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फिरोजाबाद: चूड़ियों की खनक गायब, जनसेवा में बीत रहा उद्यमियों का दिन
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अमर उजाला लाइव उद्योगपति पीके झिंदल अपने आवास पर परिवार के साथ। लॉकडाउन में परिवार के साथ बिता र?
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। कारखाने बंद हैं। चूड़ी के गोदाम बंद हैं। दिन-रात शहर की गलियों में गूंजने वाली कांच की चूड़ियों की खनक भी गायब है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाला एक्सपोमार्ट भी निरस्त कर दिया गया है। इससे निर्यातक इकाइयों में भी कामकाज पूरी तरह से बंद है। कांच-चूड़ी कारोबार क्षेत्र से जुड़े लोग घरों पर ही समय बिता रहे हैं। कोई बच्चों के साथ गेम खेल रहा है तो कोई घर से ही व्यापार से जुड़े लंबित काम निपटा रहा है। कारखाना संचालक कोरोना के संकट के दौर में जरूरतमंदों तक खाद्य और राशन सामग्री पहुंचाने के मोर्चे पर भी काम कर रहे हैं।
अधिकांश समय घर पर ही बिता रहे पीके जिंदल
नई बस्ती निवासी उद्योगपति पीके जिंदल सेवार्थ संस्थान के अध्यक्ष भी हैं। दिन की शुरूवात घर पर ही पूजापाठ के साथ करते हैं। वैसे वह सुबह मंदिर जाने के बाद सीधे कारखाना जाते थे लेकिन लॉकडाउन में कारखाना नहीं जा रहे। परिवार को अधिक समय दे रहे हैं। चूंकि सेवार्थ संस्थान द्वारा संचालित ट्रॉमा में इमरजेंसी चिकित्सा सेवा चालू है इस लिए इसकी मॉनीटरिंग घर से ही कर रहे हैं। राधामोहन मंदिर में प्रति दिन गरीबों के लिए बनने वाले भोजन के पैकटों को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था का भी जिम्मा संभाले हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन का पालन करें, घरों पर ही रहें।
कारखाने में गरीबों के लिए भोजन बनवा रहे राजकुमार
गणेश नगर निवासी उद्योगपति राजकुमार मित्तल यूपीजीएमएस के अध्यक्ष भी हैं। यूपीजीएमएस की तरफ से दो हजार भोजन के पैकेट बनवाए जा रहे हैं। इस कार्य की देखरेख वह स्वयं कर रहे हैं। इसके लिए वह सुबह ही अपने कारखाने में चले जाते हैं। औद्योगिक क्षेत्र स्थित उनके कारखाने में ही भोजन के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। इन पैकेटों को जरूरमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को दिया जा रहा है। वह कहते हैं कि लॉकडाउन में परिवार के साथ अधिक से अधिक समय देने का मौका मिला है।
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जरूरतमंदों के बीच आटे के पैकेट वितरित करा रहे हेमंत
मथुरा नगर निवासी युवा उद्योगपति हेमंत अग्रवाल बल्लू अधिकांश समय घर पर ही बिता रहे हैं। बच्चों के साथ खेलने का मौका लॉकडाउन ने दिया है। जरुरतमंदों की मदद के लिए उन्होंने आटे के पैकेट वितरण की व्यवस्था उन्होंने अपने कारखाने से की है। इस कार्य के लिए वह कुछ देर के लिए कारखाने जाते हैं उसके बाद पूरा दिन घर में ही बिता रहे हैं। कारोबार से जुड़े लंबित कार्य घर से ही स्टाफ से फोन पर बात करके निबटा रहे हैं। वह कहते हैं कि स्टाफ घरों से ही काम कर रहा है।
पूरा समय परिवार के साथ बिता रहे मनीष अलंकार
जैन नगर निवासी निर्यातक मनीष गुप्ता अलंकार के घर के पास ही फैक्टरी है। पूरा काम निर्यातक आयटमों से जुड़ा है और इस निर्यात किए जाने वाले कांच आयटमों का निर्माण पूरी तरह से बंद है इस लिए मनीष अलंकार अपना पूरा वक्त परिवार को दे रहे हैं। बच्चों के साथ खेलना, सुबह सामूहिक रुप से घर में बने मंदिर में पूजा करना, परिवार के साथ सामूहिक रूप से सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन करने का मौका लॉक़डाउन में मिला है। मनीष अलंकार कहते हैं कि पीएम की अपील को पूरा देश माने यही कोरोना का बचाव है।
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अधिकांश समय घर पर ही बिता रहे पीके जिंदल
नई बस्ती निवासी उद्योगपति पीके जिंदल सेवार्थ संस्थान के अध्यक्ष भी हैं। दिन की शुरूवात घर पर ही पूजापाठ के साथ करते हैं। वैसे वह सुबह मंदिर जाने के बाद सीधे कारखाना जाते थे लेकिन लॉकडाउन में कारखाना नहीं जा रहे। परिवार को अधिक समय दे रहे हैं। चूंकि सेवार्थ संस्थान द्वारा संचालित ट्रॉमा में इमरजेंसी चिकित्सा सेवा चालू है इस लिए इसकी मॉनीटरिंग घर से ही कर रहे हैं। राधामोहन मंदिर में प्रति दिन गरीबों के लिए बनने वाले भोजन के पैकटों को गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था का भी जिम्मा संभाले हुए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि लॉकडाउन का पालन करें, घरों पर ही रहें।
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कारखाने में गरीबों के लिए भोजन बनवा रहे राजकुमार
गणेश नगर निवासी उद्योगपति राजकुमार मित्तल यूपीजीएमएस के अध्यक्ष भी हैं। यूपीजीएमएस की तरफ से दो हजार भोजन के पैकेट बनवाए जा रहे हैं। इस कार्य की देखरेख वह स्वयं कर रहे हैं। इसके लिए वह सुबह ही अपने कारखाने में चले जाते हैं। औद्योगिक क्षेत्र स्थित उनके कारखाने में ही भोजन के पैकेट तैयार किए जा रहे हैं। इन पैकेटों को जरूरमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन को दिया जा रहा है। वह कहते हैं कि लॉकडाउन में परिवार के साथ अधिक से अधिक समय देने का मौका मिला है।
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जरूरतमंदों के बीच आटे के पैकेट वितरित करा रहे हेमंत
मथुरा नगर निवासी युवा उद्योगपति हेमंत अग्रवाल बल्लू अधिकांश समय घर पर ही बिता रहे हैं। बच्चों के साथ खेलने का मौका लॉकडाउन ने दिया है। जरुरतमंदों की मदद के लिए उन्होंने आटे के पैकेट वितरण की व्यवस्था उन्होंने अपने कारखाने से की है। इस कार्य के लिए वह कुछ देर के लिए कारखाने जाते हैं उसके बाद पूरा दिन घर में ही बिता रहे हैं। कारोबार से जुड़े लंबित कार्य घर से ही स्टाफ से फोन पर बात करके निबटा रहे हैं। वह कहते हैं कि स्टाफ घरों से ही काम कर रहा है।
पूरा समय परिवार के साथ बिता रहे मनीष अलंकार
जैन नगर निवासी निर्यातक मनीष गुप्ता अलंकार के घर के पास ही फैक्टरी है। पूरा काम निर्यातक आयटमों से जुड़ा है और इस निर्यात किए जाने वाले कांच आयटमों का निर्माण पूरी तरह से बंद है इस लिए मनीष अलंकार अपना पूरा वक्त परिवार को दे रहे हैं। बच्चों के साथ खेलना, सुबह सामूहिक रुप से घर में बने मंदिर में पूजा करना, परिवार के साथ सामूहिक रूप से सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन करने का मौका लॉक़डाउन में मिला है। मनीष अलंकार कहते हैं कि पीएम की अपील को पूरा देश माने यही कोरोना का बचाव है।