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सात और को लील गया बुखार
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:36 AM IST
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अस्पताल में भर्ती मरीज।
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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जिले में 24 घंटे के भीतर बुखार से सात और लोगों की मौत हो गई। एक के बाद एक 26 मौतों से स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ी है। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीमों के कैंप के बावजूद बीमारियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। सीएमओ का दावा है कि वह जल्द ही बीमारी वाले क्षेत्रों में और टीमें भेजकर परीक्षण कराएंगे।
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जिले में कहर बरपाए बीमारियों से डेढ़-दो महीने के भीतर 26 मौतें हो चुकी हैं। इनमें चार मौतें डेंगू से हुईं। बाकी 22 बुखार-डायरिया से चल बसे। ताजी घटनाओं में हरदो सीएचसी के पुरइन गांव के राम सजीवन की बेटी खुशबू (8) बुखार से चल बसी। उसे चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन गांव में ही एक झोलाछाप डाक्टर से इलाज करा रहे थे।
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शहर में हुई जांच में टाइफाइड की पुष्टि हुई थी। गुरुवार को हालत बिगड़ी तो झोलाछाप ने जवाब दे दिया। परिजन खुशबू को सदर अस्पताल लाए। यहां उसने दम तोड़ दिया। असोथर पीएचसी के बेसड़ी गांव के ब्रम्हदत्त शुक्ल की पत्नी रामकली कई दिन से वायरल फीवर की चपेट में थी। गुरुवार दोपहर घर पर ही उसकी मौत हो गई।
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हंसवा पीएचसी के पटैतापुर गांव के शिवमूरत सिंगरौर का बेटा राम किशोर (14) सप्ताह भर से बुखार से बेहाल था। गुरुवार को परिजन उसे पीएचसी ला रहे थे कि रास्ते में उसकी मौत हो गई। खैदीपुर गांव के गौधन लोध के बेटे दरबारी लाल (12) की बुखार से मौत हो गई। उसका हंसवा पीएचसी में इलाज हो रहा था।
अब्दुलापुर सिठियानी गांव के रघुवर सिंह (55) की गुरुवार को दिमागी बुखार से मौत हो गई। उसका प्राइवेट स्तर पर इलाज हो रहा था। शहर के खुशवंत राय नगर निवासी शिव प्रकाश विश्वकर्मा (39) बुखार से पीड़ित था। परिजन इलाज के लिए कानपुर ले गए थे। वहां गुरुवार को मौत हो गई।
बहुआ प्रतिनिधि के मुताबिक मुस्लिम बहुल गांव ललौली के शमशाद के सात साल के बेटे अयान की बुखार से गुरुवार दोपहर मौत हो गई। इसके अलावा गांव के प्रधान मुबारक खान, अब्दुल, दानिश, सफी, मुसाहिब, वकील, उमर, शाहीन, नाजमी, सहावन निशा, कैफ समेत बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। असोथर पीएचसी के एमओआईसी डॉ. पवन बाजपेई ने बताया कि उन्होेंने ललौली के अलावा चौराहा का डेरा में कैंप किया। शुक्रवार को ललौली में फिर कैंप लगाया जाएगा।