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फुस्स साबित हो रहे नए यातायात नियम और प्लान, चालकों की दादागिरी को पुलिस का संरक्षण
अमर उजाला
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:09 AM IST
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यातायात प्लान फुस्स साबित हो रहे
- फोटो : अमर उजाला
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प्लान फुस्स साबित हो रहे हैं। ट्रैफिएक नवंबर से यातायात माह शुरू हो गया है। इसे साथ ही जगह-जगह वाहनों की चेकिंग और लोगों को यातायात नियमों की जानकारी आदि देने की कवायद भी शुरू हो गई। इसके बाद भी नए-नए नियम और क व्यवस्था में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों पर गंभीर स्थिति है। यहां नो पार्किंग जोन में वाहन खड़े किए जा रहे हैं। बीच सड़क पर आटो रिक्शा, डग्गामार वाहन और प्राइवेट वाहन खड़े होते हैं। इस पर अंकुश के लिए यातायात पुलिस को नए सिरे से कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही लोगों को भी जागरूक करना पड़ेगा।
सुभाष तिराहा: जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए तिराहे का चौड़ीकरण कराया गया। हाईवे पर आटो खड़े न हो, इसलिए सर्विस रोड पर बैरियर लगाकर आटो को खड़ा करने के लिए अस्थाई रूप से स्टैंड भी बनाया गया। यह प्लान भी फेल हो गया। हाईवे पर जहां डग्गामार वाहनों का कब्जा है, वहीं सर्विस रोड पर आटो चालकों ने कब्जा कर लिया है। वहीं जाम के हालत बने रहते हैं।
जलेसर रोड चौराहा : आटो को खड़ा करने के लिए ओवरब्रिज के नीचे पार्किंग बनाई गई थी। निर्धारित स्थान पर आटो न खड़े होने के कारण यह स्थान मिनी ट्रांसपोर्ट नगर बन चुका है। ऐसे में आटो रिक्शा रोड पर खड़े होते है। इससे यहां से राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करने के साथ ही जाम से भी जूझना पड़ता है। सुविधाओं के नाम पर नगर निगम ने कुछ नहीं दिया।
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कोटला चुंगी चौराहा : चौराहे पर जाम का प्रमुख कारण सड़क पर खडे़ आटो होते हैं। वहीं, आटो को खड़ा करने के लिए नगर निगम की ओर से ओवरब्रिज के नीचे पार्किंग की व्यवस्था की गई है। लेकिन पुलिस की अनदेखी के कारण यह नियमों का पालन नहीं होता।
जाटवपुरी चौराहा: दोपहर करीब एक बजे जाटवपुरी चौराहे पर जाम के हालत थे। हाईवे पर खड़े आटो सवारियों का इंतजार कर रहे थे। जबकि हाईवे पर जाम की समस्या के साथ हादसों को रोकने के लिए तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार ने पहल करते हुए सर्विस रोड पर आटो के संचालन की अनुमति देने के साथ ही हाईवे पर चलने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे हाईवे पर जाम की समस्या खत्म हो गई थी। उनके तबादले के बाद समस्या जस की तस हो गई।
चौराहों पर जगह का अभाव सबसे बड़ी समस्या है। सुभाष तिराहे का चौड़ीकरण कराने के बाद जाम की समस्या से कुछ राहत मिली है। डग्गामार वाहनों की पार्किंग के लिए जगह नहीं मिलने के कारण यहां पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कोटला चुंगी और जलेसर रोड पर पार्किंग की व्यवस्था है। इसके बाद भी वाहन खड़े नहीं होते तो कार्रवाई की जाएगी। कुछ जगह पर फोर्स की कमी के कारण यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है।
एसपी सिटी संजीव कुमार वाजेपई
सुभाष तिराहा: जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए तिराहे का चौड़ीकरण कराया गया। हाईवे पर आटो खड़े न हो, इसलिए सर्विस रोड पर बैरियर लगाकर आटो को खड़ा करने के लिए अस्थाई रूप से स्टैंड भी बनाया गया। यह प्लान भी फेल हो गया। हाईवे पर जहां डग्गामार वाहनों का कब्जा है, वहीं सर्विस रोड पर आटो चालकों ने कब्जा कर लिया है। वहीं जाम के हालत बने रहते हैं।
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जलेसर रोड चौराहा : आटो को खड़ा करने के लिए ओवरब्रिज के नीचे पार्किंग बनाई गई थी। निर्धारित स्थान पर आटो न खड़े होने के कारण यह स्थान मिनी ट्रांसपोर्ट नगर बन चुका है। ऐसे में आटो रिक्शा रोड पर खड़े होते है। इससे यहां से राहगीरों को काफी दिक्कत का सामना करने के साथ ही जाम से भी जूझना पड़ता है। सुविधाओं के नाम पर नगर निगम ने कुछ नहीं दिया।
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कोटला चुंगी चौराहा : चौराहे पर जाम का प्रमुख कारण सड़क पर खडे़ आटो होते हैं। वहीं, आटो को खड़ा करने के लिए नगर निगम की ओर से ओवरब्रिज के नीचे पार्किंग की व्यवस्था की गई है। लेकिन पुलिस की अनदेखी के कारण यह नियमों का पालन नहीं होता।
जाटवपुरी चौराहा: दोपहर करीब एक बजे जाटवपुरी चौराहे पर जाम के हालत थे। हाईवे पर खड़े आटो सवारियों का इंतजार कर रहे थे। जबकि हाईवे पर जाम की समस्या के साथ हादसों को रोकने के लिए तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार ने पहल करते हुए सर्विस रोड पर आटो के संचालन की अनुमति देने के साथ ही हाईवे पर चलने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे हाईवे पर जाम की समस्या खत्म हो गई थी। उनके तबादले के बाद समस्या जस की तस हो गई।
चौराहों पर जगह का अभाव सबसे बड़ी समस्या है। सुभाष तिराहे का चौड़ीकरण कराने के बाद जाम की समस्या से कुछ राहत मिली है। डग्गामार वाहनों की पार्किंग के लिए जगह नहीं मिलने के कारण यहां पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कोटला चुंगी और जलेसर रोड पर पार्किंग की व्यवस्था है। इसके बाद भी वाहन खड़े नहीं होते तो कार्रवाई की जाएगी। कुछ जगह पर फोर्स की कमी के कारण यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है।
एसपी सिटी संजीव कुमार वाजेपई