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जिले के छह ब्लॉक डार्क, तीन ब्लॉक ही सुरक्षित श्रेणी में शामिल

Wed, 07 Jul 2021 11:40 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jul 2021 11:40 PM IST
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Dangerous situation,  blocks, dark zone, safe category, water lable, firozabad news,  up news
फिरोजाबाद। जल के जरूरत से ज्यादा दोहन से जिले का भूगर्भ जल स्तर तेजी से घट रहा है। यही कारण है कि एक दशक पूर्व डार्क जोन की श्रेणी में तीन ब्लॉक थे लेकिन आज यह संख्या छह हो गई। इस बीच जलस्तर को ऊंचा उठाने की कई कार्ययोजनाएं बनीं लेकिन परिणाम सिफर रहे। यदि अभी भी लोग नहीं जागे तो फिर समूचा जिला ही डार्क जोन की श्रेणी में आ जाएगा।
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सुहागनगरी को पांच फरवरी 1989 को जिला बनाया उस समय नारखी ब्लॉक के कुछ गांवों के खारे पानी को छोड़ दें तो बाकी ब्लॉकों में स्थिति ठीक थी। जसराना, शिकोहाबाद, सिरसागंज इलाके मैनपुरी जिले का हिस्सा हुआ करते थे। जिला बनने के बाद करीब 2008 में जब भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट आई तो फिरोजाबाद जिले में नारखी एवं हाथवंत ब्लॉक डार्क श्रेणी में आए थे। इसके बाद फिरोजाबाद ब्लॉक से मी क्रिटिकल श्रेणी में आया और बाद में जिले में डार्क ब्लॉकों की संख्या तीन हो गई।
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इसके बाद यमुना की तलहटी क्षेत्र में आने वाले दो ब्लॉक टूंडला, शिकोहाबाद भी भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में डार्क श्रेणी में आ गए, क्योंकि इन ब्लॉकों का एक बड़ा हिस्सा ऐसा है जहां बारिश के पानी के सहारे ही फसलें होती हैं। यमुना में पानी कम होने के कारण भी यहां जलस्तर घटता चला गया। इधर अरांव ब्लॉक डार्क जोन की श्रेणी में आ गया। वर्तमान में यदि देखा जाए तो जिले में एका, जसराना एवं मदनपुर ब्लॉक ही सुरक्षित श्रेणी में रह गए हैं।
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एका ब्लॉक भी हो गया था डार्क जोन में शामिल
भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में एका ब्लॉक भी डार्क श्रेणी में आ गया था लेकिन सपा सरकार में रिपोर्ट आने के बाद जसराना के पूर्व विधायक रामवीर सिंह यादव ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। उनका तर्क था कि एका ब्लॉक में अधिकांश नहरें, धान का क्षेत्रफल होने के बाद भी डार्क जोन श्रेणी में कैसे आ गया। इसके बाद इसे सुरक्षित श्रेणी में रखा गया।
परवान नहीं चढ़ सकी यमुना नदी में बांध बनाने की योजना
पूर्व वनमंत्री स्व. रघुवर दयाल वर्मा ने यमुना की तलहटी वाले इलाकों में जलस्तर ऊंचा उठाने के लिए यमुना नदी में फरौल नगरिया के समीप बांध बनाने की मांग प्रदेश सरकार से की थी। बांध बनाने के लिए नहर एवं सिंचाई विभाग के लखनऊ के अफसरों ने यमुना नदी का निरीक्षण भी किया था लेकिन यह योजना परवान नहीं चढ़ सकी। यदि बांध बन जाता तो यमुना की तलहटी में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद थी।

जिले में छह ब्लॉक डार्क जोन श्रेणी में है। इनको सुरक्षित श्रेणी में लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मनरेगा योजना के साथ-साथ लघु सिंचाई विभाग द्वारा चेकडैम के साथ तालाबों के सुधार का काम कराया जा रहा है। आमजन को भी इस दिशा में पहल करनी चाहिए तभी सुरक्षित श्रेणी में ब्लॉक आ सकेंगे। -धर्मेंद्र कुमार, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग, फिरोजाबाद
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