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होनहार सिपाही का एसपी ने सम्मान किया
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Wed, 25 Nov 2015 12:36 AM IST
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बचाने वाले होनहार कांस्टेबल राम किशोर यादव को एसपी राजीव मल्होत्रा ने
खुद 25 सौ रुपये और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
बता दें कि खागा कोतवाली क्षेत्र के ईंटगांव में दस दिन पहले एक वर्ग की बारात जा रही थी। रास्ते के विवाद में दो वर्गों के लोग आमने-सामने आ गए थे। सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने लगा था।
पूर्व प्रधान की सूचना पर बीट कांस्टेबल रामकिशोर चंद मिनट में घटनास्थल पर पहुंचे तब तक दोनों पक्ष असलहे व डंडे लेकर आमने-सामने आ गए थे। तभी वह एक पक्ष को किसी तरह किनारे ले गए।
इस कवायद में इन्हें दोनों पक्षों की ओर से गाली भी बर्दाश्त करनी पड़ी। फिर भी हिम्मत न हार धक्कामुक्की के बीच रामकिशोर बवाल को शांत करने में लगे रहे। अंतत: उन्हें सफलता मिल भी गई और तब तक भारी संख्या में फोर्स भी आ पहुंची और बवाल शांत हो गया।
एसपी ने कहा कि अगर सिपाही की बीट में पकड़ मजबूत हो तो कोई भी सांप्रदायिक तनाव की घटना नहीं हो सकती है। बवाल को शांति में बदलने वाले रामकिशोर यादव को मंगलवार को अपने कार्यालय में एसपी राजीव मल्होत्रा व एएसपी राजकमल यादव ने सम्मानित किया।
उधर, कांस्टेबल राम किशोर यादव का कहना है कि यह सम्मान उनके लिए बड़े गौरव की बात है क्योंकि पहले कभी सराहनीय कार्य का इतनी जल्दी इनाम नहीं मिला।
बता दें कि खागा कोतवाली क्षेत्र के ईंटगांव में दस दिन पहले एक वर्ग की बारात जा रही थी। रास्ते के विवाद में दो वर्गों के लोग आमने-सामने आ गए थे। सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने लगा था।
पूर्व प्रधान की सूचना पर बीट कांस्टेबल रामकिशोर चंद मिनट में घटनास्थल पर पहुंचे तब तक दोनों पक्ष असलहे व डंडे लेकर आमने-सामने आ गए थे। तभी वह एक पक्ष को किसी तरह किनारे ले गए।
इस कवायद में इन्हें दोनों पक्षों की ओर से गाली भी बर्दाश्त करनी पड़ी। फिर भी हिम्मत न हार धक्कामुक्की के बीच रामकिशोर बवाल को शांत करने में लगे रहे। अंतत: उन्हें सफलता मिल भी गई और तब तक भारी संख्या में फोर्स भी आ पहुंची और बवाल शांत हो गया।
एसपी ने कहा कि अगर सिपाही की बीट में पकड़ मजबूत हो तो कोई भी सांप्रदायिक तनाव की घटना नहीं हो सकती है। बवाल को शांति में बदलने वाले रामकिशोर यादव को मंगलवार को अपने कार्यालय में एसपी राजीव मल्होत्रा व एएसपी राजकमल यादव ने सम्मानित किया।
उधर, कांस्टेबल राम किशोर यादव का कहना है कि यह सम्मान उनके लिए बड़े गौरव की बात है क्योंकि पहले कभी सराहनीय कार्य का इतनी जल्दी इनाम नहीं मिला।