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Firozabad News: सात समंदर पार जर्मनी से बरात लेकर आए गुस्ताव, लिए सात फेरे
Sun, 22 Feb 2026 12:12 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:12 AM IST
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जानकी महल में अपनी दुल्हन खुशी वर्मा का हांथ थामे जर्मनी से आए गुस्ताव। स्रोत संवाद
- फोटो : जानकी महल में अपनी दुल्हन खुशी वर्मा का हांथ थामे जर्मनी से आए गुस्ताव। स्रोत संवाद
शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। सच्चा प्यार क्या होता है, इसे जर्मनी के गुस्ताव ने साबित कर दिया। सात समंदर पार करके अपनी प्रेमिका से शादी करने गुस्ताव अपने परिजन समेत शिकोहाबाद आ पहुंचे। यहां उन्होंने हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार एटा रोड स्थित जानकी महल में प्रेमिका खुशी से सात फेरे लेकर उसे जीवन संगिनी बनाया। शहर में हुए इस यादगार विवाह के अमूल्य पलों के अंतरराष्ट्रीय मेहमान समेत शहर के लोग साक्षी बने।
जसराना के पाढ़म की रहने वाली खुशी वर्मा जयपुर में एक जर्मन कंपनी में नौकरी करती थीं। वहीं जर्मनी से गुस्ताव वर्ष 2023 में भारत घूमने के लिए आए हुए थे। राजस्थान, दिल्ली और आगरा की यात्रा करने के बाद वह जयपुर घूमने पहुंचे। दुल्हन खुशी वर्मा की चाची ज्योति बताती हैं कि वहीं गुस्ताव की मुलाकात खुशी से हुई। जहां खुशी स्विमिंग पूल में तैराकी सीख रही थी। जहां दोनों की दोस्ती हुई। इसके बाद वही दोस्ती प्यार में और फिर अब शादी के अटूट बंधन में बदल गई। गुस्ताव और खुशी की यह जोड़ी सिर्फ दो देशों का नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों का मिलन साबित हुई। गुस्ताव ने भारत और शिकोहाबाद को यादगार बताया।
शेरवानी और सिर पर साफा बांधकर आए गुस्ताव
शादी समारोह पूरी तरह भारतीय अंदाज में हुआ। दूल्हा गुस्ताव ने शेरवानी और सिर पर साफा बांधा हुआ था। उन्होंने अपने हाथों में अपनी दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी भी लगाई थी। वहीं खुशी ने भी लाल जोड़े में आकर सभी का मनमोह लिया।
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ट्रांसलेटरों ने जर्मनी की भाषा को किया आसान
इस अनोखी शादी के लिए विदेश से मेहमान आए हुए थे। जर्मनी से आए विदेशी मेहमानों ने विवाह समारोह में वरमाला, फेरे और विदाई की रस्मों को देखा। इस दौरान किसी को जर्मनी की भाषा समझने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए चार ट्रांसलेटर भी बुलाए गए थे।
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जसराना के पाढ़म की रहने वाली खुशी वर्मा जयपुर में एक जर्मन कंपनी में नौकरी करती थीं। वहीं जर्मनी से गुस्ताव वर्ष 2023 में भारत घूमने के लिए आए हुए थे। राजस्थान, दिल्ली और आगरा की यात्रा करने के बाद वह जयपुर घूमने पहुंचे। दुल्हन खुशी वर्मा की चाची ज्योति बताती हैं कि वहीं गुस्ताव की मुलाकात खुशी से हुई। जहां खुशी स्विमिंग पूल में तैराकी सीख रही थी। जहां दोनों की दोस्ती हुई। इसके बाद वही दोस्ती प्यार में और फिर अब शादी के अटूट बंधन में बदल गई। गुस्ताव और खुशी की यह जोड़ी सिर्फ दो देशों का नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों का मिलन साबित हुई। गुस्ताव ने भारत और शिकोहाबाद को यादगार बताया।
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शेरवानी और सिर पर साफा बांधकर आए गुस्ताव
शादी समारोह पूरी तरह भारतीय अंदाज में हुआ। दूल्हा गुस्ताव ने शेरवानी और सिर पर साफा बांधा हुआ था। उन्होंने अपने हाथों में अपनी दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी भी लगाई थी। वहीं खुशी ने भी लाल जोड़े में आकर सभी का मनमोह लिया।
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ट्रांसलेटरों ने जर्मनी की भाषा को किया आसान
इस अनोखी शादी के लिए विदेश से मेहमान आए हुए थे। जर्मनी से आए विदेशी मेहमानों ने विवाह समारोह में वरमाला, फेरे और विदाई की रस्मों को देखा। इस दौरान किसी को जर्मनी की भाषा समझने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए चार ट्रांसलेटर भी बुलाए गए थे।