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Fatehpur News: बंदी मित्र को छुड़ाने के लिए महिला ने दो साल तक बेटे को दूर रखा
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प्रेमनगर (फतेहपुर)। दुष्कर्म आरोप में निरुद्ध प्रेमी को छुड़ाने के लिए महिला ने दो साल तक अपने नाबालिग बेटे को दूर रखा। उसने बेटे की अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रकरण में हाईकोर्ट इलाहाबाद ने एसपी के बाद डीजीपी से जवाब मांगा था। पुलिस ने बच्चे को खोजकर कोर्ट में पेश किया।
सुल्तानपुर घोष क्षेत्र एक गांव निवासी किशोर 15 अक्तूबर 2023 से लापता था। उस समय उसकी उम्र 11 वर्ष थी। पुलिस दो साल बाद राजस्थान अजमेर शरीफ दरगाह से सोमवार को किशोर को लेकर आई। उसे मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया है।
प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह ने बताया कि किशोर की मां का पति से अलगाव हो चुका था। वह बीड़ी बनाकर जीवन यापन करती है। उसकी गांव के एक युवक से नजदीकी हो गई थी। युवक पूर्व प्रधान नजदीकी है। प्रधानी चुनावी की रंजिश में महिला ने 2023-24 में वर्तमान प्रधान मो. हसीन अंसारी, कोटेदार जिबरील और मुन्ना नट के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना बाद साक्ष्य के अभाव में एफआर लगाई थी।
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करीब एक साल पहले महिला का युवक मित्र दुष्कर्म के आरोप में जेल चला गया जो अभी भी बंद है। महिला ने साजिश के तहत अपने बेटे को दो साल पहले घर से भगा दिया। महिला ने प्रधानी चुनावी रंजिश और अपने मित्र को जेल से छुड़ाने के बेटे के अपहरण की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला हाईकोर्ट इलाहाबाद बेटे की खोज की मांग को लेकर पहुंच गई। पुलिस की जांच में पता लगा कि किशोर की गुमशुदगी में 15 अक्तूबर 2023 से गुम होना बताया है जबकि इस दौरान किशोर गांव में ही था।
महिला के अलग-अलग नंबर से बेटे से बातचीत का भी पता लगा। महिला के परिजनों से भी पूछताछ में सामने आया कि वह अपने बेटे से मोबाइल पर बातचीत के दौरान कहती थी वह अभी बाहर ही रहे, लौटने पर पुलिस उसे जेल भेज सकती है। बीड़ी बनाने वाली महिला कैसे हाईकोर्ट में बड़े वकील के सहारे अपील कर रही है। इन सारी बातों से बहुत कुछ साफ हो गया। मामले में दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह और डीजीपी राजीव कृष्ण को तलब किया था।
पुलिस ने आठ राज्यों में मारा छापा
सुल्तानपुर घोष पुलिस ने किशोर की तलाश में बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात के अहमदाबाद, उत्तराखंड और राजस्थान में दबिश दी। पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर भी ट्रेस किए लेकिन कोई लोकेशन नहीं मिल पाई। एक गोपनीय जांच के दौरान पुलिस को राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह के पास बिस्मिल्लाह होटल में काम करते हुए पुलिस को किशोर मिला। पुलिस के मुताबिक किशोर जगह बदलकर दरगाहों में ही रहता था। किशोर खुद को कानपुर के बाबूपुरवा का निवासी बताता रहा।
मां कहती गांव नहीं आना, नहीं तो मैं जेल चली जाऊंगी
मां की दूसरे के फोन से बात बेटे से बातचीत होती थी। वह आने के लिए कहता तो मां कहती गांव मत आना बेटा नहीं मैं जेल चली जाऊंगी। शिकायतकर्ता मां जिला कारागार में करीबी युवक से 22 बार मिलने गई थी। वह हर बार अलग-अलग नाम अलग-अलग रिश्ते बताकर दुष्कर्म आरोपी से मिलती थी।
रायबरेली से किशोर ने सफर शुरू किया
मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान में किशोर ने बताया कि वह 2023 में रायबरेली जनपद के एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा था। वहां से वह बस से कानपुर गया और अगले दिन ट्रेन पकड़कर दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन पहुंचा। वहां 15 दिन तक हजरत निजामुद्दीन दरगाह में रहा। इसके बाद हरिद्वार गया जहां पर साबिर पाक दरगाह में छह महीने तक रहकर मजदूरी की। छोटी उम्र होने के कारण कोई काम नहीं दे रहा था। वह ट्रेन से अजमेर शरीफ चला गया जहां गरीब नवाज दरगाह में छह महीने तक रहा। इसके बाद अहमदाबाद गया जहां साहे आलम दरगाह में एक सप्ताह रुका। वापस राजस्थान के गरीब नवाज दरगाह के पास बिस्मिल्लाह होटल में बर्तन धोने का काम करता रहा।
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सुल्तानपुर घोष क्षेत्र एक गांव निवासी किशोर 15 अक्तूबर 2023 से लापता था। उस समय उसकी उम्र 11 वर्ष थी। पुलिस दो साल बाद राजस्थान अजमेर शरीफ दरगाह से सोमवार को किशोर को लेकर आई। उसे मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद परिजनों के सुपुर्द किया है।
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प्रभारी निरीक्षक तेज बहादुर सिंह ने बताया कि किशोर की मां का पति से अलगाव हो चुका था। वह बीड़ी बनाकर जीवन यापन करती है। उसकी गांव के एक युवक से नजदीकी हो गई थी। युवक पूर्व प्रधान नजदीकी है। प्रधानी चुनावी की रंजिश में महिला ने 2023-24 में वर्तमान प्रधान मो. हसीन अंसारी, कोटेदार जिबरील और मुन्ना नट के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना बाद साक्ष्य के अभाव में एफआर लगाई थी।
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करीब एक साल पहले महिला का युवक मित्र दुष्कर्म के आरोप में जेल चला गया जो अभी भी बंद है। महिला ने साजिश के तहत अपने बेटे को दो साल पहले घर से भगा दिया। महिला ने प्रधानी चुनावी रंजिश और अपने मित्र को जेल से छुड़ाने के बेटे के अपहरण की झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला हाईकोर्ट इलाहाबाद बेटे की खोज की मांग को लेकर पहुंच गई। पुलिस की जांच में पता लगा कि किशोर की गुमशुदगी में 15 अक्तूबर 2023 से गुम होना बताया है जबकि इस दौरान किशोर गांव में ही था।
महिला के अलग-अलग नंबर से बेटे से बातचीत का भी पता लगा। महिला के परिजनों से भी पूछताछ में सामने आया कि वह अपने बेटे से मोबाइल पर बातचीत के दौरान कहती थी वह अभी बाहर ही रहे, लौटने पर पुलिस उसे जेल भेज सकती है। बीड़ी बनाने वाली महिला कैसे हाईकोर्ट में बड़े वकील के सहारे अपील कर रही है। इन सारी बातों से बहुत कुछ साफ हो गया। मामले में दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया। हाईकोर्ट ने पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह और डीजीपी राजीव कृष्ण को तलब किया था।
पुलिस ने आठ राज्यों में मारा छापा
सुल्तानपुर घोष पुलिस ने किशोर की तलाश में बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल, गुजरात के अहमदाबाद, उत्तराखंड और राजस्थान में दबिश दी। पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों के मोबाइल नंबर भी ट्रेस किए लेकिन कोई लोकेशन नहीं मिल पाई। एक गोपनीय जांच के दौरान पुलिस को राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह के पास बिस्मिल्लाह होटल में काम करते हुए पुलिस को किशोर मिला। पुलिस के मुताबिक किशोर जगह बदलकर दरगाहों में ही रहता था। किशोर खुद को कानपुर के बाबूपुरवा का निवासी बताता रहा।
मां कहती गांव नहीं आना, नहीं तो मैं जेल चली जाऊंगी
मां की दूसरे के फोन से बात बेटे से बातचीत होती थी। वह आने के लिए कहता तो मां कहती गांव मत आना बेटा नहीं मैं जेल चली जाऊंगी। शिकायतकर्ता मां जिला कारागार में करीबी युवक से 22 बार मिलने गई थी। वह हर बार अलग-अलग नाम अलग-अलग रिश्ते बताकर दुष्कर्म आरोपी से मिलती थी।
रायबरेली से किशोर ने सफर शुरू किया
मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयान में किशोर ने बताया कि वह 2023 में रायबरेली जनपद के एक मदरसे में पढ़ाई कर रहा था। वहां से वह बस से कानपुर गया और अगले दिन ट्रेन पकड़कर दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन पहुंचा। वहां 15 दिन तक हजरत निजामुद्दीन दरगाह में रहा। इसके बाद हरिद्वार गया जहां पर साबिर पाक दरगाह में छह महीने तक रहकर मजदूरी की। छोटी उम्र होने के कारण कोई काम नहीं दे रहा था। वह ट्रेन से अजमेर शरीफ चला गया जहां गरीब नवाज दरगाह में छह महीने तक रहा। इसके बाद अहमदाबाद गया जहां साहे आलम दरगाह में एक सप्ताह रुका। वापस राजस्थान के गरीब नवाज दरगाह के पास बिस्मिल्लाह होटल में बर्तन धोने का काम करता रहा।