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कई जिलों के शराब तस्कर स्वॉट टीम के हत्थे चढ़े
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फतेहपुर। मिलावटी शराब तस्करों के रैकेट का पर्दाफाश करने के करीब पुलिस पहुंच गई है। पड़ोसी जिलों में ताबड़तोड़ छापामारी की गई और कई तस्करों को पकड़ा गया है।
आरोपियों के पास से मिलावटी शराब बनाने का केमिकल और तैयार शराब भी बरामद हुई है। पुलिस को आरोपियों के पास से शराब सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले वाहन भी मिले हैं।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव में 10 मार्च की रात शराब पीने के बाद गांव के भोला पासवान और मोती की मौत हो गई थी। वहीं 19 लोगों की हालत बिगड़ गई थी।
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मिलावटी शराब पीने की पुष्टि के बाद पुलिस हरकत में आई है। स्वॉट टीम पूरे नेटवर्क को खोजने में लगाई गई है। मिलावटी शराब बनाने और तस्करी करने वाले कई गैंग चिन्हित किए गए हैं।
स्वॉट टीम ने बांदा, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली में छापामारी की है। जिले में शराब की सप्लाई देने वाले सात से आठ तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव में शराब की सप्लाई देने वाले पतिराखन भी पकड़ा गया है। पतिराख का परिवार भी घर लौट आया है। पुलिस पतिराखन को लेकर गांव पहुंची। जहां कुछ ठिकानों पर छापामारी की गई है।
प्रकरण का जल्द खुलासा किया जा सकता है। इधर, पुलिस ने भौली गांव शराब कांड मामले में पकड़े गए ठेकेदार सीमू सिंह और उसके गुर्गों पर गैंगस्टर की प्रक्रिया शुरू की है।
गैंगस्टर के बाद ठेकेदार की अवैध कमाई से बनाई अकूत संपत्ति का आकलन भी होगा। उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। एसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि कई गैंग रडार पर आए हैं। जल्द ही मिलावटी शराब कारोबारियों का खुलासा किया जाएगा।
जिले में चिन्हित शराब तस्करों के ठिकाने
शहर में मिलावटी शराब के 10 कारोबारी चिन्हित हैं। शहर के दक्षिणी गौतम नगर, बिलंदपुर, डाक बंगले, आवास विकास, लोधीगंज इलाके में रहते हैं। लखीमपुर खीरी, बकेवर, बाराबंकी के भी 4 शराब तस्करों का जिले में गैंग सक्रिय रहा है।
मलवां थाना क्षेत्र के मीरमऊ का तीन सगे भाइयों, थरियांव थाना क्षेत्र के रमवां के दो सगे भाइयों, चांदपुर थाना क्षेत्र के एक पूर्व प्रधान और एक युवक, गाजीपुर थाना क्षेत्र के अयाह, हुसैनगंज के दो लोग, खागा, धाता, हथगाम, थरियांव में चर्चित शराब तस्करों के ठिकाने हैं। यह सभी पुलिस के रडार पर चल रहे हैं।
अब तक सात हो चुके निलंबित
शराब प्रकरण में आबकारी विभाग और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का सिलसिला चालू है। आबकारी विभाग के खागा तहसील निरीक्षक संदीप त्रिपाठी और सिपाही नारायण दत्त को निलंबित किया गया है।
गाजीपुर थाने के भौली गांव हल्का प्रभारी बृजेश माथुर, सिपाही धर्मेंद्र को एसपी ने निलंबित किया था। वहीं शराब ठेकेदार सीमू सिंह से मिलीभगत पर तत्कालीन एसओ आशीष सिंह, एसआई घनश्याम शुक्ला और एसआई सुरेश तिवारी को निलंबित किया जा चुका है।
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आरोपियों के पास से मिलावटी शराब बनाने का केमिकल और तैयार शराब भी बरामद हुई है। पुलिस को आरोपियों के पास से शराब सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले वाहन भी मिले हैं।
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गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव में 10 मार्च की रात शराब पीने के बाद गांव के भोला पासवान और मोती की मौत हो गई थी। वहीं 19 लोगों की हालत बिगड़ गई थी।
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मिलावटी शराब पीने की पुष्टि के बाद पुलिस हरकत में आई है। स्वॉट टीम पूरे नेटवर्क को खोजने में लगाई गई है। मिलावटी शराब बनाने और तस्करी करने वाले कई गैंग चिन्हित किए गए हैं।
स्वॉट टीम ने बांदा, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली में छापामारी की है। जिले में शराब की सप्लाई देने वाले सात से आठ तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के भौली गांव में शराब की सप्लाई देने वाले पतिराखन भी पकड़ा गया है। पतिराख का परिवार भी घर लौट आया है। पुलिस पतिराखन को लेकर गांव पहुंची। जहां कुछ ठिकानों पर छापामारी की गई है।
प्रकरण का जल्द खुलासा किया जा सकता है। इधर, पुलिस ने भौली गांव शराब कांड मामले में पकड़े गए ठेकेदार सीमू सिंह और उसके गुर्गों पर गैंगस्टर की प्रक्रिया शुरू की है।
गैंगस्टर के बाद ठेकेदार की अवैध कमाई से बनाई अकूत संपत्ति का आकलन भी होगा। उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। एसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि कई गैंग रडार पर आए हैं। जल्द ही मिलावटी शराब कारोबारियों का खुलासा किया जाएगा।
जिले में चिन्हित शराब तस्करों के ठिकाने
शहर में मिलावटी शराब के 10 कारोबारी चिन्हित हैं। शहर के दक्षिणी गौतम नगर, बिलंदपुर, डाक बंगले, आवास विकास, लोधीगंज इलाके में रहते हैं। लखीमपुर खीरी, बकेवर, बाराबंकी के भी 4 शराब तस्करों का जिले में गैंग सक्रिय रहा है।
मलवां थाना क्षेत्र के मीरमऊ का तीन सगे भाइयों, थरियांव थाना क्षेत्र के रमवां के दो सगे भाइयों, चांदपुर थाना क्षेत्र के एक पूर्व प्रधान और एक युवक, गाजीपुर थाना क्षेत्र के अयाह, हुसैनगंज के दो लोग, खागा, धाता, हथगाम, थरियांव में चर्चित शराब तस्करों के ठिकाने हैं। यह सभी पुलिस के रडार पर चल रहे हैं।
अब तक सात हो चुके निलंबित
शराब प्रकरण में आबकारी विभाग और पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का सिलसिला चालू है। आबकारी विभाग के खागा तहसील निरीक्षक संदीप त्रिपाठी और सिपाही नारायण दत्त को निलंबित किया गया है।
गाजीपुर थाने के भौली गांव हल्का प्रभारी बृजेश माथुर, सिपाही धर्मेंद्र को एसपी ने निलंबित किया था। वहीं शराब ठेकेदार सीमू सिंह से मिलीभगत पर तत्कालीन एसओ आशीष सिंह, एसआई घनश्याम शुक्ला और एसआई सुरेश तिवारी को निलंबित किया जा चुका है।