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Fatehpur News: छह वर्ष से नहीं निकली शिक्षक भर्ती, डीएलएड अभ्यर्थियों में नाराजगी
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फतेहपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत दो वर्षीय डीएलएड पाठ्यक्रम को चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम में बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह व्यवस्था इंटरमीडिएट के बाद लागू किए जाने का प्रस्ताव है। सरकार इसे शिक्षक प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अहम कदम बता रही है। हालांकि डीएलएड अभ्यर्थी इससे असंतुष्ट नजर आ रहे हैं।
शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में बीते छह वर्षों से प्राथमिक शिक्षकों की कोई नई भर्ती नहीं निकली है। इससे हजारों प्रशिक्षुओं का भविष्य अनिश्चित हो गया है। अभ्यर्थियों के अनुसार वर्ष 2018-19 में 68,500 और 69,000 पदों पर अंतिम बार भर्ती हुई थी। इसके बाद से टीईटी और सीटीईटी उत्तीर्ण उम्मीदवार लगातार नियुक्ति की राह देख रहे हैं।
डीएलएड अभ्यर्थियों के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने कहा कि पाठ्यक्रम में बदलाव से पहले सरकार को रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। प्रदेश सचिव व आईटी सेल प्रभारी दुर्गेश यादव ने बताया कि हर वर्ष बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन उसी अनुपात में नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं।
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आईटी सेल प्रभारी नागेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार डीएलएड की परीक्षाएं तो नियमित करा रही है लेकिन नियुक्तियों के मामले में छात्र-शिक्षक अनुपात का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रही है। डीएलएड छात्र शुभम त्रिपाठी ने बताया कि भर्ती न होने से हर साल हजारों नए प्रशिक्षु बेरोजगारी की कतार में जुड़ते जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि प्राथमिक विद्यालयों के रिक्त पदों का आकलन कर शीघ्र शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
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शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश में बीते छह वर्षों से प्राथमिक शिक्षकों की कोई नई भर्ती नहीं निकली है। इससे हजारों प्रशिक्षुओं का भविष्य अनिश्चित हो गया है। अभ्यर्थियों के अनुसार वर्ष 2018-19 में 68,500 और 69,000 पदों पर अंतिम बार भर्ती हुई थी। इसके बाद से टीईटी और सीटीईटी उत्तीर्ण उम्मीदवार लगातार नियुक्ति की राह देख रहे हैं।
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डीएलएड अभ्यर्थियों के प्रदेश अध्यक्ष रजत सिंह ने कहा कि पाठ्यक्रम में बदलाव से पहले सरकार को रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। प्रदेश सचिव व आईटी सेल प्रभारी दुर्गेश यादव ने बताया कि हर वर्ष बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन उसी अनुपात में नई भर्तियां नहीं की जा रही हैं।
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आईटी सेल प्रभारी नागेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार डीएलएड की परीक्षाएं तो नियमित करा रही है लेकिन नियुक्तियों के मामले में छात्र-शिक्षक अनुपात का हवाला देकर जिम्मेदारी से बच रही है। डीएलएड छात्र शुभम त्रिपाठी ने बताया कि भर्ती न होने से हर साल हजारों नए प्रशिक्षु बेरोजगारी की कतार में जुड़ते जा रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की है कि प्राथमिक विद्यालयों के रिक्त पदों का आकलन कर शीघ्र शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।