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शुगर, बीपी के मरीजों को ब्लैक फंगल का खतरा, बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
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फिरोजाबाद। कोरोना के साथ अब ब्लैक फंगस इंफेक्शन का डर सताने लगा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दे रहा है। विशेषकर बीपी, शुगर और एचआईवी सहित अन्य बीमारियाें से ग्रसित मरीजों को इसका खतरा अधिक है। स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश जारी किए यदि किसी अस्पताल में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के लक्षण सामने आए तो तत्काल जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग के प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि ब्लैक फंगस हवा में बना रहता है। यह उन्हीं मरीजों पर असर करता हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। कई बार मरीजों में घाव होने पर ब्लैक फंगस संक्रमित हो जाता है और गैंगरीन का खतरा बन जाता है। ब्लैक फंगस नाक से बढ़ते हुए दिमाग तक पहुंच जाए तो मरीज की जान का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। सीएमओ डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ का कहना है कि फंगस इंफेक्शन का कोई मरीज अब तक रिकॉर्ड में नहीं आया है। फंगस इंफेक्शन के लक्षण का एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में सुना था। उसकी जांच करा रहे हैं।
एंटीफंगस दवाओं से चल रहा इलाज
फिरोजाबाद। एसीएमओ डॉ. प्रताप सिंह का कहना है कि मरीजों को फंगस इंफेक्शन हो जाता है। उसकी दवा भी वितरित करा रहे हैं। आइवरमेक्टिन दवा का प्रयोग फंगस इंफेक्शन मरीजों के लिए किया जाता है।
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ऐसे करें बचाव
- ब्लैक फंगस कॉमन नहीं है, लेकिन कोविड के दौरान इसका खतरा बढ़ गया है।
- कोविड होने पर मरीज अपना शुगर लेवल नियंत्रित करें।
- चिकित्सकों की सलाह पर ही स्टेरॉयड लें।
- प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर ही ब्लैक फंगस होने का खतरा अधिक होता है। प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपाय करें।
- नाक और आंख में दर्द, सूजन, सिर में एक तरफ दर्द हो तो डॉक्टर को तत्काल दिखाएं।
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मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग के प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि ब्लैक फंगस हवा में बना रहता है। यह उन्हीं मरीजों पर असर करता हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। कई बार मरीजों में घाव होने पर ब्लैक फंगस संक्रमित हो जाता है और गैंगरीन का खतरा बन जाता है। ब्लैक फंगस नाक से बढ़ते हुए दिमाग तक पहुंच जाए तो मरीज की जान का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। सीएमओ डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ का कहना है कि फंगस इंफेक्शन का कोई मरीज अब तक रिकॉर्ड में नहीं आया है। फंगस इंफेक्शन के लक्षण का एक मरीज प्राइवेट अस्पताल में सुना था। उसकी जांच करा रहे हैं।
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एंटीफंगस दवाओं से चल रहा इलाज
फिरोजाबाद। एसीएमओ डॉ. प्रताप सिंह का कहना है कि मरीजों को फंगस इंफेक्शन हो जाता है। उसकी दवा भी वितरित करा रहे हैं। आइवरमेक्टिन दवा का प्रयोग फंगस इंफेक्शन मरीजों के लिए किया जाता है।
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ऐसे करें बचाव
- ब्लैक फंगस कॉमन नहीं है, लेकिन कोविड के दौरान इसका खतरा बढ़ गया है।
- कोविड होने पर मरीज अपना शुगर लेवल नियंत्रित करें।
- चिकित्सकों की सलाह पर ही स्टेरॉयड लें।
- प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर ही ब्लैक फंगस होने का खतरा अधिक होता है। प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपाय करें।
- नाक और आंख में दर्द, सूजन, सिर में एक तरफ दर्द हो तो डॉक्टर को तत्काल दिखाएं।