुड़गांव में तारिषी की अंत्येष्टि के दौरान नगर विधायक मनीष असीजा से कई बार किया। उनकी आंखों से जब भी बेटी को खोने की दर्द के आंसू गिरते थे तब उनकी जुबान से यही शब्द निकलते थे कि इन्ही हालातों के चलते उन्होंने कई बार ढाका छोड़ने का मन बनाया था लेकिन उससे पहले ही ऐसा हो गया....।
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गुड़गांव में तारिषी का अंतिम संस्कार करके तारिषी के चाचा मंगलवार को सुबह सुहाग नगर स्थित आवास पर आ गए। माता-पिता और भाई अन्य परिवारीजनों के साथ बुधवार को यहां पहुंचेंगे। आज ही फीरोजाबाद क्लब में शोक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा।  
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तारिषी के चाचा राकेश मोहन जैन और अजीत जैन परिवारीजनों के साथ गुड़गांव से फीरोजाबाद लौट आए। बुधवार की दोपहर तक तारिषी के पिता संजीव जैन, मां तूलिका जैन और भाई आएंगे। सोमवार को गुड़गांव में तारिषी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ढाका से तीस लोग आए थे। कनाडा से भी कई लोग आए थे। इनमें अधिकांश तारिषी के पिता संजीव जैन के कारोबारी मित्र थे। इनमें अधिकांश सोमवार रात को ही वापस लौट गए और कुछ मित्र मंगलवार को गए हैं। तारिषी के चाचा अजीत जैन ने बताया कि भाई संजीव जैन आदि बुधवार को दोपहर तक आएंगे। सुबह शवदाह गृह से फूल आदि चुनने जाएंगे उसके बाद यहां आएंगे। यहां शाम चार बजे से फीरोजाबाद क्लब में शोक श्रद्धांजलि सभा की गई है।

सरकार की व्यवस्थाओं की तारीफ
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। तारिषी का शव ढाका से दिल्ली लाया गया और दिल्ली हवाई अड्डे से गुड़गांव ले जाया गया। दिल्ली में एयरपोर्ट से लेकर गुड़गांव में अंतिम संस्कार तक भारत सरकार की ओर से की गई व्यवस्थाओं की तारिषी के परिवारीजन तारीफ कर रहे हैं।  तारिषी के चाचा अजीत ने कहा कि सरकार ने शिकायत का कहीं भी मौका नहीं दिया। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल एक परिवार के सदस्य की तरह सुबह नौ बजे शाम छह बजे तक मौजूद रहे और स्वयं व्यवस्थाओं को देखते रहे। दुख की इस घड़ी में उन्होंने व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी का अहसास नहीं होने दिया। भाजपा हरियाणा के प्रभारी डा. अनिल जैन भी सुबह से शाम तक हमारे साथ रहे। तारिषी के चाचा किशन मित्तल एडवोकेट ने कहा कि सरकार के इंतजाम तारीफ के काबिल रहे।


ट्रैफिक कंट्रोल की मांग
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। तारिषी के चाचा अजीत जैन ने कहा है कि बुधवार को शाम चार बजे से फीरोजाबाद क्लब में शोक सभा होगी। इसमें काफी भीड़ होने का अनुमान है। सुभाष तिराह से फीरोजाबाद क्लब तक आने के रास्ते पर गड्ढे हैं। क्लब तक वाहनों के आने के लिए प्रशासन वन-वे की व्यवस्था के साथ यातायात नियंत्रण के इंतजार करा दें तो अच्छा रहेगा।
 
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