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Firozabad News: विवादित भूमि पर बनी दीवार को आक्रोशित महिलाओं गिराया
Fri, 03 Jan 2025 10:50 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 03 Jan 2025 10:50 PM IST
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दीवार गिराते आक्रोशित लोग।
- फोटो : दीवार गिराते आक्रोशित लोग।
शिकोहाबाद। रातोंरात विवादित भूमि पर हुए कब्जे के बाद शुक्रवार दोपहर मुस्लिम समाज की महिलाओं ने दीवार को गिरा दिया, गेट उखाड़ दिया। स्वर्णकार की दुकान के लगे हुए बैनर-पोस्टर भी फाड़ दिए गए। महिलाएं आशियाना उजड़ने के चलते आक्रोशित थीं। एक महिला अपना आशियाना उजड़ने पर बार-बार बेसुध हो रही थी। महिलाओं ने स्वर्णकार पर असलहे के दम पर रातोंरात जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत किया।
एटा रोड स्थित रोटी बैंक के सामने स्थित विवादित भूमि पर रातोंरात दीवार खड़ी करके गेट लगा दिया गया। रात ही रात में चोरी-छिपे भूमि पर हुए कब्जे के बाद मामला गरमा गया। दीवार पर सुशील वर्मा लिखा हुआ था। इस दीवार पर मंडल प्रभारी एवं भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न कमल का फूल भी बना हुआ था। शुक्रवार दोपहर मुस्लिम समाज की काफी संख्या में महिलाएं एकत्रित हो गईं, जो उनके आशियाने उजाड़कर रातोंरात भूमि पर कब्जा किए जाने से आक्रोशित थीं। अचानक ही महिलाओं का गुस्सा सांतवें आसमान पर पहुंच गया। सभी ने एकजुट होकर भूमि पर लगाई गई दीवार और गेट को गिरा दिया।
इसके साथ ही सोनी गोल्ड ज्वैलर्स के नाम से लगे हुए बैनर-पोस्टरों को भी फाड़ दिया। महिलाओं का आरोप था कि स्वर्णकार सुशील कुमार वर्मा ने उनकी भूमि पर रातोंरात असलहे लेकर आए कुछ युवकों के दम पर कब्जा किया है। महिलाओं का आरोप था कि रात में कब्जा करने के दौरान गर्भवती महिला रुबीना से भी अभद्रता की गई। इतना ही नहीं यहां रह रहे 40 लोगों के परिवारों का सामान भी फेंक दिया गया। दीवार गिराए जाने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिसने किसी तरह आक्रोशित महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। जमीन पर रातोंरात कब्जा होने से राबिया बेगम, तराना बेगम, अफसाना बेगम, वहीद खान, हिना, रहनुमा, शहीदन बेगम, मुस्कान, सना, रजिया, राबिया, तराना, तब्बसुम, याशमीन, कहकशा एवं अफसाना आदि लोग बेघर हो गए।
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इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों को थाने बुलवाया जा रहा है। इस मामले की जांच की जा रही है। बैनामे के कागजातों को देखने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचा जाएगा।
50 वर्षों से रह रहे थे मुस्लिम समाज के लोग
पीड़ित शहीदन बेगम ने बताया कि इस जमीन पर वह लोग पिछले 50 वर्षों से रह रहे थे। कल्लू के नाम पर यह जगह थी। कल्लू के चार बेटे शहीद, मुन्ना, बबलू एवं बंटी तथा उनके परिवार के लोग यहां रह रहे थे। जो आज जमीन पर जबरन कब्जा होने से बेघर हो गए।
गेट लगवाया था, भाजपा का निशान नहीं बनवाया
विवादित जमीन पर रातोंरात कब्जा होने के बाद शहर के स्वर्णकार सुशील कुमार वर्मा एवं उनके भाई श्याम कुमार वर्मा निवासी प्रोफेसर कॉलोनी इटावा ने बताया कि उन्होंने बैनामा वजीर की लड़कियों रुकसाना बेगम, सायना बेगम, हुस्नबानो, रहीशा बेगम एवं सोनी से करवाया है। बैनामा करने वालों ने उन्हें बताया कि उन्होंने भूमि की देखरेख के लिए अपने कुछ रिश्तेदारों को वहां रहने के लिए जगह दी थी। अब वही लोग इस पर कब्जा कर रहे हैं। भूमि पर दीवार भी बैनामा करने वाली सभी बहनों ने खड़ी कराई है। रही बात गेट की तो वह हमने लगवाया था। इसके अलावा भाजपा का निशान एवं मंडल प्रभारी वाली बात किसने लिखी है, इसकी हमें जानकारी नहीं है।
विवादित जमीन की दीवार पर मंडल प्रभारी और कमल का फूल बना है, तो यह गलत है। हमारे महानगर में इस नाम का कोई भी मंडल प्रभारी नहीं है।
राकेश शंखवार, महानगर अध्यक्ष
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एटा रोड स्थित रोटी बैंक के सामने स्थित विवादित भूमि पर रातोंरात दीवार खड़ी करके गेट लगा दिया गया। रात ही रात में चोरी-छिपे भूमि पर हुए कब्जे के बाद मामला गरमा गया। दीवार पर सुशील वर्मा लिखा हुआ था। इस दीवार पर मंडल प्रभारी एवं भारतीय जनता पार्टी का चुनाव चिह्न कमल का फूल भी बना हुआ था। शुक्रवार दोपहर मुस्लिम समाज की काफी संख्या में महिलाएं एकत्रित हो गईं, जो उनके आशियाने उजाड़कर रातोंरात भूमि पर कब्जा किए जाने से आक्रोशित थीं। अचानक ही महिलाओं का गुस्सा सांतवें आसमान पर पहुंच गया। सभी ने एकजुट होकर भूमि पर लगाई गई दीवार और गेट को गिरा दिया।
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इसके साथ ही सोनी गोल्ड ज्वैलर्स के नाम से लगे हुए बैनर-पोस्टरों को भी फाड़ दिया। महिलाओं का आरोप था कि स्वर्णकार सुशील कुमार वर्मा ने उनकी भूमि पर रातोंरात असलहे लेकर आए कुछ युवकों के दम पर कब्जा किया है। महिलाओं का आरोप था कि रात में कब्जा करने के दौरान गर्भवती महिला रुबीना से भी अभद्रता की गई। इतना ही नहीं यहां रह रहे 40 लोगों के परिवारों का सामान भी फेंक दिया गया। दीवार गिराए जाने की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिसने किसी तरह आक्रोशित महिलाओं को समझा-बुझाकर शांत कराया। जमीन पर रातोंरात कब्जा होने से राबिया बेगम, तराना बेगम, अफसाना बेगम, वहीद खान, हिना, रहनुमा, शहीदन बेगम, मुस्कान, सना, रजिया, राबिया, तराना, तब्बसुम, याशमीन, कहकशा एवं अफसाना आदि लोग बेघर हो गए।
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इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। दोनों पक्षों को थाने बुलवाया जा रहा है। इस मामले की जांच की जा रही है। बैनामे के कागजातों को देखने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचा जाएगा।
50 वर्षों से रह रहे थे मुस्लिम समाज के लोग
पीड़ित शहीदन बेगम ने बताया कि इस जमीन पर वह लोग पिछले 50 वर्षों से रह रहे थे। कल्लू के नाम पर यह जगह थी। कल्लू के चार बेटे शहीद, मुन्ना, बबलू एवं बंटी तथा उनके परिवार के लोग यहां रह रहे थे। जो आज जमीन पर जबरन कब्जा होने से बेघर हो गए।
गेट लगवाया था, भाजपा का निशान नहीं बनवाया
विवादित जमीन पर रातोंरात कब्जा होने के बाद शहर के स्वर्णकार सुशील कुमार वर्मा एवं उनके भाई श्याम कुमार वर्मा निवासी प्रोफेसर कॉलोनी इटावा ने बताया कि उन्होंने बैनामा वजीर की लड़कियों रुकसाना बेगम, सायना बेगम, हुस्नबानो, रहीशा बेगम एवं सोनी से करवाया है। बैनामा करने वालों ने उन्हें बताया कि उन्होंने भूमि की देखरेख के लिए अपने कुछ रिश्तेदारों को वहां रहने के लिए जगह दी थी। अब वही लोग इस पर कब्जा कर रहे हैं। भूमि पर दीवार भी बैनामा करने वाली सभी बहनों ने खड़ी कराई है। रही बात गेट की तो वह हमने लगवाया था। इसके अलावा भाजपा का निशान एवं मंडल प्रभारी वाली बात किसने लिखी है, इसकी हमें जानकारी नहीं है।
विवादित जमीन की दीवार पर मंडल प्रभारी और कमल का फूल बना है, तो यह गलत है। हमारे महानगर में इस नाम का कोई भी मंडल प्रभारी नहीं है।
राकेश शंखवार, महानगर अध्यक्ष