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Firozabad News: धूमधाम से मनाया भगवान आदिनाथ का जन्मोत्सव
Wed, 15 Mar 2023 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 15 Mar 2023 11:50 PM IST
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धूमधाम से मनाया भगवान आदिनाथ का जन्मोत्सव
- आज छदामीलाल जैन मंदिर से निकलेगी भव्य यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जैनाचार्य आदित्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दो दिवसीय भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
बुधवार को चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में प्रात: सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक एवम शांतिधारा पूरे मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ पंकज जैन ने ध्वजारोहण एवं ललतेश कुमार जैन ने चित्रानावरण कर किया। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन सोनी जैन एवं संजीव जैन ने किया। आचार्यश्री को शास्त्र भेंट चंचल जैन नसियाजी ने किए। सौधर्म इंद्र बनाने का सौभाग्य सुरेश जैन को प्राप्त हुआ। वही, भगवान की माता मरू देवी सुमन जैन एवम सुनील कुमार जैन बने। कलश स्थापना राखी जैन, शीतल जैन, रीना जैन, प्रभा जैन, गीता जैन आदि ने की। जैनाचार्य आदित्य सागर महाराज ने भगवान आदिनाथ के जीवनकाल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस धरा पर जब-जब धर्म का प्रभाव कम होने लगता है। तब तब इस धरा पर महापुरुषों का अवतार होता रहा है। ऐसा सभी धर्मों में माना जाता है। इसी क्रम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान ने जन्म लेकर इस धरा पर पीड़ित प्रजा को जीवन जीने की कला बताई। इस दौरान विनोद कुमार जैन, अजय जैन, राजीव प्रसाद जैन आदि उपस्थित रहे।
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- आज छदामीलाल जैन मंदिर से निकलेगी भव्य यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जैनाचार्य आदित्य सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में दो दिवसीय भगवान आदिनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा।
बुधवार को चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में प्रात: सर्वप्रथम श्रीजी का अभिषेक एवम शांतिधारा पूरे मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ पंकज जैन ने ध्वजारोहण एवं ललतेश कुमार जैन ने चित्रानावरण कर किया। आचार्यश्री का पाद प्रक्षालन सोनी जैन एवं संजीव जैन ने किया। आचार्यश्री को शास्त्र भेंट चंचल जैन नसियाजी ने किए। सौधर्म इंद्र बनाने का सौभाग्य सुरेश जैन को प्राप्त हुआ। वही, भगवान की माता मरू देवी सुमन जैन एवम सुनील कुमार जैन बने। कलश स्थापना राखी जैन, शीतल जैन, रीना जैन, प्रभा जैन, गीता जैन आदि ने की। जैनाचार्य आदित्य सागर महाराज ने भगवान आदिनाथ के जीवनकाल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस धरा पर जब-जब धर्म का प्रभाव कम होने लगता है। तब तब इस धरा पर महापुरुषों का अवतार होता रहा है। ऐसा सभी धर्मों में माना जाता है। इसी क्रम में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर श्री आदिनाथ भगवान ने जन्म लेकर इस धरा पर पीड़ित प्रजा को जीवन जीने की कला बताई। इस दौरान विनोद कुमार जैन, अजय जैन, राजीव प्रसाद जैन आदि उपस्थित रहे।
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