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Firozabad News: जन्मतिथि, आधारकार्ड में फर्जीवाड़ा कर सरकारी योजनाओं में सेंध लगा रहे बीएलई
Wed, 29 Nov 2023 12:24 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 29 Nov 2023 12:24 AM IST
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फिरोजाबाद। अपात्रों को सरकारी अनुदान दिलाने के लिए जन्मतिथि व आधारकार्ड में फर्जीवाड़ा करने में जिले के सीएचसी पर तैनात 11 विलेज लेबिल इंटरप्रियोर (बीएलई) प्रशासन के रडार पर आ गए हैं। अपात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले में यह बीएलई आवेदकों से वसूली एवं फर्जी दस्तावेज आधार, पेनकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र तक तैयार कर रहे थे। लखनऊ बोर्ड स्तर से जांच के बाद 11 संदिग्ध सीएचसी संचालकों की सूची जिले को भेजी गई है। उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण योजना के तहत निर्माण श्रमिकों को 18 योजनाओं के तहत शादी अनुदान, चिकित्सा लाभ एवं पेंशन आदि आर्थिक मदद की जाती है। जिले के फिरोजाबाद, नारखी, सिरसागंज व जसराना में सीएचसी संचालित कर रहे कुछ बीएलई निजी हित के लिए श्रमिकों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सरकारी प्रपत्रों में कूटरचित परिर्वतन करने से भी नहीं चूक रहे हैं। जिले में इस तरह के करीब 46 मामले पकड़ में आए हैं, जिनमें विवाह योग्य की कन्या की जन्म या शादी की तिथि में फर्जी तरीके से फेरबदल किया गया। इसके अलावा आधारकार्ड से छेड़छाड़, राशनकार्ड में दर्ज मुखिया एवं अन्य सदस्यों के नाम परिवर्तन जैसे अवैधानिक कृत्य शामिल हैं।
अब जिन संदिग्ध बीएलई की सूची जिले को भेजी गई है, उनकी आईडी ट्रेस कार्रवाई की तैयारी है। एएलसी ने डिस्टि्रक मैनेजर सीएचसी को पत्र भेजा है। पत्र की प्रति एफआईआर के लिए एसएसपी को भी भेजी गई है।
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ये प्रकरण आए पकड़ में
केस-एक
उमेश कुमार निवासी सुहागनगर से कन्या विवाह अनुदान का लाभ दिलाने को एक सीएचसी संचालक फाइल पास कराने के एवज में 5000 रुपये मांग रहा है। मामला सामने आने पर जांच की जा रही है।
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प्रकरण-दो
नगला उदी निवासी राकेश कुमार की दोनों बेटियां नाबालिग हैं। इसके बावजूद दोनों बेटियों की शादी के लिए आवेदन कर दिया गया। खास बात है कि शादी कब और किसकी होनी है, इसकी जानकारी खुद बेटियों और परिजन को भी नहीं थी।
केस-तीन
एक प्रकरण थाना बसई मुहम्मदपुर क्षेत्रांर्गत मालीपट्टी से जुड़ा है। यहां निवासी एक अपात्र ने कन्या विवाह योजना के तहत आवेदन कर दिया। हकीकत में उक्त व्यक्ति के पास कोई बेटी ही नहीं है। आवेदक की पत्नी ने इसकी पुष्टि की।
केस-चार
कस्बा सिरसागंज निवासी एक व्यक्ति ने अपनी सगी बहन को बेटी दर्शाते हुए आवेदन कर दिया। सीएचसी संचालक ने आवेदन को अपडेट करने को आवेदक के राशनकार्ड से लेकर जन्म प्रमाण पत्र तक छेड़छाड़ की गई।
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-लखनऊ बोर्ड से 11 संदिग्ध सीएचसी संचालकों की आईडी मिली है। शक है कि संदिग्ध बीएलई श्रमिकों के दस्तावेजों की मूल प्रति में छेड़छाड़ कर अपात्रों को आवेदन करा रहे हैं। कार्रवाई के लिए संदिग्धों की आईडी मैनेजर ई-डिस्ट्रीक को भेजी है।
यशवंत कुमार, सहायक श्रमायुक्त
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अब जिन संदिग्ध बीएलई की सूची जिले को भेजी गई है, उनकी आईडी ट्रेस कार्रवाई की तैयारी है। एएलसी ने डिस्टि्रक मैनेजर सीएचसी को पत्र भेजा है। पत्र की प्रति एफआईआर के लिए एसएसपी को भी भेजी गई है।
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ये प्रकरण आए पकड़ में
केस-एक
उमेश कुमार निवासी सुहागनगर से कन्या विवाह अनुदान का लाभ दिलाने को एक सीएचसी संचालक फाइल पास कराने के एवज में 5000 रुपये मांग रहा है। मामला सामने आने पर जांच की जा रही है।
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प्रकरण-दो
नगला उदी निवासी राकेश कुमार की दोनों बेटियां नाबालिग हैं। इसके बावजूद दोनों बेटियों की शादी के लिए आवेदन कर दिया गया। खास बात है कि शादी कब और किसकी होनी है, इसकी जानकारी खुद बेटियों और परिजन को भी नहीं थी।
केस-तीन
एक प्रकरण थाना बसई मुहम्मदपुर क्षेत्रांर्गत मालीपट्टी से जुड़ा है। यहां निवासी एक अपात्र ने कन्या विवाह योजना के तहत आवेदन कर दिया। हकीकत में उक्त व्यक्ति के पास कोई बेटी ही नहीं है। आवेदक की पत्नी ने इसकी पुष्टि की।
केस-चार
कस्बा सिरसागंज निवासी एक व्यक्ति ने अपनी सगी बहन को बेटी दर्शाते हुए आवेदन कर दिया। सीएचसी संचालक ने आवेदन को अपडेट करने को आवेदक के राशनकार्ड से लेकर जन्म प्रमाण पत्र तक छेड़छाड़ की गई।
-लखनऊ बोर्ड से 11 संदिग्ध सीएचसी संचालकों की आईडी मिली है। शक है कि संदिग्ध बीएलई श्रमिकों के दस्तावेजों की मूल प्रति में छेड़छाड़ कर अपात्रों को आवेदन करा रहे हैं। कार्रवाई के लिए संदिग्धों की आईडी मैनेजर ई-डिस्ट्रीक को भेजी है।
यशवंत कुमार, सहायक श्रमायुक्त