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धुआं उगल रहे जेनरेटर सेटों पर पीसीबी की नजर
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 14 Feb 2016 07:38 PM IST
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सुहागनगरी में धुआं उगल रहे जेनरेटर सेटों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नजर है। पीसीबी द्वारा शहर के होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम, स्कूल, कालेज, हास्टल के साथ-साथ सरकारी, प्राइवेट कार्यालयों का सर्वे किया जा रहा है। पीसीबी द्वारा सर्वे पूर्ण कर रिपोर्ट जिला प्रशासन व नीरी को सौंपी जाएगी।
सुहागनगरी के परंपरागत कांच उद्योग के खिलाफ बढ़ते प्रदूषण को लेकर पर्यावरण मंत्रालय, संसदीय कमेटी व एनजीटी में लगातार शिकायतें हो रही हैं। बाहरी समूहों द्वारा की जा रही शिकायतों पर विराम लगाने को मंडलायुक्त के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा नागपुर की संस्था नीरी से विस्तृत जांच कराई जा रही है। नीरी के वैज्ञानिक नीलकमल की पहल पर डीएम निधि केसरवानी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शहर के होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम, स्कूल, कॉलेज व हॉस्टलों में संचालित जेनरेटरों का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जेनरेटर सेटों का सर्वे शुरू कर दिया गया है।
इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी डा. विश्वनाथ शर्मा का कहना है कि डीएम के निर्देश पर शहर में संचालित सभी जेनरेटर सेटों का सर्वे कराया जा रहा है, जिससे यह पता चल सके कि आखिर जेनरेटरों के संचालन का प्रदूषण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। सभी जेनरेटरों का सर्वे कर एक सप्ताह में रिपोर्ट जिला प्रशासन व नीरी को भेज दी जाएगी।
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नीरी की रिपोर्ट पर टिकी है कई विभागों की जांच
फीरोजाबाद में बढ़ते प्रदूषण की विस्तृत जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा नागपुर की संस्था नीरी से विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रदूषण के आंकड़े जुटाने के महीनों बाद भी जिला प्रशासन को फाइनल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी है। नीरी की रिपोर्ट पर एनजीटी सहित कई विभागों की जांच रुकी हैं। एनजीटी व मंडलायुक्त के निर्देश पर प्रशासन द्वारा जल्द रिपोर्ट प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन को नीरी की फाइनल रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है।
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सुहागनगरी के परंपरागत कांच उद्योग के खिलाफ बढ़ते प्रदूषण को लेकर पर्यावरण मंत्रालय, संसदीय कमेटी व एनजीटी में लगातार शिकायतें हो रही हैं। बाहरी समूहों द्वारा की जा रही शिकायतों पर विराम लगाने को मंडलायुक्त के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा नागपुर की संस्था नीरी से विस्तृत जांच कराई जा रही है। नीरी के वैज्ञानिक नीलकमल की पहल पर डीएम निधि केसरवानी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को शहर के होटल, रेस्टोरेंट, मैरिज होम, स्कूल, कॉलेज व हॉस्टलों में संचालित जेनरेटरों का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जेनरेटर सेटों का सर्वे शुरू कर दिया गया है।
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इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी डा. विश्वनाथ शर्मा का कहना है कि डीएम के निर्देश पर शहर में संचालित सभी जेनरेटर सेटों का सर्वे कराया जा रहा है, जिससे यह पता चल सके कि आखिर जेनरेटरों के संचालन का प्रदूषण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। सभी जेनरेटरों का सर्वे कर एक सप्ताह में रिपोर्ट जिला प्रशासन व नीरी को भेज दी जाएगी।
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नीरी की रिपोर्ट पर टिकी है कई विभागों की जांच
फीरोजाबाद में बढ़ते प्रदूषण की विस्तृत जांच के लिए जिला प्रशासन द्वारा नागपुर की संस्था नीरी से विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रदूषण के आंकड़े जुटाने के महीनों बाद भी जिला प्रशासन को फाइनल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं हो सकी है। नीरी की रिपोर्ट पर एनजीटी सहित कई विभागों की जांच रुकी हैं। एनजीटी व मंडलायुक्त के निर्देश पर प्रशासन द्वारा जल्द रिपोर्ट प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन को नीरी की फाइनल रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार है।