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जूता फैक्ट्री में भीषण आग, मालिक की मौत
अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 10 Nov 2013 03:33 AM IST
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आगरा में हरीपर्वत स्थित कैलाशपुरी में मेट्रो एंड मेट्रो के गोदाम सह शू फैक्ट्री में शनिवार शाम 5:30 बजे भीषण आग लग गई। दो कारीगरों के फैक्ट्री में ही फंसने की आशंका है। आग बुझाते समय फैक्ट्री का ढांचा ढह गया।
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जिससे सात अग्निशमन कर्मी, एक सीओडी, इंस्पेक्टर हरीपर्वत और एसएसआई, टीपीनगर चौकी प्रभारी जख्मी हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात तक आग काबू न होते देख सेना की पैरा ब्रिगेड 411 और दमकल की दो गाड़ियां को बुला लिया गया। जबकि फैक्ट्री में आग की खबर सुनकर मालिक द्वारिकानाथ कलसी की हार्टअटैक से मौत हो गई।
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हलवाई की बगीची में डीएम कलसी की मेट्रो एंड मेट्रो नाम से जूता फैक्ट्री है। कैलाशपुरी में इन्होंने गोदाम बना रखा है। गोदाम की पहली मंजिल में जूते का अपर बनाने का काम होता है। यहां चार सौ से अधिक लोग कार्य करते हैं। लेकिन दीपावली के कारण अधिकांश छुट्टी पर थे। शनिवार को 150 कारीगर काम कर रहे थे।
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इसमें से गोदाम में तकरीबन 60 लोग और ऊपरी मंजिल में 90 लोग काम कर रहे थे। शाम साढ़े पांच बजे गोदाम में लगी ट्यूबलाइट अचानक फट गई। वहां रखे केमिकल ने आग पकड़ ली। धुआं उठता देख कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। आग भड़कती देख ऊपर की मंजिल से कारीगरों ने कूदना शुरू कर दिया। वहां काम कर रहीं महिलाओं को सीढ़ी लगा कर निकाला गया।
बताते हैं कि दो कारीगर बंटी निवासी आजमपाड़ा और बबलू निवासी शाहगंज फैक्ट्री में ही फंसे हैं। सूचना पर पहुंचा अग्निशमन दल देर रात तक आग पर काबू नहीं पा सका था। बाद में सेना की दमकल को हालात से निपटने के लिए बुलाया गया।
हरीपर्वत थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि फैक्ट्री से सभी लोगों को निकाल लिया गया है। जिन दो लोगों के फंसने के बारे में कहा जा रहा है, वह कारीगरों को नहीं मिले। आग बुझने के बाद ही हकीकत का पता चलेगा।
फैक्ट्री मालिक की हार्टअटैक से मौत
एक बच्चे की तरह जिस कारोबार को द्वारिकानाथ कलसी ने खून-पसीना एक कर ऊंचे मुकाम तक पहुंचाया था। उसके खाक होने का दर्द वह सह न सके। दिल में उठे अचानक असहनीय दर्द से उनकी घर पर मृत्यु हो गई। जानकार उनको जूता जगत के पितामाह कहते हैं।