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Fatehpur News: लुभावनी स्कीमों का झांसा देकर दंपती ने चार लाख हड़पे
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फतेहपुर। प्रलोभन देकर दंपती ने युवक और उसकी पत्नी के नाम पर चिटफंड कंपनियों की विभिन्न योजनाओं में रकम जमा कराई। रकम वापसी न होने पर युवक ने आरोपी दंपती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के डुंडरा निवासी उजेर उर्फ राम उजेर ने बताया कि वह राधानगर थाने के लक्ष्मनपुर में परिवार समेत रहता है। रामउजेर ने बताया कि गांव का रामकरन अपनी पत्नी नर्मदा देवी के साथ 14 मार्च 2010 को घर आए। उसे व पत्नी शोभा देवी को एक कंपनी में रकम जमा कराने पर अच्छा लाभ मिलने का प्रलोभन दिया। दूसरे दिन दंपती ने पत्नी शोभा देवी के नाम पीएसीएल इंडिया लिमिटेड में 550 रुपये प्रतिमाह छह साल तक जमा करने की स्कीम ली। स्कीम के तहत 39 हजार 600 रुपये मिलने थे। परिपक्वता पर रुपये की मांग की। रामकरन व उसकी पत्नी बोले कि कंपनी पर मामला चल रहा है। मामला खत्म होने पर ब्याज के साथ रुपये वापस होंगे। इसके अलावा उसके नाम पर 29 नवंबर 2014 को दंपती ने धेनू एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड में 25 हजार रुपये फिक्स कराए। उसकी परिपक्वता 29 नवंबर 2024 को थी। ब्याज समेत 98 हजार 981 रुपये मिलना था। वह रुपये भी नहीं मिले है। तीसरी 31 दिसंबर 2013 को 10 हजार रुपये, 12 जनवरी 2015 को 10 हजार, 20 अक्तूबर 2015 को 10 हजार रुपये जमा कराए। इनमें 10 साल बाद एक लाख नौ हजार 500 रुपये मिलने का वादा कर धेनू एग्रो में जमा कराए रुपये भी नहीं मिले। चौथे मामले में एक मई 2012 से लेकर दिसंबर 2017 तक तीन-तीन हजार रुपये की किस्त 36 हजार रुपये धेनू ग्रीन इंडिया जमा कराए। 2022 में परिपक्वता पर एक लाख नौ हजार 500 रुपये मिलना था। सभी योजनाओं में करीब चार लाख रुपये मिलने थे। दंपती रुपये की मांग पर मामले कोर्ट में विचाराधीन होने का झांसा देकर टरकाते रहे। उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। रुपयों की आवश्यकता पर नौ फरवरी को घर जाकर रुपये दिलाने की मांग की। उसके साथ दंपती मारपीट पर उतारू हो गए। गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। उसने मामले की शिकायत थाने और अधिकारियों से की, कोई सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। थानाध्यक्ष प्रमोद मौर्या ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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गाजीपुर थाना क्षेत्र के डुंडरा निवासी उजेर उर्फ राम उजेर ने बताया कि वह राधानगर थाने के लक्ष्मनपुर में परिवार समेत रहता है। रामउजेर ने बताया कि गांव का रामकरन अपनी पत्नी नर्मदा देवी के साथ 14 मार्च 2010 को घर आए। उसे व पत्नी शोभा देवी को एक कंपनी में रकम जमा कराने पर अच्छा लाभ मिलने का प्रलोभन दिया। दूसरे दिन दंपती ने पत्नी शोभा देवी के नाम पीएसीएल इंडिया लिमिटेड में 550 रुपये प्रतिमाह छह साल तक जमा करने की स्कीम ली। स्कीम के तहत 39 हजार 600 रुपये मिलने थे। परिपक्वता पर रुपये की मांग की। रामकरन व उसकी पत्नी बोले कि कंपनी पर मामला चल रहा है। मामला खत्म होने पर ब्याज के साथ रुपये वापस होंगे। इसके अलावा उसके नाम पर 29 नवंबर 2014 को दंपती ने धेनू एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड में 25 हजार रुपये फिक्स कराए। उसकी परिपक्वता 29 नवंबर 2024 को थी। ब्याज समेत 98 हजार 981 रुपये मिलना था। वह रुपये भी नहीं मिले है। तीसरी 31 दिसंबर 2013 को 10 हजार रुपये, 12 जनवरी 2015 को 10 हजार, 20 अक्तूबर 2015 को 10 हजार रुपये जमा कराए। इनमें 10 साल बाद एक लाख नौ हजार 500 रुपये मिलने का वादा कर धेनू एग्रो में जमा कराए रुपये भी नहीं मिले। चौथे मामले में एक मई 2012 से लेकर दिसंबर 2017 तक तीन-तीन हजार रुपये की किस्त 36 हजार रुपये धेनू ग्रीन इंडिया जमा कराए। 2022 में परिपक्वता पर एक लाख नौ हजार 500 रुपये मिलना था। सभी योजनाओं में करीब चार लाख रुपये मिलने थे। दंपती रुपये की मांग पर मामले कोर्ट में विचाराधीन होने का झांसा देकर टरकाते रहे। उसकी पत्नी की मृत्यु हो चुकी है। रुपयों की आवश्यकता पर नौ फरवरी को घर जाकर रुपये दिलाने की मांग की। उसके साथ दंपती मारपीट पर उतारू हो गए। गाली गलौज व जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। उसने मामले की शिकायत थाने और अधिकारियों से की, कोई सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। थानाध्यक्ष प्रमोद मौर्या ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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