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आकर्षक रोशनी से जगमगा उठी सुहागनगरी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Thu, 12 Nov 2015 05:58 PM IST
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दीपकोत्सव पर्व की सुहागनगरी में धूम रही। घरों में गणेश एवं लक्ष्मी की पूजा अर्चना के साथ बुजुर्गों से पैर छूकर आशीर्वाद लिया। एक दूसरे को गिफ्ट दिए गए। वहीं संस्थानों में पूजा अर्चना के बाद स्टाफ को भी दीपावली की गिफ्ट प्रदान की गईं। घर, प्रतिष्ठान आकर्षक विद्युत सजावट से जगमगा रहे थे।
दीपावली के त्योहार पर सुबह से ही बाजारों में काफी ही भीड़ थी। बाजारों में पूजन के सामान के साथ ही परिवार के सदस्यों के लिए नए कपड़ों की खरीददारी का क्रम चलता रहा। सदर बाजार के साथ ही क्षेत्रीय बाजारों में देर शाम तक भीड़ रही। गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, खील एवं बतासों के साथ ही पूजन के अन्य सामान की खरीदारी भी होती रही। बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों में लेखा बही आदि के बनाने का क्रम चलता रहा। यूं तो प्रतिष्ठानों पर पूजन का तो क्रम दिन में प्रारंभ हो गया। प्रतिष्ठान स्वामी परिवार के साथ पूजा अर्चना करने पहुंचे। पुरोहितों ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा कराई और स्टाफ के साथ आरती एवं मिष्ठान का वितरण किया। वहीं शाम को छह बजे के बाद से ही घरों पर पूजन का क्रम प्रारंभ हुआ और रात्रि को दस बजे तक चलता रहा। सामूहिक रूप से परिवार के सभी सदस्यों ने पूजा अर्चना की। बुजुर्गों के पैर छूकर ही आशीर्वाद लिया और एक दूसरे को गिफ्ट प्रदान किए गए।
महिलाओं एवं युवतियों के द्वारा घरों पर ही आकर्षक रंगोली के साथ दीप मालिका को सजाया गया। इस दौरान नए परिधानों के साथ हर कोई दमक रहा था। बच्चे भी फुलझड़ी के साथ अठखेलियां कर रहे थे। पूजन के ही बाद घरों के बाहर पटाखों का शोर सुनाई देने लगा था। यह क्रम देर रात्रि तक चलता रहा। मिष्ठान की दुकानों पर भीड़ दिखाई दी।
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दीपावली के त्योहार पर सुबह से ही बाजारों में काफी ही भीड़ थी। बाजारों में पूजन के सामान के साथ ही परिवार के सदस्यों के लिए नए कपड़ों की खरीददारी का क्रम चलता रहा। सदर बाजार के साथ ही क्षेत्रीय बाजारों में देर शाम तक भीड़ रही। गणेश लक्ष्मी की मूर्तियां, खील एवं बतासों के साथ ही पूजन के अन्य सामान की खरीदारी भी होती रही। बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों में लेखा बही आदि के बनाने का क्रम चलता रहा। यूं तो प्रतिष्ठानों पर पूजन का तो क्रम दिन में प्रारंभ हो गया। प्रतिष्ठान स्वामी परिवार के साथ पूजा अर्चना करने पहुंचे। पुरोहितों ने मंत्रोच्चारण के साथ पूजा कराई और स्टाफ के साथ आरती एवं मिष्ठान का वितरण किया। वहीं शाम को छह बजे के बाद से ही घरों पर पूजन का क्रम प्रारंभ हुआ और रात्रि को दस बजे तक चलता रहा। सामूहिक रूप से परिवार के सभी सदस्यों ने पूजा अर्चना की। बुजुर्गों के पैर छूकर ही आशीर्वाद लिया और एक दूसरे को गिफ्ट प्रदान किए गए।
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महिलाओं एवं युवतियों के द्वारा घरों पर ही आकर्षक रंगोली के साथ दीप मालिका को सजाया गया। इस दौरान नए परिधानों के साथ हर कोई दमक रहा था। बच्चे भी फुलझड़ी के साथ अठखेलियां कर रहे थे। पूजन के ही बाद घरों के बाहर पटाखों का शोर सुनाई देने लगा था। यह क्रम देर रात्रि तक चलता रहा। मिष्ठान की दुकानों पर भीड़ दिखाई दी।
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