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शराब तस्कर पतिराखन ने कोर्ट में डाली सरेंडर अप्लीकेशन
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फतेहपुर। भौली गांव के शराब कांड होने के बाद से फरार इंद्रो गांव के शराब तस्कर की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापामारी कर रही है।
आरोपी के कई करीबी लोगों को पकड़ा गया है। स्वॉट टीम बांदा जिले को रवाना हुई है। बांदा जिले में मिलावटी शराब की सप्लाई देने वाले बड़े गैंग का पुलिस खुलासा कर सकती है।
इधर आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इसकी भनक लगते ही पुलिस कचहरी परिसर में तैनात हो गई। हालांकि वह सरेंडर नहीं हुआ।
भौली गांव में शराब तस्करी के मामले में इंद्रो गांव के पतिराखन की पुलिस को तलाश है। वह मिलावटी शराब की सप्लाई पहुंचाता था।
उसका कनेक्शन बांदा जिले के एक शराब तस्कर से होना सामने आया है। पइसु पर लिस की एक टीम इंद्रो गांव और पतिराखन के नाते रिश्तेदारों की धरपकड़ में लगी है।
दूसरी ओर स्वॉट टीम मिलावटी शराब कारोबारी के गैंग की धरपकड़ में जुटी है। गाजीपुर क्षेत्र के अयाह गांव से शराब बनाने का केमिकल (ओपी) तीन साल पहले पकड़ा गया था।
केमिकल की सप्लाई बांदा से आई थी। लगातार बांदा जिले से यमुना पट्टी क्षेत्र के शराब ठेकों पर केमिकल की सप्लाई आती है। एक साल यमुना किनारे धाता में भी केमिकल पकड़ा गया था।
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अपरोक्ष तौर पर नौ ठेकों का संचालक है सीमू
आबकारी विभाग की सरपरस्ती में ठेकेदार सीमू सिंह का धंधा फल-फूल रहा था। ठेकेदार अपरोक्ष रूप से नौ शराब दुकानों का संचालक था।
शायद उसने नंबर दो की शराब कारोबार के लिए ही दूसरे लोगों के नाम से दुकानें ले रखी थी। उसका एक आबकारी निरीक्षक के बलबूते धंधा परवान चढ़ रहा था।
अब भी आबकारी विभाग आरोपी पर छत्रछाया बनाए हैं। आबकारी विभाग ने धरपकड़ के बाद संचालक होने के नाते उसके शराब ठेकों पर कोई कार्रवाई का ठोस कदम नहीं उठाया है।
जिला आबकारी अधिकारी संतोष तिवारी ने बताया कि सीमू सिंह के नाम पर सिर्फ लखनऊ बाईपास में संचालित अंग्रेजी शराब की दुकान है। मिलावटी शराब के पौवे पतिराखन ने पहुंचाए थे।
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आरोपी के कई करीबी लोगों को पकड़ा गया है। स्वॉट टीम बांदा जिले को रवाना हुई है। बांदा जिले में मिलावटी शराब की सप्लाई देने वाले बड़े गैंग का पुलिस खुलासा कर सकती है।
इधर आरोपी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इसकी भनक लगते ही पुलिस कचहरी परिसर में तैनात हो गई। हालांकि वह सरेंडर नहीं हुआ।
भौली गांव में शराब तस्करी के मामले में इंद्रो गांव के पतिराखन की पुलिस को तलाश है। वह मिलावटी शराब की सप्लाई पहुंचाता था।
उसका कनेक्शन बांदा जिले के एक शराब तस्कर से होना सामने आया है। पइसु पर लिस की एक टीम इंद्रो गांव और पतिराखन के नाते रिश्तेदारों की धरपकड़ में लगी है।
दूसरी ओर स्वॉट टीम मिलावटी शराब कारोबारी के गैंग की धरपकड़ में जुटी है। गाजीपुर क्षेत्र के अयाह गांव से शराब बनाने का केमिकल (ओपी) तीन साल पहले पकड़ा गया था।
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केमिकल की सप्लाई बांदा से आई थी। लगातार बांदा जिले से यमुना पट्टी क्षेत्र के शराब ठेकों पर केमिकल की सप्लाई आती है। एक साल यमुना किनारे धाता में भी केमिकल पकड़ा गया था।
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अपरोक्ष तौर पर नौ ठेकों का संचालक है सीमू
आबकारी विभाग की सरपरस्ती में ठेकेदार सीमू सिंह का धंधा फल-फूल रहा था। ठेकेदार अपरोक्ष रूप से नौ शराब दुकानों का संचालक था।
शायद उसने नंबर दो की शराब कारोबार के लिए ही दूसरे लोगों के नाम से दुकानें ले रखी थी। उसका एक आबकारी निरीक्षक के बलबूते धंधा परवान चढ़ रहा था।
अब भी आबकारी विभाग आरोपी पर छत्रछाया बनाए हैं। आबकारी विभाग ने धरपकड़ के बाद संचालक होने के नाते उसके शराब ठेकों पर कोई कार्रवाई का ठोस कदम नहीं उठाया है।
जिला आबकारी अधिकारी संतोष तिवारी ने बताया कि सीमू सिंह के नाम पर सिर्फ लखनऊ बाईपास में संचालित अंग्रेजी शराब की दुकान है। मिलावटी शराब के पौवे पतिराखन ने पहुंचाए थे।