{"_id":"65e92135822fbae763db02edb58860f6","slug":"4168-promises-disposal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय लोक अदालत : 4168 वादों का निस्तारण ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय लोक अदालत : 4168 वादों का निस्तारण
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 22 Feb 2015 11:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद सत्र न्यायालय में रविवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। 4168 वादों का निस्तारण हो गया। वाद निस्तारण के लिए सुबह से ही वादकारियों का न्यायालय परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। वादकारियों की समस्या के निस्तारण के लिए न्यायिक अधिकार लगातार नजर बनाए रखने के साथ ही कर्मचारियों को दिशा निर्देश दे रहे थे।
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज उमेश चंद्र सक्सेना ने फीता काटकर किया। इसके साथ ही न्यायालय परिसर का निरीक्षण तथा कार्यों को भी जाकर देखा। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय के प्रांगण में एसबीआई, सिंडीकेट बैंक, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक के साथ जिला सहकारी बैंक सहित विभिन्न बैंकों के काउंटर खुले गए थे। जिला कोआर्डिनेटर एसएस यादव, नोडल अधिकारी रामलखन सिंह चंद्रौल (अपर जिला जज), सीबी सिंह सचिव, प्रेमनाथ, सत्यप्रकाश, बीएम गुप्ता, बीके शर्मा, प्रमोद गंगवार, अंकिता दुबे आदि मौजूद थे।
लाखों का वसूला गया जुर्माना
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान 4168 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें राजस्व के 683 वादों के साथ अन्य वादों को भी निस्तारण था। वहीं 2975437 प्रतिकर वसूलने के साथ ही तीन लाख 11 हजार 60 रुपये जुर्माना राशि वसूल की गई।
विज्ञापन
बैंकों के 242 वाद हुए निस्तारित
बैंकों के लगभग 7035 वाद दर्ज किए गए थे। इसमें से मात्र 242 वाद निस्तारित करते हुए लगभग 28 लाख 27427 रुपये की वसूली की गई।
प्रतिमाह होने चाहिए आयोजन
बैंक, राजस्व के साथ अन्य वादों के निस्तारण के लिए न्यायालय पहुंचे वादकारियों ने न्यायिक अधिकारियों के इस कार्य की सराहना की। वादकारियों का मानना था कि यदि इस तरह के आयोजन प्रतिमाह होते रहे तो न्याय जल्द मिलने के साथ ही कर्ज के बोझ से निजात मिल जाएगी।
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज उमेश चंद्र सक्सेना ने फीता काटकर किया। इसके साथ ही न्यायालय परिसर का निरीक्षण तथा कार्यों को भी जाकर देखा। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय के प्रांगण में एसबीआई, सिंडीकेट बैंक, पीएनबी, सेंट्रल बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक के साथ जिला सहकारी बैंक सहित विभिन्न बैंकों के काउंटर खुले गए थे। जिला कोआर्डिनेटर एसएस यादव, नोडल अधिकारी रामलखन सिंह चंद्रौल (अपर जिला जज), सीबी सिंह सचिव, प्रेमनाथ, सत्यप्रकाश, बीएम गुप्ता, बीके शर्मा, प्रमोद गंगवार, अंकिता दुबे आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
लाखों का वसूला गया जुर्माना
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान 4168 वादों का निस्तारण किया गया। इसमें राजस्व के 683 वादों के साथ अन्य वादों को भी निस्तारण था। वहीं 2975437 प्रतिकर वसूलने के साथ ही तीन लाख 11 हजार 60 रुपये जुर्माना राशि वसूल की गई।
विज्ञापन
बैंकों के 242 वाद हुए निस्तारित
बैंकों के लगभग 7035 वाद दर्ज किए गए थे। इसमें से मात्र 242 वाद निस्तारित करते हुए लगभग 28 लाख 27427 रुपये की वसूली की गई।
प्रतिमाह होने चाहिए आयोजन
बैंक, राजस्व के साथ अन्य वादों के निस्तारण के लिए न्यायालय पहुंचे वादकारियों ने न्यायिक अधिकारियों के इस कार्य की सराहना की। वादकारियों का मानना था कि यदि इस तरह के आयोजन प्रतिमाह होते रहे तो न्याय जल्द मिलने के साथ ही कर्ज के बोझ से निजात मिल जाएगी।