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शराब कारोबारी से मिलीभगत में तत्कालीन एसओ समेत तीन निलंबित
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फतेहपुर। गाजीपुर थानाक्षेत्र के भौली शराब कांड मामले में पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। करीब एक साल पहले गाजीपुर थाने में तैनात रहे तत्कालीन एसओ समेत तीन दरोगा बुधवार शाम निलंबित कर दिए गए।
एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। इन पर भौली कांड में पकड़े गए शराब ठेकेदार को एक साल पहले मुकदमे में क्लीन चिट देने का आरोप है।
भौली गांव में 10 मार्च को शराब पीने से मौत और 19 लोगों की जान खतरे में डालने के मामले में दुर्गेश सिंह उर्फ सीमू सिंह के ठेके की शराब का इस्तेमाल होना सामने आया है।
पुलिस ने शराब सप्लायर संतोष लोधी और सीमू सिंह को मंगलवार को जेल भेजा था। मामले जांच के दौरान सामने आया कि सीमू सिंह के खिलाफ गाजीपुर थाने में 11 मई 2020 को मुकदमा दर्ज हुआ था।
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लॉकडाउन के दौरान सीमू के घर से भारी तादाद में बीयर, देशी, अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। स्वॉट टीम ने मौके से शराब के साथ आरोपी विनोद को पकड़ा था।
थाने के दरोगा उमाशंकर यादव की ओर से सीमू सिंह और विनोद के खिलाफ फर्जीवाड़ा, लॉकडाउन का उल्लंघन और आबकारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की जांच के दौरान विवेचक घनश्याम शुक्ला ने सीमू सिंह का नाम हटा दिया था। जिसमें तत्कालीन एसओ आशीष सिंह को लापरवाही, शिथिल पर्यवेक्षण में दोषी पाया गया।
उनके अलावा तत्कालीन हल्का प्रभारी सुरेश तिवारी भी दोषी पाए गए। इन दिनों आशीष सिंह हथगाम थाने में एसएसआई के पद पर तैनात हैं। एसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि तत्कालीन एसओ, विवेचक और हल्का प्रभारी को निलंबित किया गया है।
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एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। इन पर भौली कांड में पकड़े गए शराब ठेकेदार को एक साल पहले मुकदमे में क्लीन चिट देने का आरोप है।
भौली गांव में 10 मार्च को शराब पीने से मौत और 19 लोगों की जान खतरे में डालने के मामले में दुर्गेश सिंह उर्फ सीमू सिंह के ठेके की शराब का इस्तेमाल होना सामने आया है।
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पुलिस ने शराब सप्लायर संतोष लोधी और सीमू सिंह को मंगलवार को जेल भेजा था। मामले जांच के दौरान सामने आया कि सीमू सिंह के खिलाफ गाजीपुर थाने में 11 मई 2020 को मुकदमा दर्ज हुआ था।
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लॉकडाउन के दौरान सीमू के घर से भारी तादाद में बीयर, देशी, अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। स्वॉट टीम ने मौके से शराब के साथ आरोपी विनोद को पकड़ा था।
थाने के दरोगा उमाशंकर यादव की ओर से सीमू सिंह और विनोद के खिलाफ फर्जीवाड़ा, लॉकडाउन का उल्लंघन और आबकारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की जांच के दौरान विवेचक घनश्याम शुक्ला ने सीमू सिंह का नाम हटा दिया था। जिसमें तत्कालीन एसओ आशीष सिंह को लापरवाही, शिथिल पर्यवेक्षण में दोषी पाया गया।
उनके अलावा तत्कालीन हल्का प्रभारी सुरेश तिवारी भी दोषी पाए गए। इन दिनों आशीष सिंह हथगाम थाने में एसएसआई के पद पर तैनात हैं। एसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि तत्कालीन एसओ, विवेचक और हल्का प्रभारी को निलंबित किया गया है।