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बेमौसम बारिश से आलू-सरसों और गेहूं की फसलों का नुकसान
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गांव उसायनी के पास खेतों में खुदे पडे आलू को सभालने में जुटा किसान
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। शनिवार रात बारिश से गेहूं, आलू और सरसों की फसल की बरबादी देख किसानों के आंसू अभी सूख भी नहीं पाए थे कि बुधवार रात हुई बरसात से उनकी चिंता और बढ़ गई है। हवा के साथ हुई बारिश से आलू और सरसों को तो नुकसान हुआ ही, गेहूं की बची फसल भी खेतों में बिछ गई है। खेतों में पानी भरने से आलू सड़ने की आशंका है।
शनिवार रात की आंधी-बारिश से 10 से 15 प्रतिशत फसलों को नुकसान बताया गया है। बुधवार रात की बारिश से फसलों को 30 से 35 प्रतिशत नुकसान है। इससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। उनका कहना है कि यदि मौसम फिर से खराब होता है तो नुकसान और बढ़ जाएगा। जबकि आलू की खुदाई का कार्य करीब एक सप्ताह तक प्रभावित रहेगा।
फिर से हुई बारिश से काफी नुकसान
बारिश से आलू को करीब 25 प्रतिशत नुकसान होगा। जो आलू खेत में पड़ा है वह पानी पड़ने से हरा हो जाएगा। इसकी अभी खोदाई शेष रह गई है। उसमें सड़न रोग लग जाएगा। आलू की खेती के लिए यह बरसात काफी नुकसान दायक साबित रही।
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राजेश लोधी, निवासी हाथवंत खैरगढ़।
सुबह चार बजे से आठ बजे तक लगातार बरसात होने से खेतों में जहां पानी भर गया। गेहूं की फसल भी खेत में लेट गई। शनिवार व बुधवार रात की बारिश से गेहूं की फसल को 30 प्रतिशत नुकसान है। यदि मौसम फिर बिगड़ता है तो संकट खड़ा हो जाएगा।
संजय कुमार, निवासी इटाहरी फरिहा।
पानी और हवा के कारण करीब 10 बीघा गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। फसल खेतों में बिछी पड़ी है। शनिवार को हुई बरसात से फसल को जो नुकसान हुआ था। उसका मुआवजा अभी तक नहीं मिला। ऊपर से फिर बारिश हो गई।
साबू धोबी, निवासी एका
आलू की अभी पूरी खोदाई भी नहीं हुई है। बरसात के कारण खुदाई का कार्य प्रभावित होगा। 12 बीघा जमीन बटाई पर ली थी। 10 बीघा गेहूं खराब हो गया। गेहूं बाहर से खरीदना पड़ेगा।
सुरेंद्र सिंह राठौर, निवासी कठफोरी।
आलू प्रभावित हुआ है। एक हफ्ते तक खुदाई रुक गई। पके आलू में सड़ान पैदा हो जाएगी। यदि मौसम साफ हो गया तो बरसात से दस प्रतिशत आलू की खेती प्रभावित होगी। यदि मौसम खराब रहता है तो अधिक नुकसान की उम्मीद है।
पिंटू शर्मा, निवासी नारखी।
बरसात से खेतों में पानी भर गया है। इससे आलू की खेती प्रभावित होगी। आलू सड़ने के साथ ही खुदा पड़ा आलू हरा हो जाएगा। गेहूं की खेती को भी नुकसान हुआ है। प्रशासन को मुआवजा देने चाहिए।
फूलन सिंह, निवासी जिजौली मक्खनपुर।
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शनिवार रात की आंधी-बारिश से 10 से 15 प्रतिशत फसलों को नुकसान बताया गया है। बुधवार रात की बारिश से फसलों को 30 से 35 प्रतिशत नुकसान है। इससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। उनका कहना है कि यदि मौसम फिर से खराब होता है तो नुकसान और बढ़ जाएगा। जबकि आलू की खुदाई का कार्य करीब एक सप्ताह तक प्रभावित रहेगा।
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फिर से हुई बारिश से काफी नुकसान
बारिश से आलू को करीब 25 प्रतिशत नुकसान होगा। जो आलू खेत में पड़ा है वह पानी पड़ने से हरा हो जाएगा। इसकी अभी खोदाई शेष रह गई है। उसमें सड़न रोग लग जाएगा। आलू की खेती के लिए यह बरसात काफी नुकसान दायक साबित रही।
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राजेश लोधी, निवासी हाथवंत खैरगढ़।
सुबह चार बजे से आठ बजे तक लगातार बरसात होने से खेतों में जहां पानी भर गया। गेहूं की फसल भी खेत में लेट गई। शनिवार व बुधवार रात की बारिश से गेहूं की फसल को 30 प्रतिशत नुकसान है। यदि मौसम फिर बिगड़ता है तो संकट खड़ा हो जाएगा।
संजय कुमार, निवासी इटाहरी फरिहा।
पानी और हवा के कारण करीब 10 बीघा गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। फसल खेतों में बिछी पड़ी है। शनिवार को हुई बरसात से फसल को जो नुकसान हुआ था। उसका मुआवजा अभी तक नहीं मिला। ऊपर से फिर बारिश हो गई।
साबू धोबी, निवासी एका
आलू की अभी पूरी खोदाई भी नहीं हुई है। बरसात के कारण खुदाई का कार्य प्रभावित होगा। 12 बीघा जमीन बटाई पर ली थी। 10 बीघा गेहूं खराब हो गया। गेहूं बाहर से खरीदना पड़ेगा।
सुरेंद्र सिंह राठौर, निवासी कठफोरी।
आलू प्रभावित हुआ है। एक हफ्ते तक खुदाई रुक गई। पके आलू में सड़ान पैदा हो जाएगी। यदि मौसम साफ हो गया तो बरसात से दस प्रतिशत आलू की खेती प्रभावित होगी। यदि मौसम खराब रहता है तो अधिक नुकसान की उम्मीद है।
पिंटू शर्मा, निवासी नारखी।
बरसात से खेतों में पानी भर गया है। इससे आलू की खेती प्रभावित होगी। आलू सड़ने के साथ ही खुदा पड़ा आलू हरा हो जाएगा। गेहूं की खेती को भी नुकसान हुआ है। प्रशासन को मुआवजा देने चाहिए।
फूलन सिंह, निवासी जिजौली मक्खनपुर।