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शबरी की कथा सुन श्रोता हुए भावविभोर
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अष्टम दिन श्रीराम कथा के दौरान शबरी की कथा सुनाती हुई कथा व्यास पुष्पांजली शुक्ला।
- फोटो : FIROZABAD
शिकोहाबाद। रेलवे कॉलोनी स्थित मनोरंजन सदन में शिवा सुंदर कांड समिति के तत्वावधान में श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के आठवें दिन कथा व्यास पुष्पांजलि शुक्ला ने शबरी की कथा सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि संसार में प्रेम से बढ़ कर कोई वस्तु नहीं है।
अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास सीताशरण महाराज और कानपुर से पधारी पुष्पांजलि शुक्ला ने लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की कथा का मधुर ध्वनि से श्रवण कराया। पुष्पांजलि शुक्ला ने शबरी और माता अनुसुइया की कथा का वर्णन सुनाया।
उन्होंने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। जब भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ जगत जननी सीता मैया को ढूंढते हुए शबरी के आश्रम पहुंचते हैं तो शबरी भगवान की प्रतीक्षा में राह में फूल बिछाती हुई मिलती हैं। उनके खाने के लिए जंगल से बेर एकत्रित कर लाती है और भगवान को चख-चख कर खिलाती है। भगवान भी अपनी भक्त शबरी के झूठे बेरों को प्रेम से खाते हैं।
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कथा व्यास ने कहा कि भगवान को कुछ नहीं चाहिए। भगवान भक्त के वश में होते हैं। जब भी भक्त उन्हें याद करता है, भगवान भक्त के पास दौड़ते हुए आते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि संसार में प्रेम से बढ़ कर कोई वस्तु नहीं है। आयोजक समिति के पदाधिकारियों ने कथा व्यास पुष्पांजली शुक्ला को भगवान राम का दरबार भेंट कर उनका स्वागत किया।
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अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास सीताशरण महाराज और कानपुर से पधारी पुष्पांजलि शुक्ला ने लोगों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की कथा का मधुर ध्वनि से श्रवण कराया। पुष्पांजलि शुक्ला ने शबरी और माता अनुसुइया की कथा का वर्णन सुनाया।
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उन्होंने कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। जब भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ जगत जननी सीता मैया को ढूंढते हुए शबरी के आश्रम पहुंचते हैं तो शबरी भगवान की प्रतीक्षा में राह में फूल बिछाती हुई मिलती हैं। उनके खाने के लिए जंगल से बेर एकत्रित कर लाती है और भगवान को चख-चख कर खिलाती है। भगवान भी अपनी भक्त शबरी के झूठे बेरों को प्रेम से खाते हैं।
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कथा व्यास ने कहा कि भगवान को कुछ नहीं चाहिए। भगवान भक्त के वश में होते हैं। जब भी भक्त उन्हें याद करता है, भगवान भक्त के पास दौड़ते हुए आते हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि संसार में प्रेम से बढ़ कर कोई वस्तु नहीं है। आयोजक समिति के पदाधिकारियों ने कथा व्यास पुष्पांजली शुक्ला को भगवान राम का दरबार भेंट कर उनका स्वागत किया।