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पर्ची न कटने का फायदा उठा रहे व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sun, 26 Feb 2017 01:23 AM IST
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थरियांव के एक कोल्ड स्टोर में आलू जमा करने में लगी ट्रैक्टरों की लाइन
- फोटो : अमर उजाला
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कोल्ड स्टोरेज प्रबंधक नियमों को ताक पर रख कर आलू का भंडारण कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि आलू जमा करने में व्यापारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। किसानों को लाइन में लगाकर आलू जमा किया जाता है। किसानों का आलू जमा करने की शर्त मंजूर करने पर शासन से कोल्ड स्टोर निर्माण लागत में 25 फीसदी छूट मिलती है। विभागीय अधिकारी ऐसे कोल्ड स्टोर मालिकों पर शिकंजा नहीं कस पा रहे हैं।
आलू की खेती करने वाले किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। सब्जी मंडी में आलू का भाव बहुत ही कम है। इससे फसल में खर्च की गई धनराशि भी नहीं निकल पा रही है। कोल्ड स्टोरेज में आलू जमा करने के लिए किसानों को दो दिन तक लाइन लगाना पड़ता है। ऐसे में किराए के ट्रैक्टर से आलू लाने वाले किसानों को दोगुना भाड़ा देना पड़ता है। वहीं किसानों से खरीद कर स्टोर में जमा करने वाले व्यापारियों के आलू को तुरंत जमा कर दिया जाता है। वहीं कोल्ड स्टोर में कुछ किसानों और व्यापारियों की आलू जमा करने वाली पर्ची काट कर स्टोर मानक पूरा कर दिया गया है। जिन किसानों की पर्ची कटी है, उन्हीं का आलू जमा किया जाता है। व्यापारियों ने भी आलू जमा करने का लक्ष्य तय कर लिया है। किसानों से आलू खरीद कर कोल्ड स्टोरेज में जमा कर रहे हैं।
ऐसे में जिन किसानों ने पर्ची नहीं कटाई है, वे औने-पौने दाम पर आलू बेचने को मजबूर हैं। इसी का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। मलांव के किसान पप्पू लोधी ने बताया कि आलू जमा करने की पर्ची कटने की सूचना नहीं मिली है। जब आलू जमा करने गए तो मना कर दिया। बाद में दूसरे कोल्ड स्टोर में लाइन लगाकर आलू जमा करना पड़ा। जिला उद्यान अधिकारी एके श्रीवास्तव का कहना है कि कोल्ड स्टोर में व्यापारियों के आलू जमा करने की सूचना नहीं है। भंडारण के बाद निरीक्षण किया जाएगा और कोल्ड स्टोर में आलू जमा करने वाले किसानों की सूची लेकर जांच कराई जाएगी। नियम के विरुद्ध भंडारण करने वाले प्रबंधकों पर कार्रवाई होगी। उदय कोल्ड स्टोर के मैनेजर राजेश सिंह का कहना है कि कोल्ड स्टोर में किसानों का ही आलू रखा जाता है। भीड़ होेने की वजह से जनवरी में टोकन व्यवस्था लागू की गई थी। जिसका टोकन कटा है, उनका ही आलू रखा जाएगा।
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आलू की खेती करने वाले किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। सब्जी मंडी में आलू का भाव बहुत ही कम है। इससे फसल में खर्च की गई धनराशि भी नहीं निकल पा रही है। कोल्ड स्टोरेज में आलू जमा करने के लिए किसानों को दो दिन तक लाइन लगाना पड़ता है। ऐसे में किराए के ट्रैक्टर से आलू लाने वाले किसानों को दोगुना भाड़ा देना पड़ता है। वहीं किसानों से खरीद कर स्टोर में जमा करने वाले व्यापारियों के आलू को तुरंत जमा कर दिया जाता है। वहीं कोल्ड स्टोर में कुछ किसानों और व्यापारियों की आलू जमा करने वाली पर्ची काट कर स्टोर मानक पूरा कर दिया गया है। जिन किसानों की पर्ची कटी है, उन्हीं का आलू जमा किया जाता है। व्यापारियों ने भी आलू जमा करने का लक्ष्य तय कर लिया है। किसानों से आलू खरीद कर कोल्ड स्टोरेज में जमा कर रहे हैं।
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ऐसे में जिन किसानों ने पर्ची नहीं कटाई है, वे औने-पौने दाम पर आलू बेचने को मजबूर हैं। इसी का फायदा व्यापारी उठा रहे हैं। मलांव के किसान पप्पू लोधी ने बताया कि आलू जमा करने की पर्ची कटने की सूचना नहीं मिली है। जब आलू जमा करने गए तो मना कर दिया। बाद में दूसरे कोल्ड स्टोर में लाइन लगाकर आलू जमा करना पड़ा। जिला उद्यान अधिकारी एके श्रीवास्तव का कहना है कि कोल्ड स्टोर में व्यापारियों के आलू जमा करने की सूचना नहीं है। भंडारण के बाद निरीक्षण किया जाएगा और कोल्ड स्टोर में आलू जमा करने वाले किसानों की सूची लेकर जांच कराई जाएगी। नियम के विरुद्ध भंडारण करने वाले प्रबंधकों पर कार्रवाई होगी। उदय कोल्ड स्टोर के मैनेजर राजेश सिंह का कहना है कि कोल्ड स्टोर में किसानों का ही आलू रखा जाता है। भीड़ होेने की वजह से जनवरी में टोकन व्यवस्था लागू की गई थी। जिसका टोकन कटा है, उनका ही आलू रखा जाएगा।
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