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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसः अधिग्रहण 110 का , 125 मीटर पर कब्जा
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 25 Apr 2017 10:59 PM IST
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नगला गुलाल के किसान मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उनकी अधिक ली गई भूमि का मुआवजा प्रशासन दे या हमारी भूमि को वापस किया जाए। प्रशासन ने शीघ्र ही ध्यान नहीं दिया तो मुख्यमंत्री से भेंट करेंगे।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे में नगला गुलाल के किसानों ने काफी आंदोलन किया था। सैफई की तर्ज पर मुआवजा की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज प्रशासन की ओर से ही कराया गया था। प्रशासन ने जबरन भूमि लेने के साथ सख्त कार्रवाई की थी। प्रशासन की ओर से अभी तक मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया। एक्सप्रेस वे की जांच शुरू होने के साथ नगला गुलाल के किसान सक्रिय हो गए। मंगलवार को नगला गुलाल के किसान एकत्रित होकर मुख्यालय पर पहुंचे थे। राजेश यादव एडवोकेट ने कहा कि एक्सप्रेस वे भले ही 110 मीटर चौड़ा बनाया है लेकिन हमारे गांव में 120 से लेकर 125 मीटर चौड़ाई तक भूमि को जबरन ही कब्जा लिया। किसानों को भूमि का मुआवजाराशि आज तक नहीं दी। जिला प्रशासन या तो अतिरिक्त भूमि की मुआवजा वर्तमान सर्किल दरों के हिसाब से दिलाए या हमारी भूमि को वापस करे। प्रशासन ने यदि हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो फिर मुख्यमंत्री से भेंट करके पूरी स्थिति को रखा जाएगा। इस दौरान अनिल कुमार, रामप्रताप सिंह, दीपक यादव, राघवेंद्र सिंह, विनय कुमार उपाध्याय, ब्रजेश कुमार, वीरई के किसान रहे।
बैनामों का दस्तावेज लेकर जाएगा विशेष वाहक
फिरोजाबाद (ब्यूरो)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे में घपले उजागर होने के बाद ही शासन ने जांच कराने का फैसला लिया है। शासन द्वारा एक्सप्रेस वे जिन जिलों से गुजरा है उन्हीं जिलों से तो जिन किसानों से भूमि ली गई,उनको कितना भुगतान कर दिया। कितना भुगतान अवशेष रह गया। किस तहसील क्षेत्र की भूमि थी। क्षेत्र विशेष की सर्किल दरों की बढ़ोतरी तो ही नहीं की गई। इसका ब्योरा तलब किया है। फिरोजबाद तथा शिकोहाबाद एवं सिरसागंज तहसील क्षेत्र में हुए बैनामों की सूची बनाने का काम पिछले कई दिनों से चल रहा था। मंगलवार की शाम को सूची पहुंची लेकिन ये तिथिवार तैयार नहीं थी। इसके कारण देर शाम एडीएम के कार्यालय में सूची तैयार होती रही। सदर तहसील क्षेत्र के ही 957 तथा 4200 से अधिक बैनामा शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र के हैं। एडीएम उदय सिंह ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के बैनामा संबंधी दस्तावेजों की सूची तैयार कर ली गई है। सूची को विशेष वाहक के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे में नगला गुलाल के किसानों ने काफी आंदोलन किया था। सैफई की तर्ज पर मुआवजा की मांग कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज प्रशासन की ओर से ही कराया गया था। प्रशासन ने जबरन भूमि लेने के साथ सख्त कार्रवाई की थी। प्रशासन की ओर से अभी तक मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया। एक्सप्रेस वे की जांच शुरू होने के साथ नगला गुलाल के किसान सक्रिय हो गए। मंगलवार को नगला गुलाल के किसान एकत्रित होकर मुख्यालय पर पहुंचे थे। राजेश यादव एडवोकेट ने कहा कि एक्सप्रेस वे भले ही 110 मीटर चौड़ा बनाया है लेकिन हमारे गांव में 120 से लेकर 125 मीटर चौड़ाई तक भूमि को जबरन ही कब्जा लिया। किसानों को भूमि का मुआवजाराशि आज तक नहीं दी। जिला प्रशासन या तो अतिरिक्त भूमि की मुआवजा वर्तमान सर्किल दरों के हिसाब से दिलाए या हमारी भूमि को वापस करे। प्रशासन ने यदि हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो फिर मुख्यमंत्री से भेंट करके पूरी स्थिति को रखा जाएगा। इस दौरान अनिल कुमार, रामप्रताप सिंह, दीपक यादव, राघवेंद्र सिंह, विनय कुमार उपाध्याय, ब्रजेश कुमार, वीरई के किसान रहे।
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बैनामों का दस्तावेज लेकर जाएगा विशेष वाहक
फिरोजाबाद (ब्यूरो)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे में घपले उजागर होने के बाद ही शासन ने जांच कराने का फैसला लिया है। शासन द्वारा एक्सप्रेस वे जिन जिलों से गुजरा है उन्हीं जिलों से तो जिन किसानों से भूमि ली गई,उनको कितना भुगतान कर दिया। कितना भुगतान अवशेष रह गया। किस तहसील क्षेत्र की भूमि थी। क्षेत्र विशेष की सर्किल दरों की बढ़ोतरी तो ही नहीं की गई। इसका ब्योरा तलब किया है। फिरोजबाद तथा शिकोहाबाद एवं सिरसागंज तहसील क्षेत्र में हुए बैनामों की सूची बनाने का काम पिछले कई दिनों से चल रहा था। मंगलवार की शाम को सूची पहुंची लेकिन ये तिथिवार तैयार नहीं थी। इसके कारण देर शाम एडीएम के कार्यालय में सूची तैयार होती रही। सदर तहसील क्षेत्र के ही 957 तथा 4200 से अधिक बैनामा शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र के हैं। एडीएम उदय सिंह ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के बैनामा संबंधी दस्तावेजों की सूची तैयार कर ली गई है। सूची को विशेष वाहक के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा।
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