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मां और बहन का आरोप, मांगी सीबीसीआईडी जांच
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sat, 25 Jun 2016 01:23 AM IST
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पत्रकारों से वार्ता करती मां रन्नो देवी व बहन रंजना सिंह चौहान।
- फोटो : अमर उजाला
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विक्रम हत्याकांड खुलासा होने के बाद अब दूसरी वजह से चर्चा में आ गया है। शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब होकर विक्रम की मां और बहन ने पुलिस पर कई आरोप लगाए। कहा कि पुलिस ने हत्या की वजह की मनगढ़ंत कहानी बनाई। वह हत्या आरोपियों पर मेहरबान है। इस वजह से हत्याकांड की जांच सीबीसीआईडी से होनी चाहिए। वह मुख्यमंत्री से इसकी गुजारिश भी करेंगी।
देवीगंज आवास में विक्रम की बहन रंजना सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि उसके भाई की अभय समेत चार लोगों ने हत्या की है। पुलिस ने अभय और शिवांग को ही जेल भेजा है। बाकी को छूट दे दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ टूटने, पेट, पीछे के हिस्से व शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। इससे साबित होता है कि विक्रम को जमकर पीटा गया। धारदार हथियार से गला काटने के बाद ट्रैक पर फेंका गया होगा।
पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों ने बाकी लोगोें के बारे में कोई पूछताछ नहीं की। आला कत्ल हथियार भी नहीं बरामद किए। तमाम सबूतों को छोड़कर आनन-फानन में आरोपियों को जेल भेजा है।
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अभय सिंह की मां अनीता परिवार को खत्म करने की धमकी दे रही हैं। धमकी दी है कि पति पुलिस में हैं। बेटा जेल जाकर सुरक्षित हो गया है। अब पूरे परिवार को खत्म करा देगी। इधर, पुलिस ने विक्रम पर सट्टेबाजी और लड़की मांगने का आरोप लगाया है। यह बात आरोपियों के हवाले से पुलिस कह रही है।
पुलिस के पास भाई को बदनाम करने का अधिकार नहीं है। जब तक उसके पास कोई सुराग न हो। पुलिस अपने तरीके से पूरे मामले का पटाक्षेप करने में जुटी है। निष्पक्ष जांच सीबीसीआईडी से कराई जाए ताकि भाई के कत्ल के सभी आरोपी पकड़े जाए और इन्हें सजा हो सके।
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क्रिमिनल हिस्ट्री पुलिस ने छिपाई:- रंजना का आरोप है कि मुख्य आरोपी अभय सिंह परिहार पर जहरखुरानी, ट्रक से लूटपाट, राहजनी के मुकदमे विचाराधीन हैं। पुलिस ने उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री छिपाई है। पुलिस ने अभय को हीरो बनाने का काम किया है, जबकि उसके भाई पर किसी तरह का कोई मुकदमा नहीं है।
आरोपियों के खून से रंगे कपड़े गायब:- रंजना ने बताया कि उसके भाई के कत्ल के बाद अभय ने अपने घर के पास एक परिजन को बुलाया था, उन्हें ही खून से रंगे कपड़े सौंपकर नये कपड़े लेकर दिल्ली भाग निकला था, उनके परिजन भी सहयोग करने में शामिल रहे हैं। आरोपियों के कपड़े भी पुलिस को बरामद करना चाहिए।
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देवीगंज आवास में विक्रम की बहन रंजना सिंह चौहान ने मीडिया को बताया कि उसके भाई की अभय समेत चार लोगों ने हत्या की है। पुलिस ने अभय और शिवांग को ही जेल भेजा है। बाकी को छूट दे दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाथ टूटने, पेट, पीछे के हिस्से व शरीर पर कई चोटों के निशान मिले हैं। इससे साबित होता है कि विक्रम को जमकर पीटा गया। धारदार हथियार से गला काटने के बाद ट्रैक पर फेंका गया होगा।
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पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों ने बाकी लोगोें के बारे में कोई पूछताछ नहीं की। आला कत्ल हथियार भी नहीं बरामद किए। तमाम सबूतों को छोड़कर आनन-फानन में आरोपियों को जेल भेजा है।
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अभय सिंह की मां अनीता परिवार को खत्म करने की धमकी दे रही हैं। धमकी दी है कि पति पुलिस में हैं। बेटा जेल जाकर सुरक्षित हो गया है। अब पूरे परिवार को खत्म करा देगी। इधर, पुलिस ने विक्रम पर सट्टेबाजी और लड़की मांगने का आरोप लगाया है। यह बात आरोपियों के हवाले से पुलिस कह रही है।
पुलिस के पास भाई को बदनाम करने का अधिकार नहीं है। जब तक उसके पास कोई सुराग न हो। पुलिस अपने तरीके से पूरे मामले का पटाक्षेप करने में जुटी है। निष्पक्ष जांच सीबीसीआईडी से कराई जाए ताकि भाई के कत्ल के सभी आरोपी पकड़े जाए और इन्हें सजा हो सके।
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क्रिमिनल हिस्ट्री पुलिस ने छिपाई:- रंजना का आरोप है कि मुख्य आरोपी अभय सिंह परिहार पर जहरखुरानी, ट्रक से लूटपाट, राहजनी के मुकदमे विचाराधीन हैं। पुलिस ने उसकी क्रिमिनल हिस्ट्री छिपाई है। पुलिस ने अभय को हीरो बनाने का काम किया है, जबकि उसके भाई पर किसी तरह का कोई मुकदमा नहीं है।
आरोपियों के खून से रंगे कपड़े गायब:- रंजना ने बताया कि उसके भाई के कत्ल के बाद अभय ने अपने घर के पास एक परिजन को बुलाया था, उन्हें ही खून से रंगे कपड़े सौंपकर नये कपड़े लेकर दिल्ली भाग निकला था, उनके परिजन भी सहयोग करने में शामिल रहे हैं। आरोपियों के कपड़े भी पुलिस को बरामद करना चाहिए।