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कोरोना के निशाने पर युवा, प्रसूताओं-बीपी मरीजों ने कोरोना को हराया
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फिरोजाबाद। कोरोना से सबसे अधिक खतरा बुजुर्ग, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को बताया गया था। मगर सुहागनगरी में बुजुर्ग बच्चों की जगह सबसे अधिक युवा ही कोरोना के शिकार बने हैं। कोरोना संक्रमण ने जनपद के 300 मरीजों को अपनी जद में लिया है। वहीं पांच कोरोना पॉजिटिव महिलाओं का सुरक्षित तरीके से प्रसव भी कराया गया है। वर्तमान में महिला एवं संतान पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। खास बात यह है कि उम्रदराज लोगों ने बीपी, शुगर सहित कई अन्य बीमारियां होने के बाद भी कोरोना जैसी गंभीर बीमारी पर जीत हासिल की है।
एक्सपर्ट की माने तो समय-समय पर जारी हुई गाइड लाइन की चेतावनी को लोगों ने गंभीरता से लिया। इसलिए परिवार के बुजुर्ग एवं बच्चों को लॉकडाउन की अवधि में घर से बाहर कम निकलने दिया। इसी वजह से बुजुर्ग इस बीमारी की चपेट में कम आए। क्योंकि युवाओं के मुकाबले बुजुर्ग एवं दस साल के छोटे बच्चों को कोरोना से संक्रमित होने पर खतरा अधिक था। किंतु सुहागनगरी के आंकड़ों में गाइडलाइन के विपरीत बात निकलकर आई। यहां शून्य से 10 साल के सिर्फ 11 बच्चे ही कोरोना संक्रमण का शिकार हुए हैं। 60 साल से अधिक उम्र के कुल 28 लोग ही कोरोना संक्रमित हैं। जबकि 21 से 40 उम्र के बीच के 155 लोग कोरोना की जद में आए हैं। यह आंकड़े सभी को चौकाने वाले दिख रहे हैं। इसलिए युवाओं को सुरक्षित रहने की आवश्यकता है।
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एक्सपर्ट की माने तो समय-समय पर जारी हुई गाइड लाइन की चेतावनी को लोगों ने गंभीरता से लिया। इसलिए परिवार के बुजुर्ग एवं बच्चों को लॉकडाउन की अवधि में घर से बाहर कम निकलने दिया। इसी वजह से बुजुर्ग इस बीमारी की चपेट में कम आए। क्योंकि युवाओं के मुकाबले बुजुर्ग एवं दस साल के छोटे बच्चों को कोरोना से संक्रमित होने पर खतरा अधिक था। किंतु सुहागनगरी के आंकड़ों में गाइडलाइन के विपरीत बात निकलकर आई। यहां शून्य से 10 साल के सिर्फ 11 बच्चे ही कोरोना संक्रमण का शिकार हुए हैं। 60 साल से अधिक उम्र के कुल 28 लोग ही कोरोना संक्रमित हैं। जबकि 21 से 40 उम्र के बीच के 155 लोग कोरोना की जद में आए हैं। यह आंकड़े सभी को चौकाने वाले दिख रहे हैं। इसलिए युवाओं को सुरक्षित रहने की आवश्यकता है।
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